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Jabalpur-रायपुर फोरलेन रोड: 100 KM/H की रफ्तार, 5000 करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना, यात्रा अब सिर्फ डेढ़ घंटे में

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Published On: 23 March 2026
Jabalpur
— "जबलपुर-रायपुर फोरलेन सड़क: 100 KM/H की रफ्तार, यात्रा अब सिर्फ डेढ़ घंटे में, 5000 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना तैयार"

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Jabalpur-रायपुर फोरलेन रोड: 100 KM/H की रफ्तार, 5000 करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना, यात्रा अब सिर्फ डेढ़ घंटे में

Jabalpur: जबलपुर से रायपुर तक की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जल्द ही इस मार्ग को फोरलेन सड़क में बदलने की योजना तैयार की जा रही है। वर्तमान में यह मार्ग केवल टू-लेन है, जिसके चलते अक्सर ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाएं और धीमी आवाजाही जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। नई योजना के तहत लगभग 150 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 5000 करोड़ रुपये होगी।

नई सड़क बन जाने के बाद Jabalpur से मंडला होते हुए चिल्पी तक का सफर, जो अब लगभग 3 घंटे में पूरा होता है, केवल डेढ़ घंटे में तय किया जा सकेगा। इसका मतलब यह है कि यात्रियों का समय बचेगा और सफर अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगा।

फोरलेन सड़क का मार्ग और योजना

Jabalpur -मंडला-चिल्पी मार्ग पर फोरलेन सड़क का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इस मार्ग के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) भी बनाई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

परियोजना के तहत, उन स्थानों पर जहां जंगल और वन्यजीवों की आवाजाही अधिक है, वहां अंडरपास और ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इससे हिरण, तेंदुआ और अन्य वन्यजीव सुरक्षित रूप से एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जा सकेंगे। यह पहल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और वन्य जीवन को सुरक्षित रखने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वर्तमान टू-लेन सड़क की समस्याएँ

वर्तमान में Jabalpur से रायपुर तक का यह मार्ग संकरी टू-लेन सड़क है। इसका नतीजा यह होता है कि भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान अक्सर ट्रैफिक जाम लग जाता है और मोड़ों पर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इसके अलावा, यात्रियों को धीमी गति और सड़क की खराब स्थिति के कारण सफर में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नई फोरलेन सड़क इन समस्याओं का समाधान करेगी। सड़क चौड़ी होने के साथ-साथ आधुनिक सुविधाएं, जैसे डिवाइडर, साइन बोर्ड, सर्विस रोड और पर्याप्त लेन, उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे वाहन चालकों और यात्रियों दोनों के लिए सुरक्षा और सुविधा बढ़ेगी।

वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा

इस सड़क का मार्ग घने जंगलों और संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्रों से होकर गुजरता है। इसलिए परियोजना में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना मुख्य प्राथमिकता होगी।

  • जिन स्थानों पर वन्यजीवों की आवाजाही अधिक है, वहां अंडरपास और ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा।
  • इससे हिरण, तेंदुआ और अन्य वन्यजीव सुरक्षित रूप से अपनी आवाजाही कर पाएंगे।
  • परियोजना के दौरान पर्यावरणीय नियमों का पालन किया जाएगा, ताकि वन क्षेत्र और उसकी जैव विविधता को नुकसान न पहुंचे।

अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि सड़क निर्माण में पर्यावरण और वन्यजीव सुरक्षा के लिए तकनीकी उपायों का प्रयोग किया जाएगा। इससे क्षेत्रीय पारिस्थितिकी तंत्र पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा।

फोरलेन सड़क से यातायात में सुधार

फोरलेन सड़क बनने के बाद वाहन की रफ्तार में वृद्धि होगी। वर्तमान में टू-लेन सड़क पर वाहन औसतन 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलते हैं। फोरलेन सड़क पर यह गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी।

इसका मतलब है कि यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा अधिक आरामदायक हो जाएगी। इसके अलावा, सड़क चौड़ी होने से दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक हल हो जाएगी।

सड़क पर डिवाइडर, साइन बोर्ड और सर्विस रोड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह न केवल यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि सड़क पर सुरक्षा मानकों को भी मजबूत करेगा।

आर्थिक और सामाजिक लाभ

यह फोरलेन परियोजना न केवल यात्रा समय कम करेगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

  • जबलपुर और रायपुर के बीच व्यापार और यातायात आसान होगा।
  • औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
  • क्षेत्रीय पर्यटन और व्यापारिक कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
  • सड़क निर्माण से स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना मध्य प्रदेश के परिवहन नेटवर्क को मजबूत करेगी और लंबी अवधि में राज्य के आर्थिक विकास में सहायक साबित होगी।

परियोजना का समय और लागत

इस महत्वाकांक्षी फोरलेन परियोजना की अनुमानित लागत 5000 करोड़ रुपये है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण में समय का अनुमान है कि परियोजना कुछ वर्षों में पूरी हो जाएगी।

सड़क बनने के बाद यात्रियों को फायदा तुरंत दिखेगा, क्योंकि लंबी दूरी की यात्रा समय में लगभग आधा घट जाएगी। यह सुविधा व्यवसायिक और व्यक्तिगत यात्रियों दोनों के लिए फायदेमंद होगी।

निष्कर्ष

Jabalpur-रायपुर फोरलेन सड़क योजना न केवल यात्रियों के लिए यात्रा समय कम करेगी और सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा का भी ध्यान रखेगी। 150 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

सड़क बनने के बाद वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे और यात्रा समय डेढ़ घंटे तक कम हो जाएगा। परियोजना की कुल लागत 5000 करोड़ रुपये होगी और यह मध्य प्रदेश के परिवहन नेटवर्क और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस योजना से Jabalpur-रायपुर मार्ग पर यात्रा करना अब न केवल तेज, बल्कि सुरक्षित और सुविधाजनक भी होगा।

 

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