—Advertisement—

“समृद्ध मध्यप्रदेश, विकसित मध्यप्रदेश”: CM डॉ. यादव का प्रदेशवासियों के लिए संदेश

Author Picture
Published On: 26 March 2026
cm

—Advertisement—

CM डॉ. यादव ने जताई सिंहस्थ-2028 को विश्व-स्तरीय आयोजन बनाने की प्रतिबद्धता

उज्जैन, 26 मार्च 2026। CM डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर आकाशवाणी उज्जैन से प्रदेशवासियों को संदेश देते हुए सिंहस्थ-2028 को भव्य, अद्वितीय और विश्व-स्तरीय बनाने के लिए सरकार की संकल्पबद्धता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार “समृद्ध मध्यप्रदेश, विकसित मध्यप्रदेश” के विजन के साथ काम कर रही है और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास के नए मानदंड स्थापित कर रही है।

मुख्यमंत्री का यह संदेश प्रदेश के सभी 17 आकाशवाणी केन्द्रों से प्रसारित किया गया और इसे एक करोड़ से अधिक नागरिकों ने सुना।

सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रगति का संगम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, बाबा महाकाल की नगरी, मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश विकास के ऐसे सोपान पर है जहाँ सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रगति एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता, दानवीरता और पराक्रम से प्रेरणा लेकर प्रदेश सरकार सुशासन के नए आयाम स्थापित कर रही है। प्रदेश के नागरिकों को न केवल आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा बल्कि सांस्कृतिक वैभव भी सुरक्षित रहेगा।

सिंहस्थ-2028 को विश्व स्तरीय आयोजन बनाने के लिए सरकार ने विशेष रूप से योजना बनाई है, जिससे यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान प्राप्त करने वाला कार्यक्रम बने।

जल संरक्षण और नदी विकास की महत्वाकांक्षी परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों को माता का स्थान दिया गया है। प्रदेश सरकार ने क्षिप्रा नदी को निर्मल और प्रवाहमान बनाकर रिवर फ्रंट विकसित करने, साथ ही केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं के माध्यम से जल संकट को जड़ से समाप्त करने के लिए हजारों करोड़ रूपये की परियोजनाओं पर काम शुरू किया है।

इस पहल से न केवल जल सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि पर्यटन और स्थानीय जीवन को भी लाभ मिलेगा। उज्जैन जैसे धार्मिक नगरों में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की सुंदरता और सुविधा भी बढ़ेगी।

किसानों के कल्याण के लिए विशेष कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की नींव हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। इस दौरान प्रत्येक खेत तक आधुनिक सिंचाई और कृषि यांत्रिकी की सुविधा पहुंचाई जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्यक्ष और प्रभावी योजनाओं के माध्यम से किसानों की स्थिति में सुधार सुनिश्चित कर रही है।

औद्योगिक और स्टार्ट-अप पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और संभागीय स्तर पर स्थानीय इन्वेस्टर्स समिट आयोजित किए गए हैं। इससे युवाओं को रोजगार और निवेश के अवसर मिलेंगे।

प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश, स्टार्ट-अप और स्व-रोजगार को बढ़ावा देकर सरकार युवा शक्ति को नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने पर काम कर रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने नई शिक्षा नीति (NEP) को देश में सबसे पहले लागू कर छात्रों के लिए वैश्विक अवसर खोले हैं।

वनवासी कल्याण और सामाजिक न्याय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर चलकर वनवासी कल्याण और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। वनवासी भाइयों के सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सरकार भगोरिया को राजकीय पर्व और लोक उत्सव के रूप में नई पहचान दे रही है।

इसके अलावा, वन मेले आयोजित कर वनोपज को बाज़ार उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे वनवासी भाइयों को आय के नए अवसर मिल रहे हैं।

नक्सलवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में नक्सलवाद और अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं है। प्रदेश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है और जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा गया है।

प्रकृति संरक्षण और इको-पर्यटन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के बहुआयामी विकास के लिए प्रकृति संरक्षण और इको-पर्यटन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

  • चीता प्रोजेक्ट
  • नौरादेही अभयारण्य का विस्तार
  • मगरमच्छ और कछुआ संरक्षण

इन प्रयासों ने मध्यप्रदेश को इको-टूरिज्म के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया है। पर्यटन विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर सृजित हो रहे हैं।

महिला सशक्तिकरण और शहरी विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लाडली बहनों’ से लेकर स्व-सहायता समूहों तक, महिला सशक्तिकरण प्रत्येक योजना का केंद्र है।

साथ ही, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे शहरी जीवन अधिक सुगम, आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनेगा।

समृद्ध और विकसित मध्यप्रदेश की ओर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विकास यात्रा केवल उनके अकेले की नहीं है। इसमें कैबिनेट के सहयोगियों का समर्पण और जनता का विश्वास शामिल है।

उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार, नागरिकों और युवाओं की भागीदारी से मध्यप्रदेश को एक वैभवशाली, समृद्ध और विकसित राज्य बनाया जाएगा।

सिंहस्थ-2028 जैसे वैश्विक आयोजन, किसानों की आय, वनवासी कल्याण, पर्यटन विकास, महिला सशक्तिकरण और शहरी सुधार के माध्यम से सरकार समग्र विकास और स्थायित्व सुनिश्चित कर रही है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp