भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती महंगाई के बीच मनी मार्केट फंड्स निवेशकों की पहली पसंद बन गए हैं। जानिए क्यों 8 ट्रिलियन डॉलर का रिकॉर्ड निवेश इस सेफ विकल्प में हो रहा है।
मनी मार्केट फंड्स: जब सोना-चांदी भी फेल, निवेशकों ने इस विकल्प पर लगा दिए अरबों डॉलर
नई दिल्ली। सोना नहीं, चांदी नहीं, न ही शेयर बाजार… इस समय दुनियाभर के निवेशकों को जो चीज सबसे ज्यादा भा रही है, वह है मनी मार्केट फंड्स (Money Market Funds)। वैश्विक निवेशक इस समय कैश और कैश से जुड़े निवेश विकल्पों में जमकर पैसा लगा रहे हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और बढ़ती महंगाई की आशंकाओं के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की नई परिभाषा गढ़ी है। पारंपरिक सुरक्षित निवेश सोने ने भी अपनी चमक खो दी है, जबकि शेयर बाजार से दूरी बनाते हुए निवेशक अब ‘कैश इज किंग’ (Cash is King) की रणनीति अपना रहे हैं .
यह बदलाव कोई मामूली नहीं है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन्वेस्टमेंट कंपनी इंस्टीट्यूट, जेपी मॉर्गन और क्रेन डेटा (Crane Data) जैसी प्रमुख संस्थाओं के आंकड़े बता रहे हैं कि मनी मार्केट फंड्स में निवेश रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। ये अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म और अत्यधिक लिक्विड (तरल) फंड्स अब करीब 8 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 640 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति संभाल रहे हैं। यह आंकड़ा 7.8 ट्रिलियन से 8.1 ट्रिलियन डॉलर के बीच है, जो भू-राजनीतिक तनाव के दौर में नकदी का अभूतपूर्व जमाव दर्शाता है .
क्या आप जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और क्या यह आपके लिए भी सही मौका है? आइए, इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं।
क्या है मनी मार्केट फंड्स का यह ट्रेंड?
मनी मार्केट फंड्स कोई नई चीज नहीं हैं, लेकिन मौजूदा दौर में इनकी लोकप्रियता ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले साल 2025 में ही इन फंड्स में 935 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ, जो 2024 के आंकड़ों को पीछे छोड़ गया . मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) के शोध के मुताबिक, 2025 में कुल इनफ्लो में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी 34% थी, जबकि संस्थागत निवेशकों ने 64% निवेश किया .
2026 में भी यह ट्रेंड जारी है। फेडरेटेड हर्मीस (Federated Hermes) जैसी दिग्गज एसेट मैनेजमेंट कंपनी, जो $698 बिलियन से अधिक मनी मार्केट फंड्स का प्रबंधन करती है, को इस साल एकल-अंकों में वृद्धि की उम्मीद है . यह वृद्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में ब्याज दरें घट रही हैं, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों का भरोसा कायम है .
निवेशक क्यों कर रहे हैं मनी मार्केट फंड्स में पैसा लगाना पसंद?
सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्या है जो दुनिया के सबसे समझदार निवेशकों को मनी मार्केट फंड्स की ओर खींच रहा है? इसके पीछे कई मजबूत कारण हैं:
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भू-राजनीतिक अनिश्चितता: मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और ईरान संघर्ष ने वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद से ही निवेशक जोखिम भरे निवेशों से दूरी बना रहे हैं . जेपी मॉर्गन (J.P. Morgan) के विकास गुप्ता के अनुसार, जब भविष्य का रास्ता साफ नहीं दिखता, तो कोई भी समझदार निवेशक सबसे पहले अपने जोखिम को कम करता है .
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तेल की कीमतों में उछाल और महंगाई: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने महंगाई की आशंकाओं को जन्म दिया है। बढ़ती महंगाई से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ता है और उपभोक्ताओं की जेब ढीली होती है, जिससे शेयर बाजार नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है .
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पारंपरिक सुरक्षित निवेशों का मोहभंग: सोना (Gold) और सरकारी बॉन्ड (Government Bonds) जैसे पारंपरिक सुरक्षित निवेश विकल्प भी इस बार निवेशकों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। हाल ही में जब भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा, तो सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई, जो दर्शाता है कि अब यह पहले जैसा सुरक्षित आश्रय नहीं रहा .
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आकर्षक रिटर्न और सुरक्षा: फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा ब्याज दरों में कटौती के बावजूद, मनी मार्केट फंड्स अभी भी 3.5% से 4% के बीच रिटर्न दे रहे हैं, जो बैंक की बचत खातों की तुलना में कहीं अधिक है . यह रिटर्न कम जोखिम और उच्च तरलता (Liquidity) के साथ मिलता है, यानी आपको अपना पैसा किसी भी समय निकालने की सुविधा है .
भारतीय बाजार में क्या है मनी मार्केट फंड्स का हाल?
यह ट्रेंड सिर्फ अमेरिका या यूरोप तक सीमित नहीं है। भारत में भी मनी मार्केट फंड्स की धूम मची हुई है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर 2022 में जहां यह सेगमेंट 1.11 लाख करोड़ रुपये का था, वह नवंबर 2025 तक बढ़कर 3.57 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया . यानी महज तीन साल में यह आंकड़ा तीन गुना से अधिक हो गया है।
हाल ही में श्रीराम एसेट मैनेजमेंट कंपनी (Shriram AMC) ने भी एक नया मनी मार्केट फंड लॉन्च किया है, जो इस सेगमेंट में बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है . आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड जैसे दिग्गज खिलाड़ी पहले से ही इस सेगमेंट में मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, जहां उनका फंड साइज 35,000 करोड़ रुपये से अधिक है और यह 7% से अधिक का रिटर्न दे रहा है .
क्या आपको भी करना चाहिए मनी मार्केट फंड्स में निवेश?
वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि हालांकि मनी मार्केट फंड्स वर्तमान में सुरक्षा और तरलता का बेहतरीन संयोजन पेश कर रहे हैं, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। ये फंड लंबी अवधि के लिए धन सृजन (Wealth Creation) का साधन नहीं हैं, बल्कि थोड़े समय के लिए अतिरिक्त नकदी रखने का सुरक्षित विकल्प हैं .
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किसे करना चाहिए निवेश? अगर आपके पास कुछ महीनों से लेकर एक साल तक के लिए अतिरिक्त पैसा है, जिसे आप सुरक्षित रखना चाहते हैं और बैंक के साधारण बचत खाते से थोड़ा अधिक रिटर्न चाहते हैं, तो यह आपके लिए सही विकल्प है।
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किसे नहीं करना चाहिए निवेश? अगर आपका लक्ष्य 5-10 साल में बड़ा फंड तैयार करना है, तो आपको शेयर बाजार या अन्य विकासोन्मुखी निवेशों पर ध्यान देना चाहिए। मनी मार्केट फंड्स उस लक्ष्य को पूरा करने में सक्षम नहीं होंगे।
निष्कर्ष: मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, मनी मार्केट फंड्स ने “कैश इज किंग” की अवधारणा को नई परिभाषा दी है। यह एक ऐसा निवेश है, जो सुरक्षा और तरलता के साथ-साथ बाजार से बेहतर रिटर्न दे रहा है। हालांकि, किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर सलाह लें।


