आज का सर्राफा बाजार का रुख
20 मार्च 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार ने कल यानी 19 मार्च की ऐतिहासिक गिरावट के बाद जबरदस्त रिकवरी दिखाई। निवेशकों और ज्वेलर्स को राहत मिली क्योंकि Gold और Silver दोनों कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई।
MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर 2 अप्रैल डिलीवरी वाला 24 कैरेट सोना 1.93% यानी 2803 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़त के साथ 147,757 रुपये पर कारोबार कर रहा था। वहीं, 05 मई डिलीवरी वाली चांदी में 3.06% यानी 7090 रुपये की तेजी आई, जिससे कीमत 238,550 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
कल की गिरावट और आज की रिकवरी
19 मार्च को सोने में लगभग 6000 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट और चांदी में 18,000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट देखी गई थी। इस गिरावट के बाद आज सुबह से ही बाजार ने जोरदार वापसी दिखाई।
विश्लेषकों के अनुसार, यह तेजी मुख्य रूप से निचले स्तरों पर खरीदारी (Value Buying) और त्योहारी मांग से प्रभावित रही। निवेशक और ज्वेलर्स गिरावट के बाद सोना-चांदी को आकर्षक स्तर पर खरीदने लगे।
Gold का भाव और बाजार संकेत
सोने की कीमतें सुबह के शुरुआती कारोबार में 3,000 रुपये की तेजी भी पार कर गई थीं। इस उछाल के बाद 24 कैरेट सोना 147,757 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की यह रिकवरी केवल तकनीकी सुधार (Technical Bounce) है, और बाजार में अस्थिरता (Volatility) अभी भी बनी हुई है।
Silver में सुपरफास्ट रफ्तार
चांदी ने भी कल की भारी गिरावट के बाद आज अपने स्तर को जल्दी सुधार लिया। 05 मई डिलीवरी वाली चांदी में 3.06% की तेजी देखने को मिली। इस रिकवरी के बाद चांदी की कीमत अब 238,550 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
विश्लेषक मानते हैं कि त्योहारों की बढ़ती मांग और निवेशकों की खरीदारी ने चांदी को तेजी देने में मदद की।
वैश्विक संकेत और बाजार पर असर
सोने और चांदी की कीमतों पर वैश्विक बाजार के संकेतों का भी असर पड़ा।
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डॉलर में स्थिरता: डॉलर की मजबूती में थोड़ी स्थिरता आने से कीमती धातुओं को सहारा मिला।
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भू-राजनीतिक तनाव: ईरान और कतर के बीच प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर हुए हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावटें कीमतों को प्रभावित कर रही हैं।
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अमेरिकी महंगाई: PPI डेटा और तेल की ऊंची कीमतों ने अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर किया, जिससे सोने पर दबाव बना रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे बने रह सकती हैं, जिससे निवेशक सुरक्षित एसेट यानी सोना-चांदी में रुचि बनाए रख सकते हैं।
साप्ताहिक गिरावट और निवेशकों की रणनीति
भारत में Gold और Silver की कीमतों में लगातार दूसरे हफ्ते गिरावट आई। गुरुवार को सोना लगभग ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जो 5.03% की साप्ताहिक गिरावट दर्शाता है। चांदी 12.26% गिरकर ₹2.36 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गई।
विश्लेषकों का सुझाव है कि छोटे निवेशकों को किस्तों में निवेश (SIP Mode) करने की सलाह दी जा रही है। इससे बाजार की अस्थिरता के बावजूद जोखिम कम किया जा सकता है।
तेल और सोने की संबंध
हालांकि सोना सेफ-हेवन एसेट के तौर पर लोकप्रिय है, मौजूदा भू-राजनीतिक संकट में तेल भी निवेश विकल्प के रूप में उभर रहा है।
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यदि मध्य-पूर्व का टकराव मध्यम अवधि तक जारी रहता है, तो सोने में निवेश का फैसला रियल यील्ड, अमेरिकी डॉलर की चाल और डिफेंसिव एसेट की जरूरत पर निर्भर करेगा।
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तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे बाजार में सोने की स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है।
केंद्रीय बैंकों की खरीद और वैश्विक रुझान
2025 में केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की जबरदस्त खरीद देखी गई थी। जनवरी 2026 में कुल खरीद केवल 5 टन रही, जबकि 2025 में यह औसत 27 टन प्रति माह था।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भले ही इस साल केंद्रीय बैंकों की रुचि कम रही हो, फिर भी सोने की लंबी अवधि की मांग बनी रह सकती है।
MCX पर सोने-चांदी का भाव
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सोना (अप्रैल 2026 डिलीवरी): ₹1,48,302 प्रति 10 ग्राम, बढ़त 3,340 रुपये (3%)
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चांदी (मई 2026 डिलीवरी): ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम, बढ़त 8,540 रुपये (3.6%)
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार की रिकवरी तकनीकी सुधार के चलते हुई, लेकिन निकट भविष्य में मंदी का नजरिया अभी भी बना हुआ है।
निवेशकों के लिए सलाह
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छोटी किस्तों में निवेश करें (SIP Mode)
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बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए भावों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखें
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त्योहारों और मांग के मौसम में खरीदारी के अवसर का लाभ उठाएं
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वैश्विक आर्थिक संकेत और ब्याज दरों पर ध्यान दें
निष्कर्ष
Gold और Silver ने कल की ऐतिहासिक गिरावट के बाद आज मजबूत वापसी की।
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सोना लगभग 147,757 रुपये प्रति 10 ग्राम पर
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चांदी 238,550 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है
हालांकि, वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक तनाव की वजह से बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशकों को सावधानी के साथ, क्रमिक निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
