Indore अग्निकांड: सात दिन बाद मलबे से निकला आठ साल के तनय का धड़, पुलिसवालों ने चुपचाप दफनाया
Indore के ब्रजेश्वरी इलाके में स्थित अर्हम विला में हुए भयावह अग्निकांड की दुखद घटना में सातवें दिन पुलिस और नगर निगम की टीम ने पुनः सर्चिंग की और आठ वर्षीय तनय का धड़ का हिस्सा मलबे से निकाल लिया। इस घटना में तनय सहित परिवार के कई सदस्य अपनी जान गंवा चुके हैं। पुलिस ने तनय के धड़ को चुपचाप तिलकनगर मुक्तिधाम में दफना दिया।
घटना की पृष्ठभूमि
पिछले बुधवार को उद्योगपति मनोज पुगलिया के घर, अर्हम विला में ईवी कार के कारण आग लगी थी। आगजनी के दौरान 60 वर्षीय मनोज पुगलिया, उनकी पत्नी सिमरन पुगलिया, उनके साले विजय सेठिया, सुमन सेठिया, रुचिका संचेती (जैन), कार्तिक सेठिया, राशि और तनय की मौत हो गई। आठ वर्षीय तनय का शरीर आग में गंभीर रूप से जल गया था, और उसका अधिकांश धड़ मलबे में छिप गया था।
शुरुआती जांच में पुलिस, फायरकर्मी और एसडीईआरएफ टीम ने सोफे के फोम को गलती से तनय का धड़ समझ कर निकाल लिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस अब तनय के धड़ की खोज में थी।
मलबे से मिले अवशेष
मंगलवार को तिलकनगर टीआई मनीष लोधा के नेतृत्व में नगर निगम के कर्मचारियों ने पुनः सर्चिंग की। इस दौरान तनय के धड़ का हिस्सा मलबे में पाया गया। कर्मचारी उसे पोटली में रख कर तिलकनगर मुक्तिधाम ले गए और वहां गुपचाप दफना दिया। आसपास रहने वाले लोगों ने भी मकान के आसपास से दुर्गंध की शिकायत की थी, जिससे पुलिस और निगम कर्मचारियों को मलबे की दोबारा छानबीन करनी पड़ी।
पुगलिया परिवार का बयान
टीआई के अनुसार, जांच के लिए पुलिस ने पड़ोसी भरत जैन और अन्य चार लोगों के बयान दर्ज किए। मंगलवार को मनोज के बेटे सौरभ, सौमिल और हर्षित को भी कथन देने के लिए बुलाया गया था। सौरभ वकील के साथ उपस्थित होने की मांग कर रहे थे, लेकिन अंततः नहीं आए।
पुलिस की निगरानी में परिवार ने घर की अलमारियों को खोला और जरूरी सामान बाहर निकाला। वर्तमान में मकान पुलिस की अभिरक्षा में है। बिजली, फायर सेफ्टी, कार कंपनी और पीडब्ल्यूडी की जांच पूरी होने के बाद ही मकान परिवार को सौंपा जाएगा।
हादसे की संभावित वजह
जांच में अब तक यह सामने आया है कि अग्निकांड की मुख्य वजह इलेक्ट्रिक कार की बैटरी का ओवरचार्ज होना था। विशेषज्ञों के अनुसार, कार रात 11 बजे से सुबह तीन बजे तक लगातार चार्जिंग पर थी। इस दौरान ऑटो कट-ऑफ सिस्टम ने सप्लाई को रोक दिया था, लेकिन लगभग आधे घंटे बाद बिजली फिर से चालू हो गई। इसके कारण बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ा और जोरदार विस्फोट हुआ।
डिजिटल डेटा से पुष्टि
स्मार्ट मीटर और ट्रांसफार्मर के डिजिटल डेटा ने पुष्टि की कि घटना के समय कार चार्जिंग पर थी और घर का लोड भी अधिक था। फायर सेफ्टी टीम ने यह मानना शुरू किया कि आग की शुरुआत वाहन से हुई।
आगजनी के बाद की चुनौतियाँ
इस अग्निकांड में मृतक बच्चों और परिवार के सदस्यों की संख्या के कारण स्थिति और भी संवेदनशील रही। तनय के धड़ का अधिकांश हिस्सा आग और मलबे में गुम हो गया था। इस कारण पुलिस और फायर टीम के लिए मलबे से अवशेष निकालना कठिन था।
Indore पुलिस की कार्रवाई
Indore पुलिस ने तनय के धड़ का हिस्सा सुरक्षित रूप से निकाल कर तिलकनगर मुक्तिधाम में दफनाया। इस कार्रवाई को चुपचाप रखा गया ताकि आसपास के निवासियों में और डर या अफवाहें फैलने का खतरा न रहे।
निष्कर्ष
Indore का यह अग्निकांड शहर और राज्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है। इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन न करना और घर में अत्यधिक लोड जैसी परिस्थितियाँ कई परिवारों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।
अगले कुछ दिनों में पुलिस और फायर विभाग पूरी तरह से जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
