शेयर मार्केट में तेजी देखते ही बनी। जानिए सेंसेक्स 1500 अंक उछलने और निवेशकों के 5 लाख करोड़ वापस आने की पूरी कहानी, साथ ही बाजार के ताज़ा हालात।
शेयर मार्केट में तेजी: सेंसेक्स 1500 अंक उछला, मिनटों में 5 लाख करोड़ वापस, जानिए बाजार के हालात
सोमवार की भारी गिरावट के बाद मंगलवार को शेयर मार्केट में तेजी देखने को मिली है। सुबह 9:15 बजे कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स ने 1,500 अंकों की छलांग लगा दी। इस शानदार उछाल ने निवेशकों की झोली में मिनटों में 5 लाख करोड़ रुपये वापस ला दिए, जो सोमवार की गिरावट में बह गए थे। आइए, जानते हैं कि आखिर किन वजहों से बाजार में यह जबरदस्त उछाल आया और अब बाजार के हालात क्या हैं।
शेयर मार्केट में तेजी: सुबह की शुरुआत
कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को भारतीय शेयर मार्केट में तेजी के साथ कारोबार शुरू हुआ। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 2 फीसदी (1500 अंक) उछलकर 74,212 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई का निफ्टी भी 400 अंक की मजबूत बढ़त के साथ 22,900 के पार पहुंच गया। यह उछाल सोमवार को आई भारी गिरावट के ठीक एक दिन बाद आया है, जिससे निवेशकों के चेहरे पर राहत देखी गई।
मिनटों में 5 लाख करोड़ रुपये वापस
शेयर मार्केट में तेजी का सीधा फायदा निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। सोमवार को बाजार में भारी बिकवाली के चलते बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) गिरकर 415 लाख करोड़ रुपये पर आ गया था। हालांकि, मंगलवार सुबह महज कुछ मिनटों के कारोबार में ही यह बढ़कर करीब 420 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
इसका मतलब है कि निवेशकों का 5 लाख करोड़ रुपये वापस आ गए। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सोमवार को कारोबार शुरू होते ही 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया था। ऐसे में अभी भी कुल नुकसान की भरपाई नहीं हो पाई है, लेकिन इस तेजी ने बाजार में विश्वास बहाल करने का काम किया है।
“बाजार का यह उतार-चढ़ाव इस वक्त पूरी तरह भू-राजनीतिक खबरों पर निर्भर है। एक अच्छी खबर से अरबों रुपये वापस आ रहे हैं, तो बुरी खबर से अरबों गायब हो रहे हैं।” – एक वरिष्ठ बाजार विश्लेषक।
बाजार में उछाल की ये हैं 3 बड़ी वजहें
शेयर मार्केट में तेजी के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं, जिन्होंने निवेशकों की धारणा को बदल दिया:
ट्रंप का नरम रुख
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा चुनावी दौर में सक्रिय डोनाल्ड ट्रंप का व्यापार को लेकर नरम रुख अपनाने की खबरों ने वैश्विक बाजारों में सकारात्मकता भरी। उनके बयानों से संकेत मिल रहा है कि व्यापार युद्ध को लेकर तनाव कम हो सकता है, जिससे उभरते बाजारों (जैसे भारत) में निवेश बढ़ने की उम्मीद जगी है।
ईरान से बातचीत की उम्मीद
तेल की कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता कम होती नजर आ रही है। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बातचीत की खबरों ने तनाव को कम किया है। ईरान से समझौते की संभावना ने कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज कराई, जो भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। तेल की कीमतें स्थिर रहने से भारतीय अर्थव्यवस्था की चाल मजबूत बनी रहेगी।
स्ट्राइक टलने का असर
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कुछ व्यापारिक संगठनों द्वारा की जा रही हड़ताल (स्ट्राइक) को अगले 5 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया। इस फैसले ने बाजार में कारोबारी गतिविधियों को सामान्य बनाए रखने का भरोसा दिलाया। किसी भी बड़े हड़ताल से आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती थी, लेकिन अब वह खतरा टल गया है।
एशियाई बाजारों और वॉल स्ट्रीट का साथ
भारतीय शेयर मार्केट में तेजी सिर्फ घरेलू वजहों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजारों से भी इसे मजबूत समर्थन मिल रहा है। सोमवार को अमेरिकी बाजार (वॉल स्ट्रीट) सकारात्मक बंद हुए थे। इसका असर आज एशियाई बाजारों पर साफ दिख रहा है।
जापान का निक्की, हांगकांग का हैंग सेंग और चीन के शंघाई कंपोजिट सूचकांक में 2 फीसदी तक की तेजी देखी गई। एशियाई बाजारों की इस मजबूती ने भारतीय बाजार में भी निवेशकों का हौसला बढ़ाया। जब दुनिया भर के बाजार तेजी पर होते हैं, तो विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भी भारत जैसे उभरते बाजार में पैसा लगाने से नहीं चूकते।
क्या अब गिरावट खत्म हुई? जानिए एक्सपर्ट की राय
हालांकि शेयर मार्केट में तेजी ने राहत दी है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अभी स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है। शेयर मार्केट में तेजी का यह दौर फिलहाल “राहत रैली” भर है।
बाजार के हालात अभी भी अनिश्चित बने हुए हैं क्योंकि:
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भू-राजनीतिक तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
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अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है।
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कंपनियों के मार्जिन पर अभी दबाव बना हुआ है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निवेशकों को लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना चाहिए और छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव पर ध्यान नहीं देना चाहिए। जिन निवेशकों ने कल की गिरावट में धैर्य रखा, उन्हें आज राहत मिली है।
निवेशकों के लिए अगला कदम
इस उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे घबराएं नहीं। शेयर मार्केट में तेजी के इस दौर में नए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं:
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एसआईपी जारी रखें: अगर आप म्यूचुअल फंड में एसआईपी कर रहे हैं, तो उसे जारी रखें। बाजार की गिरावट में एसआईपी ज्यादा यूनिट्स देती है।
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गुणवत्ता पर ध्यान दें: उन्हीं कंपनियों के शेयरों में निवेश करें जिनके फंडामेंटल मजबूत हैं।
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मार्जिन से बचें: इस अस्थिरता के दौर में मार्जिन (उधार) पर ट्रेडिंग करने से बचना चाहिए।
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नजर रखें: वैश्विक खबरों और कच्चे तेल की कीमतों पर लगातार नजर बनाए रखें।
आज शेयर मार्केट में तेजी ने यह संदेश दिया है कि बाजार में अभी जान है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेश हमेशा अपनी जोखिम क्षमता (रिस्क प्रोफाइल) के अनुसार ही करें।
