—Advertisement—

प्रेरणादायक निर्णय: अशोक गगरानी नेत्रदान नागदा से दो जिंदगियों में रोशनी, परिवार का तीसरा महान सेवा कार्य बना मिसाल

Author Picture
Published On: 25 March 2026
WhatsApp Image 2026 03 25 at 4.43.44 AM

—Advertisement—

अशोक गगरानी नेत्रदान नागदा की प्रेरक कहानी, जिसमें परिवार ने दुख की घड़ी में दो नेत्रहीनों को रोशनी देकर मानवता की मिसाल पेश की।

अशोक गगरानी नेत्रदान नागदा की घटना

अशोक गगरानी नेत्रदान नागदा एक ऐसी प्रेरणादायक घटना बन गई है, जिसने पूरे शहर को भावुक भी किया और गर्व भी महसूस कराया। नागदा के प्रतिष्ठित गगरानी परिवार में 25 मार्च की सुबह शोक की लहर दौड़ गई, जब 67 वर्षीय श्री अशोक जी गगरानी का आकस्मिक देवलोकगमन हो गया।इस दुखद समय में भी परिवार ने जो निर्णय लिया, वह समाज के लिए एक उज्ज्वल उदाहरण बन गया। परिवारजनों ने नेत्रदान कर दो जरूरतमंद नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में प्रकाश लाने का संकल्प लिया।

WhatsApp Image 2026 03 25 at 4.43.45 AM

परिवार का साहसिक और प्रेरणादायक निर्णय

अशोक गगरानी नेत्रदान नागदा केवल एक सेवा कार्य नहीं बल्कि संवेदनशीलता और जागरूकता का प्रतीक है। सुनील जैन (मोनू) की सूचना पर दिवंगत के पुत्र आदित्य (पिन्टू) गगरानी, भाई आनंदी गगरानी, राजेश गगरानी सहित पूरे परिवार ने सहमति दी।इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि गगरानी परिवार समाज सेवा को केवल शब्दों में नहीं बल्कि कर्मों में भी निभाता है।

समाज के लिए प्रेरणा बनी यह पहल

यह घटना पूरे नागदा शहर में चर्चा का विषय बन गई है। अशोक गगरानी नेत्रदान नागदा ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर किया कि मृत्यु के बाद भी हम किसी के जीवन में उजाला ला सकते हैं।नगरवासियों ने इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे मानवता की सच्ची सेवा बताया। यह कदम दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है कि वे भी नेत्रदान जैसे पुण्य कार्य में भाग लें।

नेत्रदान का महत्व

क्यों है नेत्रदान महादान?

नेत्रदान को महादान इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह किसी व्यक्ति को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। अशोक गगरानी नेत्रदान नागदा इसका जीवंत उदाहरण है।

  • एक व्यक्ति दो लोगों को दृष्टि दे सकता है
  • मृत्यु के बाद भी जीवन में योगदान
  • समाज में सकारात्मक बदलाव

भारत में नेत्रदान की स्थिति

भारत में लाखों लोग दृष्टिहीन हैं, जिन्हें कॉर्निया ट्रांसप्लांट से नई रोशनी मिल सकती है। ऐसे में इस तरह की पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है।

WhatsApp Image 2026 03 25 at 4.43.45 AM 1

नागदा में सेवा कार्यों की भूमिका

अशोक गगरानी नेत्रदान नागदा को सफल बनाने में जैन सोशल ग्रुप नागदा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ब्रजेश बोहरा के प्रयासों से यह नगर का 59वां नेत्रदान बना।वहीं गीता भवन न्यास समिति बड़नगर के डॉ. जी.एल. ददरवाल और उनकी टीम ने 949वां नेत्रदान सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया।इस कार्य में युवा समाजसेवी सी.ए. कमलनयन चपलोत की भूमिका भी सराहनीय रही।

लगातार तीसरा नेत्रदान: गगरानी परिवार की मिसाल

गौरतलब है कि अशोक गगरानी नेत्रदान नागदा पिछले 15 महीनों में गगरानी परिवार द्वारा किया गया तीसरा नेत्रदान है।यह दर्शाता है कि यह परिवार सेवा और मानवता के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ रहा है।

कैसे करें नेत्रदान

नेत्रदान की प्रक्रिया

  • मृत्यु के 4-6 घंटे के भीतर नेत्रदान संभव
  • परिवार की सहमति आवश्यक
  • अधिक जानकारी के लिए नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें

क्या ध्यान रखें

  • आंखों को बंद रखें
  • सिर को ऊंचा रखें
  • तुरंत नेत्रदान संस्था को सूचित करें

निष्कर्ष

अशोक गगरानी नेत्रदान नागदा केवल एक घटना नहीं बल्कि एक संदेश है—मानवता, संवेदनशीलता और सेवा का संदेश। गगरानी परिवार ने यह साबित किया कि दुख की घड़ी में भी महान कार्य किए जा सकते हैं।उनका यह निर्णय समाज के लिए एक प्रेरणा है और आने वाले समय में कई लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करेगा

संवाददाता जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp