Jabalpur में जीएसटी और इनकम टैक्स पर विशेष परिचर्चा सफलतापूर्वक सम्पन्न
Jabalpur । मध्यभारत के अग्रणी टैली पार्टनर पीसी प्लेनेट और टैली सॉल्यूशन्स प्रा. लि. के संयुक्त तत्वावधान में, सीए एसोसिएशन और टैक्स बार एसोसिएशन, जबलपुर के सहयोग से सोमवार, 23 मार्च 2026 को होटल कृष्णा, भंवरताल गार्डन के सामने, “जीएसटी एवं इनकम टैक्स पर परिचर्चा” का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
यह कार्यक्रम विशेष रूप से चार्टर्ड अकाउंटेंट, कर अधिवक्ता, उद्योगपति और व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए ज्ञानवर्धक और तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।
दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ
परिचर्चा का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर शहर के अनेक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट, टैक्स विशेषज्ञ, उद्योगपति और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को गरिमामयी बनाया।
मुख्य उद्देश्य व्यवसायों और कर प्रैक्टिशनरों को जीएसटी और इनकम टैक्स के नवीन नियमों, आधुनिक तकनीकी नवाचारों और डिजिटल अनुपालन के बारे में जानकारी प्रदान करना था।
Tally Prime 7.0 और स्मार्ट बिज़नेस सॉल्यूशन्स पर ध्यान
इस विशेष परिचर्चा में Tally Prime 7.0 के नवीनतम फीचर्स पर विशेष जोर दिया गया। टैली सॉल्यूशन्स के बिज़नेस मैनेजर ने उपस्थित प्रतिभागियों को स्मार्ट बिज़नेस ऑटोमेशन सॉल्यूशन्स और अकाउंटिंग एवं टैक्सेशन में तकनीकी नवाचारों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
उन्होंने Tally के माध्यम से जीएसटी और इनकम टैक्स अनुपालन करते हुए सटीक रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और व्यावहारिक बताया, जिससे उन्हें अपने व्यवसाय में कर अनुपालन को और सरल एवं प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

इनकम टैक्स के नए नियमों की जानकारी
वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट मनोज जैन ने 1 अप्रैल से लागू होने वाले इनकम टैक्स के नए नियमों पर विस्तृत और व्यावहारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि नए नियमों के तहत कौन-कौन से बदलाव होंगे और व्यवसायिक संस्थाओं को किस प्रकार की तैयारियाँ करनी चाहिए।
प्रतिभागियों ने इस सत्र को अत्यंत महत्वपूर्ण और भविष्य के दृष्टिकोण से उपयोगी माना, क्योंकि इससे वे आगामी वित्तीय परिवर्तनों के अनुरूप अपने व्यवसाय और अकाउंटिंग प्रैक्टिस को तैयार कर सकते हैं।
क्लाउड और डिजिटल टैली का प्रभावी उपयोग
परिचर्चा में पीसी प्लेनेट के निदेशक नितिन जैन ने बदलते तकनीकी परिवेश और व्यवसायिक जरूरतों के अनुसार टैली को क्लाउड के माध्यम से किस तरह प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है, इस पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि क्लाउड तकनीक से टैली के डेटा सुरक्षित रहते हैं, टीम के विभिन्न सदस्य वास्तविक समय में डेटा एक्सेस कर सकते हैं और रिपोर्टिंग एवं रिटर्न फाइलिंग प्रक्रियाएं सरल और तेज़ हो जाती हैं।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट उपस्थितजन
इस परिचर्चा में मुख्य अतिथि के रूप में सीए अखिलेश जैन (स्वतंत्र निदेशक, गेल इंडिया) उपस्थित रहे। इसके साथ ही प्रमुख अतिथि सीए चांदनी आहूजा (अध्यक्ष, सीए एसोसिएशन, जबलपुर) और एडवोकेट शिविर नेमा (अध्यक्ष, टैक्स बार एसोसिएशन) ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
अन्य गणमान्य अतिथियों में वरिष्ठ कर सलाहकार गणेश नारायण पुरोहित, सीए प्रणव अग्रवाल, सीए तरुण पारवानी, सीए कैलाश अग्रवाल, एडवोकेट प्रितपाल सिंह और पंकज अग्रवाल शामिल थे। इन सभी ने अपने अनुभव और सुझाव साझा कर कार्यक्रम की उपयोगिता बढ़ाई।
परिचर्चा का महत्व और लाभ
पीसी प्लेनेट के निदेशक नितिन जैन ने बताया कि इस प्रकार की परिचर्चाएं व्यवसायिक संस्थाओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट और टैक्स प्रैक्टिशनरों को बदलते कर नियमों और तकनीकी नवाचारों के अनुरूप सक्षम और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल टूल्स और स्मार्ट सॉल्यूशन्स का उपयोग कर कर अनुपालन, रिटर्न फाइलिंग और वित्तीय रिपोर्टिंग प्रक्रिया को सरल और तेज़ बनाया जा सकता है। इससे व्यवसायों में पारदर्शिता, दक्षता और सटीकता सुनिश्चित होती है।
संक्षेप में निष्कर्ष
यह परिचर्चा जबलपुर के चार्टर्ड अकाउंटेंट, टैक्स प्रैक्टिशनर, अकाउंटेंट और व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक साबित हुई।
- Tally Prime 7.0 के फीचर्स और स्मार्ट ऑटोमेशन पर लाइव डेमो
- इनकम टैक्स के नए नियमों और उनके प्रभाव पर व्यावहारिक जानकारी
- क्लाउड आधारित डिजिटल समाधान का उपयोग
- व्यवसायिक संस्थाओं के कर अनुपालन और दक्षता में सुधार
इस प्रकार के कार्यक्रम व्यवसायिक समुदाय को तकनीकी रूप से सक्षम, नियमों के प्रति सतर्क और व्यवसायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शी बनाने में मदद करते हैं।
प्रतिभागियों ने इसे न केवल ज्ञानवर्धक बल्कि व्यावहारिक दृष्टि से भी बेहद लाभकारी माना, जिससे उनकी कर अनुपालन और वित्तीय प्रबंधन में दक्षता और वृद्धि होगी।
