अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने Iran पर “सबसे बड़े हमले” की घोषणा की
वॉशिंगटन से खबर
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि Iran पर अब तक के सबसे बड़े हमले की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान में 7000 से अधिक ठिकानों पर कार्रवाई की है और भविष्य में एक और बड़े हमले की उम्मीद है। हेगसेथ ने जोर देकर कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहा युद्ध पूरी तरह अमेरिका की शर्तों पर ही समाप्त होगा।
Iran की सैन्य क्षमता कमजोर
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने दावा किया कि अमेरिकी क्षमताएं लगातार मजबूत हो रही हैं, जबकि ईरान की सैन्य क्षमता लगातार कमजोर पड़ रही है। उन्होंने मीडिया को बताया कि अमेरिकी हमलों ने ईरान के हवाई रक्षा तंत्र को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।
हेगसेथ ने कहा कि खर्ग द्वीप पर अमेरिकी हमलों ने अमेरिका को ईरान के भविष्य पर नियंत्रण दिला दिया है। उन्होंने आलोचकों की बातों को खारिज करते हुए कहा कि मीडिया में यह कभी न खत्म होने वाला युद्ध बताया जा रहा है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
अमेरिका का लक्ष्य स्पष्ट
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका के ईरान में उद्देश्य में कोई बदलाव नहीं आया है। उनका कहना है कि अमेरिकी रणनीति बिल्कुल सही दिशा में है।
मुख्य लक्ष्यों में शामिल है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल न हों। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले अमेरिकी सेना पर युद्ध शुरू होने के बाद से 90% तक कम हो गए हैं।
ईरान को हुए नुकसान का ब्योरा
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने ईरान को हुए नुकसान का ब्योरा भी साझा किया। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा नुकसान ईरान की नई बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता को हुआ है।
इसके अलावा, अमेरिकी हमलों में कम से कम 120 ईरानी जहाज या तो नष्ट किए गए हैं या डुबो दिए गए हैं।
ईरानी नौसेना की सतह पर चलने वाली क्षमताएं पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। इसके अलावा, ईरान की 11 पनडुब्बियां पूरी तरह नष्ट कर दी गई हैं।
हेगसेथ ने कहा कि यह नुकसान ईरान की समुद्री और सैन्य क्षमताओं को लगभग निष्क्रिय कर देता है।
ईरानी कमांडर की स्थिति “अस्थायी”
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने ईरानी सेना में नेतृत्व को अस्थायी और अस्थिर बताया। उनका कहना है कि वर्तमान समय में ईरानी कमांडर की नौकरी ऐसी है, जिसे कोई भी व्यक्ति सबसे कम करना चाहेगा।
उन्होंने ईरानी शासन की तुलना गाजा में हमास से करते हुए आरोप लगाया कि ईरान सुरंगों, रॉकेट, मिसाइलों और ड्रोन में भारी निवेश कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी हमलों ने ईरानी क्षमताओं को कमजोर कर दिया है।
अमेरिकी रणनीति की खास बातें
- सैन्य शक्ति का प्रदर्शन: अमेरिकी सेना ने ईरान के 7000+ ठिकानों पर हमले कर अपनी सैन्य क्षमता साबित की है।
- नियंत्रण पर जोर: खाड़ी में युद्ध अमेरिकी नियंत्रण और शर्तों के तहत ही खत्म होगा।
- डिजिटल और भौतिक हमला: खर्ग द्वीप और अन्य ठिकानों पर हुए हमलों से अमेरिका को रणनीतिक बढ़त मिली।
- ईरानी क्षमताओं की हानि: नौसेना, पनडुब्बियां और मिसाइल निर्माण की क्षमताओं को नुकसान पहुंचा।
- ईरान का नेतृत्व अस्थिर: ईरानी कमांडरों की स्थिति अस्थायी और अनिश्चित।
ईरान पर हमले का वैश्विक असर
हेगसेथ के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता की लहर दौड़ गई है। अमेरिकी हमलों के व्यापक प्रभाव ने खाड़ी क्षेत्र के भू-राजनीतिक संतुलन को प्रभावित किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई न केवल ईरान पर दबाव बनाने के लिए है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और परमाणु हथियार रोकने के लिए भी रणनीतिक कदम है।
मीडिया और आलोचना
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने मीडिया की आलोचनाओं को खारिज किया, जिसमें कहा गया कि ईरान संघर्ष एक लंबे युद्ध में बदल सकता है। हेगसेथ का कहना है कि यह स्थिति अमेरिकी रणनीति के अनुकूल है और मीडिया की भयभीत कहानी वास्तविकता से बहुत दूर है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना की लगातार कार्रवाई और ईरानी क्षमताओं की हानि सुनिश्चित करती है कि अमेरिका अपने लक्ष्यों में सफल होगा।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिका की भूमिका
खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य क्षमता और रणनीतिक शक्ति का प्रदर्शन वैश्विक सुरक्षा दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। अमेरिका ने यह स्पष्ट किया है कि वह किसी भी खतरे का जवाब देने में सक्षम है और ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है।
हेगसेथ ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और युद्ध अमेरिका की शर्तों पर ही समाप्त होगा।
निष्कर्ष
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का बयान ईरान और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति को दर्शाता है। ईरान की सैन्य क्षमताओं पर अमेरिकी हमलों ने बड़ा असर डाला है और अमेरिकी रणनीति स्पष्ट रूप से उसके लक्ष्यों को साधने पर केंद्रित है।
यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय राजनीति, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। खाड़ी में जारी संघर्ष और अमेरिका की शक्ति प्रदर्शन से स्पष्ट है कि अमेरिका अपने रणनीतिक उद्देश्यों में पूरी तरह जुटा हुआ है।
