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“Gold-Silver के दाम में गिरावट: अंतरराष्ट्रीय तनाव और बाजार के दबाव से दिल्ली-मुंबई समेत शहरों में कीमतें लुढ़कीं”

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Published On: 19 March 2026
gold silver

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Gold-Silver Price Fall: अंतरराष्ट्रीय तनाव और बाजार दबाव के बीच सोने-चांदी के दाम लुढ़के, जानें ताजा भाव

Gold-Silver की कीमतों में गिरावट का कारण

भारतीय सर्राफा बाजार में गुरुवार, 19 मार्च 2026 को Gold-Silver की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजारों में जारी आर्थिक अस्थिरता, मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौजूदा नीतियां मुख्य कारण हैं। निवेशकों का रुख जोखिम से बचाव की ओर रहा, जिससे घरेलू मूल्य प्रभावित हुए।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी के भाव केवल अंतरराष्ट्रीय संकटों से प्रभावित नहीं होते, बल्कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों, तेल और ऊर्जा की कीमतें और वैश्विक मांग की स्थिति भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

वैश्विक बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर सीधे घरेलू कीमतों पर दिख रहा है।

  • स्पॉट गोल्ड (US): $4,836 प्रति औंस, जिसमें लगभग 1.22% की गिरावट
  • स्पॉट सिल्वर (US): $75.75 प्रति औंस, 2.25% से अधिक गिरावट

मध्य-पूर्व (US-ईरान) में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं। वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने लगातार दूसरी बार ब्याज दरों को यथावत रखने का निर्णय लिया है, जिससे निवेशक अब फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के आगामी बयानों पर नजर रखे हुए हैं।

अमेरिकी डॉलर की मजबूती सोने और चांदी के निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना महंगा होता है, जिससे मांग घटती है और कीमतों में गिरावट आती है। इसके अलावा, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करता है।

भारतीय सर्राफा बाजार की स्थिति

भारतीय वायदा बाजार (MCX) में गुरुवार को सोना और चांदी के भाव में नरमी देखी गई।

  • सोना: ₹1,51,909 प्रति 10 ग्राम
  • चांदी: ₹2,43,535 प्रति किलोग्राम

शहरों में ताजा भाव (प्रति ग्राम)

शहर 24 कैरेट (99.9%) 22 कैरेट (91.6%) 18 कैरेट (75%)
दिल्ली / अयोध्या ₹15,479 ₹14,190 ₹11,613
मुंबई / पुणे ₹15,464 ₹14,175 ₹11,598
भोपाल ₹15,779 ₹14,464 ₹11,835
अहमदाबाद / सूरत ₹15,469 ₹14,180 ₹11,603
पटना / राजकोट ₹15,469 ₹14,180 ₹11,603

नोट: भोपाल में अन्य शहरों की तुलना में कीमतें थोड़ी अधिक दर्ज की गई हैं।

इससे यह साफ है कि शहरों के बीच टैक्स, स्थानीय चार्ज और मेकिंग फीस के कारण कीमतों में मामूली अंतर बना रहता है।

कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण

सोने और चांदी के भाव में गिरावट के पीछे कई महत्वपूर्ण आर्थिक और भू-राजनीतिक कारण हैं:

  1. ब्याज दरों का असर
    फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती न करना डॉलर को मजबूती देता है। डॉलर मजबूत होने से सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ता है। निवेशक ब्याज दरों के आधार पर ही सोने और चांदी में निवेश का निर्णय लेते हैं।
  2. मुनाफावसूली (Profit Booking)
    हाल के महीनों में सोने और चांदी के भाव ऊंचे स्तर तक पहुंच चुके थे। निवेशक इस समय मुनाफावसूली कर रहे हैं। जब बड़े पैमाने पर निवेशक अपने लाभ को सुरक्षित करने के लिए बिक्री करते हैं, तो बाजार में आपूर्ति बढ़ती है और कीमतें गिरती हैं।
  3. भू-राजनीतिक अनिश्चितता
    मध्य-पूर्व में ईरान-इजरायल संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों में डर पैदा किया है। हालांकि बाजार ने फिलहाल इस जोखिम को अपनी कीमतों में समाहित कर लिया है, फिर भी वैश्विक तनावों की खबरों पर कीमतों में अस्थिरता देखी जा सकती है।
  4. तेल और ऊर्जा के दाम
    तेल की बढ़ती कीमतें अक्सर सोने और चांदी के दामों को प्रभावित करती हैं। तेल और गैस की महंगाई से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है, जिससे निवेशक सुरक्षित संपत्ति की ओर रुख करते हैं।

Gold-Silver निवेशकों के लिए सुझाव

विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

  • लंबी अवधि के निवेशक वर्तमान गिरावट को अवसर के रूप में देख सकते हैं, लेकिन तुरंत लाभ कमाने के लिए निवेश करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
  • मूल्य अस्थिरता के कारण छोटे निवेशकों को टुकड़ों में निवेश करना चाहिए, न कि एक ही बार में बड़ा निवेश।
  • निवेश से पहले अपने नजदीकी जौहरी या सर्राफा बाजार से सटीक दाम और कर चार्ज की जानकारी लेना जरूरी है।

वैश्विक और घरेलू आर्थिक स्थिति का विश्लेषण

वैश्विक आर्थिक माहौल में कई कारक सोने और चांदी के भाव को प्रभावित करते हैं:

  1. मध्य-पूर्व संघर्ष
    ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव कच्चे तेल की सप्लाई को प्रभावित करता है। तेल महंगा होने पर मुद्रास्फीति बढ़ती है और निवेशक सोना खरीदकर सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं।
  2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां
    ब्याज दरों में बदलाव सीधे डॉलर की ताकत और सोने की कीमतों को प्रभावित करता है। जब ब्याज दरें स्थिर रहती हैं, तो सोने पर दबाव बढ़ता है।
  3. वैश्विक मांग और सप्लाई
    चीन, भारत और यूरोप में सोने की मांग वैश्विक स्तर पर कीमतों को प्रभावित करती है। मांग में गिरावट या सप्लाई में बढ़ोतरी से कीमतें नीचे आती हैं।

स्थानीय बाजारों में प्रभाव

भारत में सोने और चांदी की कीमतें स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और राज्य-विशेष नियमों से प्रभावित होती हैं।

  • दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद जैसे बड़े बाजारों में कीमतें सामान्य रूप से स्थिर रहती हैं।
  • भोपाल और छोटे शहरों में स्थानीय चार्ज और कम मांग के कारण कीमतें थोड़ी अधिक या कम हो सकती हैं।

निवेशक अपने शहर के बाजार से लाइव कीमतें लेना अधिक सुरक्षित रहेगा।

निष्कर्ष

Gold-Silver की कीमतें केवल निवेश का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिति और भू-राजनीतिक तनाव का भी संकेत देती हैं।

इस समय निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे भावों में उतार-चढ़ाव को समझें और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान दें।

महत्वपूर्ण सूचना: ऊपर दिए गए भाव सांकेतिक हैं और इनमें GST, TCS और अन्य स्थानीय कर शामिल नहीं हैं। सटीक दाम के लिए अपने नजदीकी जौहरी या सर्राफा बाजार से संपर्क करें।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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