Nagda में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और AITUC नागदा द्वारा 96वां शहिद दिवस मनाया
Nagda , मध्य प्रदेश – 23 मार्च 2026 को नागदा में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू की याद में 96वां शहिद दिवस बड़े श्रद्धा भाव से मनाया गया। इस अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और AITUC नागदा के सदस्यों ने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहिद भगत सिंह चौक रेल्वे स्टेशन मंडी साइड पर विशेष सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम शाम 7 बजे शुरू हुआ और इसमें नगर के कार्यकर्ता, युवा नेता और समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
शहीदों को श्रृद्धांजलि
सभा का शुभारंभ शहीद भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने मिलकर अपने क्रांतिकारी वीरों को याद किया और उन्हें नमन किया। सभा की अध्यक्षता AITUC यूनियन के अध्यक्ष दिलीप पांचाल ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में शहीदों के संघर्ष और बलिदान की महत्ता को रेखांकित किया और वर्तमान परिस्थितियों में उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सबसे पहले किशोर मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त किए और शहीदों के संघर्ष की प्रासंगिकता को आज के युवाओं के दृष्टिकोण से समझाया। इसके पश्चात रामगोपाल परमार ने भी अपने भाषण में शहीदों के बलिदान, उनकी क्रांतिकारी सोच और देश के लिए उनके अदम्य योगदान को विस्तार से साझा किया।

शहीद भगत सिंह पर विस्तृत जानकारी
Nagda के प्रसिद्ध पशु चिकित्सक उमेश चन्देला ने शहीद भगत सिंह के जीवन और उनकी क्रांतिकारी गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे भगत सिंह ने युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने और ब्रिटिश सरकार के अन्याय के खिलाफ जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि सुग्रीव गोरखपुरी ने शहीद भगत सिंह पर कविता का पाठ किया। उनके काव्य पाठ ने सभा में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों के दिलों को छू लिया। कविता में स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष और वीरों की शौर्य गाथा का भावपूर्ण चित्रण किया गया।
AITUC यूनियन के संदेश
यूनियन के प्रधानमंत्री हृदयचंद ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा हाल ही में पारित चार नए लेबर कानूनों के खिलाफ AITUC यूनियन कई आंदोलनों और कार्यक्रमों का आयोजन आगामी समय में करने जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मजदूरों और किसानों के अधिकारों का संरक्षण करना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना यूनियन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जयंत बोराल ने शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव के बारे में क्रांतिकारी भाषण देते हुए कामरेड साथियों को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे ये वीर ब्रिटिश सरकार के पब्लिक सेफ्टी विरोधी बिल और ट्रेड डिस्ट्रिब्यूट बिल के खिलाफ बम फेंकने जैसी क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल हुए थे और अंततः गिरफ्तार हुए।
भाकपा जिला अध्यक्ष नटवरसिंह यादव ने बताया कि यह सभा पिछले पचास वर्षों से यहाँ लगातार आयोजित की जा रही है, इसी कारण इस स्थान का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में बड़े पूंजीपतियों द्वारा मजदूरों और किसानों का अत्यधिक शोषण किया जा रहा है और बेरोजगारी चरम पर है।
अध्यक्षीय भाषण
अंत में अध्यक्ष दिलीप पांचाल ने अपने भाषण में कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव ने ब्रिटिश सरकार द्वारा बनाए गए नागरिक स्वतंत्रता के अधिकारों को कम करने वाले बिलों और मजदूरों पर पाबंदी लगाने वाले कानूनों के खिलाफ अपना जीवन बलिदान किया। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि वर्तमान केंद्र सरकार ने हाल ही में वही चार लेबर कानून पास किए हैं, जो ब्रिटिश शासकों के अधिनायकवादी कानूनों की याद दिलाते हैं। उन्होंने कहा कि एटीसी यूनियन इन कानूनों के खिलाफ लगातार विरोध और जनजागरण करती रहेगी।
सभा का संचालन जयंत बोराल ने किया और कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नारों के साथ इसे समाप्त किया।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और कार्यकर्ता
इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ सदस्य और कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय भाग लिया। इनमें प्रमुख रूप से महेश सोनी, मंजूर खान, विजेन्द्र पांचाल, हरेन्द्र सिंह, तपन पांचाल, श्रवणलाल, राकेश राठौर, मदनलाल जाट, राजेन्द्र रावल, कैलाश लहासे, आकाश यादव, दीपक पाल, विनोद मालवीय, विकास पोरवाल, प्रदीप शेखावत, दीपक, मोहनदास, राहुल, अनिल निषाद और राहुल निषाद सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने सभी कार्यकर्ताओं और उपस्थित नागरिकों के लिए स्वतंत्रता संग्राम, न्याय और सामाजिक जागरूकता की भावना को मजबूत किया। यह आयोजन न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का माध्यम बना, बल्कि युवाओं में क्रांतिकारी सोच और समाज में सक्रिय भागीदारी की प्रेरणा भी जगाई।
निष्कर्ष
96वां शहिद दिवस नागदा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और AITUC यूनियन द्वारा मनाया गया यह कार्यक्रम देशभक्ति, सेवा, न्याय और समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बना। यह आयोजन यह दर्शाता है कि शहीदों का आदर्श केवल याद रखने के लिए नहीं है, बल्कि उनके विचारों और क्रांतिकारी संघर्ष से प्रेरणा लेकर वर्तमान समय में भी समाज में न्याय, समानता और अधिकारों के लिए आवाज उठाना आवश्यक है।
इस प्रकार, यह कार्यक्रम न केवल शहीदों को सम्मान देने का अवसर बना, बल्कि वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
