मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तेज बारिश और ओलों का कारण दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान क्षेत्र में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और उत्तर-पश्चिम भारत में कमजोर वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) था। इन प्राकृतिक घटनाओं ने प्रदेश के मौसम को अस्थायी रूप से ठंडा कर दिया था।
अब तापमान तेजी से बढ़ रहा है
हालांकि अब मौसम साफ होते ही तापमान में तेजी से वृद्धि होने लगी है। राजधानी भोपाल में पिछले कुछ दिनों की ठंडक के बाद अब अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। दिन में तेज धूप निकलने लगी है और लोगों को गर्मी का अनुभव फिर से होने लगा है।
सबसे ज्यादा तापमान वाले शहर
MP के अलग-अलग संभागों में तापमान की स्थिति इस प्रकार रही:
- नर्मदापुरम – 37.7 डिग्री
- रायसेन – 37.6 डिग्री
- रतलाम – 37.2 डिग्री
- खरगोन – 36.0 डिग्री
- ग्वालियर – 35.9 डिग्री
इसी तरह, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 33 से 34 डिग्री के बीच पहुंच गया है। जबलपुर, सागर और रीवा संभाग में भी दिन के तापमान में वृद्धि हुई है। हालांकि, रात के समय हल्की ठंडक अभी भी बनी हुई है, जिससे लोग थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं।
MP मौसम विभाग की चेतावनी और भविष्यवाणी
MP मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए चेतावनी जारी की है कि प्रदेश में दिन के तापमान में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। वर्तमान में पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह से साफ और शुष्क है। इस वजह से तापमान में और तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि मार्च के अंत तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर और तेज हो जाएगा।
इसके अलावा, मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत में 26 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो रहा है। हालांकि वर्तमान में यह सिस्टम मध्य प्रदेश तक असर नहीं डाल रहा है, लेकिन आने वाले समय में इसके हल्के प्रभाव का अनुभव प्रदेश के कुछ हिस्सों में हो सकता है।
वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। हालांकि इसका असर फिलहाल मध्य प्रदेश में नहीं पड़ रहा है। लेकिन इस सिस्टम के कारण आसमान के साफ होने और तेज धूप निकलने की परिस्थितियाँ बनी हुई हैं, जिससे तापमान में वृद्धि हुई है।
अप्रैल और मई में और भी गर्मी की संभावना
मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई के महीने के लिए प्रदेश में अत्यधिक गर्मी पड़ने की भविष्यवाणी की है। इन दो महीनों के दौरान ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी दिन के तापमान में वृद्धि होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल और मई में तापमान की वृद्धि का मुख्य कारण सूरज की तीव्रता और प्रदेश में बारिश की कमी है। तेज धूप, शुष्क मौसम और वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण लोगों को गर्मी का अनुभव पहले से अधिक होगा। इसलिए इस दौरान पानी की पर्याप्त मात्रा लेना, धूप में लंबे समय तक रहने से बचना और जरूरत पड़ने पर ठंडी वस्त्रों का उपयोग करना आवश्यक होगा।
निष्कर्ष
चार दिन की बारिश और ओलों के बाद MP का मौसम अब पूरी तरह से बदल चुका है। साफ आसमान और तेज धूप के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी की वापसी हो गई है। आने वाले दिनों में तापमान में निरंतर वृद्धि होने की संभावना है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अप्रैल और मई के महीने में प्रदेश के कई हिस्सों में असामान्य गर्मी पड़ सकती है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
