Jabalpur: ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में नौकरी के नाम पर 30 लाख की ठगी, 10 बेरोजगार हुए शिकार
जालसाजी का खुलासा
Jabalpur के रांझी थाना क्षेत्र में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। तीन आरोपियों ने 10 बेरोजगारों को फंसाकर कुल 30 लाख रुपए की ठगी की। आरोपियों ने युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर भ्रमित किया। जब युवाओं ने फैक्ट्री में नौकरी लेने के लिए दस्तावेज दिखाए, तो उन्हें पता चला कि नियुक्ति पत्र पूरी तरह से फर्जी हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पीड़ितों की शिकायत
शहपुरा डिंडौरी निवासी ज्ञान सिंह और उनके साथी पीड़ितों ने रांझी थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि ठगों की पहचान रांझी निवासी प्रदीप कश्यप, युवराज पटेल और अजीत सोनी के रूप में हुई। आरोपियों ने उन्हें नौकरी का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम वसूली।
ज्ञान सिंह ने बताया कि उन्होंने और उनके साथी युवाओं ने रोजगार पाने की आस में आरोपियों को कुल 30 लाख रुपए दिए, लेकिन अब न तो उन्हें नौकरी मिली और न ही रुपए वापस मिले।
नौकरी का झांसा और रकम की वसूली
साल 2022 में आरोपियों ने पीड़ितों को कहा कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में भर्ती निकली है। यदि दस लोग एक साथ आवेदन करेंगे, तो उनकी नौकरी सुनिश्चित हो जाएगी। इसके एवज में प्रत्येक उम्मीदवार से 3 लाख रुपए की मांग की गई।
उन्हें विश्वास दिलाने के लिए आरोपियों ने कहा कि उनके साथ अन्य उम्मीदवारों की संख्या भी पूरी होनी चाहिए। इसके लिए ज्ञान सिंह ने अपने परिवार और परिचितों से संपर्क किया, जिनमें लखन लाल झारिया, सुरेंद्र सिंह कुलस्ते, बलवीर, ओमप्रकाश मसराम, नारायण सिंह मरावी, पदाली सिंह, प्रकाश कुंजाम, अजय भगत और पूजा सिंह शामिल थे। सभी ने 3-3 लाख रुपए ठगों को दे दिए।
फर्जी नियुक्ति पत्र और वास्तविकता का खुलासा
रकम लेने के बाद आरोपियों ने दो साल तक युवाओं को कोई नौकरी नहीं दी। जब पीड़ितों ने दबाव बनाया और उनकी रकम लौटाने की मांग की, तो आरोपियों ने सभी 10 उम्मीदवारों को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाए।
फैक्ट्री पहुंचने पर युवाओं को पता चला कि नियुक्ति पत्र पूरी तरह नकली थे। इस पर पीड़ितों ने रांझी थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और ठगी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।
आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इनमें से कुछ के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी, धमकी और मारपीट के मामले दर्ज हैं। पुलिस उनके पिछले अपराधों की पुष्टि कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में विशेष टीम गठित की गई है।
इस मामले में मुख्य आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
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प्रदीप कश्यप, रांझी, जबलपुर
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युवराज पटेल, रांझी, जबलपुर
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अजीत सोनी, रांझी, जबलपुर
फरार आरोपियों में अनीश पटेल, गंगाराम पटेल और अन्य सहयोगी शामिल हैं।
नौकरी के नाम पर ठगी का सामाजिक असर
इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि बेरोजगार युवाओं का सपना और रोजगार की लालसा ठगों के लिए कैसे अवसर बन जाती है। पीड़ित युवाओं ने लाखों रुपए गंवा कर न केवल वित्तीय नुकसान उठाया, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी परेशान हुए।
विशेषज्ञों का कहना है कि नौकरी के झांसे में आकर युवाओं को हमेशा सावधान रहना चाहिए और किसी भी तरह की रकम जमा करने से पहले सभी सरकारी प्रक्रियाओं और पात्रता को अच्छी तरह जाँचना चाहिए।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की योजना
रांझी थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और फरार अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह पाया गया कि ठगों ने युवाओं को भ्रमित करने के लिए विभिन्न फर्जी दस्तावेज और नियुक्ति पत्र का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कोई भी बेरोजगार बिना जांच और प्रमाणिक जानकारी के किसी भी माध्यम से पैसे न दे।
पीड़ितों की प्रतिक्रिया
पीड़ितों ने मीडिया से कहा कि वे कभी नहीं सोच सकते थे कि इस तरह की ठगी उनके साथ होगी। उन्होंने अन्य युवाओं से भी अपील की है कि नौकरी पाने के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति पर भरोसा न करें।
एक पीड़ित ने कहा, “हमारी मेहनत और उम्मीदों के साथ खेला गया। अब हम चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी सजा मिले ताकि कोई और युवा इस तरह की ठगी का शिकार न बने।”
निष्कर्ष और सावधानी
यह मामला बेरोजगार युवाओं के लिए एक चेतावनी के रूप में सामने आया है। नौकरी पाने के लालच में लाखों रुपए गंवाने से बचने के लिए हमेशा सरकारी वेबसाइटों और आधिकारिक सूत्रों से ही जानकारी लेना चाहिए।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी शंका होने पर तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराएं और पैसे या दस्तावेज देने से पहले पूरी जांच करें।
