F-35: पांचवीं पीढ़ी का विवादित लड़ाकू जेट
अमेरिका का F-35 स्टील्थ फाइटर जेट पिछले कुछ समय से सुर्खियों में है। इसे 5th generation fighter jet के रूप में पेश किया गया, लेकिन वास्तविकता में इसके कई तकनीकी और सुरक्षा मुद्दे सामने आए हैं।
पिछले साल जून में ब्रिटिश नेवी के F-35B को केरल में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। अमेरिका से खरीदे गए इस जेट की तकनीकी खामियों के कारण उसे ठीक होने में लंबा समय लगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 8 साल में कम से कम 11 दुर्घटनाएं F-35 के साथ हुई हैं।
ईरान ने F-35 को इंटरसेप्ट किया
हाल ही में ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी F-35 स्टील्थ जेट को इंटरसेप्ट कर हिट किया। इससे अमेरिकी वायुसेना को गंभीर नुकसान हुआ और जेट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
यह घटना F-35 की स्टील्थ तकनीक और लड़ाकू क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अगर यह जेट वास्तव में पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ एयरक्राफ्ट है, तो फिर ईरान जैसे देश ने इसे कैसे इंटरसेप्ट कर लिया?
भारत ने F-35 खरीदने में क्यों रोका
भारत को पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट चाहिए था, ताकि चीन द्वारा विकसित J-20 और पाकिस्तान को सप्लाई किए जा रहे JF-17 जैसे एयरक्राफ्ट का मुकाबला किया जा सके।
हालांकि, भारत ने F-35 खरीदने का फैसला स्थगित रखा। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं:
- तकनीकी खामियां: F-35 की स्टील्थ और हार्डवेयर पर सवाल उठ चुके हैं।
- इंटरसेप्शन खतरा: ईरान जैसे देशों द्वारा इसे आसानी से निशाना बनाया जा सकता है।
- वेपन इंटीग्रेशन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: भारत को अपने हथियार और सेंसर सिस्टम जोड़ने में दिक्कत हो सकती थी।
इसके बजाय, भारत अब रूसी Su-57 या अन्य घरेलू विकल्पों पर भी ध्यान दे रहा है।
F-35 दुर्घटना/इंटरसेप्शन टाइमलाइन (2018–2026)
पिछले आठ वर्षों में F-35 के साथ हुई प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:
- 28 सितंबर 2018: अमेरिकी मरीन कॉर्प्स का F-35B दक्षिण कैरोलिना में इंजन दोष के कारण क्रैश।
- 9 अप्रैल 2019: जापानी वायुसेना का F-35A प्रशांत महासागर में गिरा, पायलट की मृत्यु।
- 29 सितंबर 2020: USMC F-35B का टैंकर विमान से टकराव।
- 24 जनवरी 2022: अमेरिकी नौसेना का F-35C लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त।
- 19 अक्टूबर 2022: यूटा हिल एयर फोर्स बेस पर F-35A क्रैश।
- 15 दिसंबर 2022: टेक्सास में असफल वर्टिकल लैंडिंग के कारण F-35B दुर्घटना।
- 17 सितंबर 2023: प्रशिक्षण के दौरान F-35B क्रैश।
- 29 मई 2024: न्यू मैक्सिको में परीक्षण के दौरान F-35B दुर्घटना।
- 28 जनवरी 2025: अलास्का में F-35A हाइड्रोलिक सिस्टम फेल, पायलट सुरक्षित।
- 30 जुलाई 2025: कैलिफोर्निया में अमेरिकी नौसेना का F-35 दुर्घटनाग्रस्त।
- 19 मार्च 2026: ईरान ने F-35 को इंटरसेप्ट कर नुकसान पहुंचाया।
इन घटनाओं ने F-35 की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।
F-35 बनाम चाइनीज JF-17
भारत ने तकनीकी और सुरक्षा कारणों से F-35 खरीदने से परहेज किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, F-35 अब चाइनीज JF-17 जितना ही भरोसेमंद नहीं रहा।
- JF-17 पाकिस्तान और चीन द्वारा डेवलप किया गया।
- ऑपरेशन सिंदूर में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने JF-17 को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया।
- इसका मतलब यह है कि F-35 की स्टील्थ तकनीक भी असली जंग में सीमित साबित हो सकती है।
भारत के विकल्प और रणनीति
भारत को 5th generation fighter jets की जरूरत है। वर्तमान में विकल्पों में शामिल हैं:
- रूसी Su-57: उन्नत एयरक्राफ्ट, भारतीय हथियार प्रणाली से इंटीग्रेटेबल।
- डोमेस्टिक LCA Tejas Mk2: हल्का लड़ाकू जेट, कम लागत में उच्च कार्यक्षमता।
- MiG-35 और अन्य बहु-भूमिका एयरक्राफ्ट।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत को सटीक और भरोसेमंद तकनीक चुननी होगी। F-35 जैसी अस्थिर और विवादित तकनीक खरीदना लंबी अवधि में जोखिम भरा साबित हो सकता है।
F-35 की चुनौतियां
- स्टील्थ क्षमताओं पर सवाल – ईरान जैसे देशों ने इसे इंटरसेप्ट कर दिखाया।
- हार्डवेयर और इंजन की समस्याएं – कई दुर्घटनाओं में कारण बना।
- उच्च लागत – भारत के लिए अरबों डॉलर खर्च करना जोखिमपूर्ण।
- टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का मुद्दा – हथियार और सेंसर सिस्टम को जोड़ना मुश्किल।
इसलिए, भारत ने अब इस खरीद पर सतर्कता बरती है।
निष्कर्ष
F-35 को खरीदना भारत के लिए अब संभव नहीं लगता।
- तकनीकी खामियां और दुर्घटनाओं की लंबी लिस्ट इसे अविश्वसनीय बनाती हैं।
- ईरान द्वारा इंटरसेप्शन ने इसकी स्टील्थ क्षमता पर गंभीर सवाल उठाए।
- भारत अब सुरक्षित, भरोसेमंद और इंटीग्रेटेबल विकल्पों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
इसलिए, भारत ने F-35 खरीदने का फैसला टाल दिया, और अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए अन्य विकल्पों की समीक्षा कर रहा है।
