Indore News: खुली हवा पर भी टैक्स, नगर निगम वसूलेगा MOS Tax, जनता पर 500 से 4,000 रुपये सालाना का अतिरिक्त बोझ
Indore में नगर निगम ने एक नया प्रस्तावित कर, MOS Tax (Marginal Open Space Tax), लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस कर के तहत, मकान मालिकों से उनके घर के आसपास छोड़े गए खाली रास्ते या खुले स्पेस पर टैक्स वसूला जाएगा। यदि यह कर लागू हो जाता है, तो संपत्तिधारकों को हर साल 500 रुपये से लेकर 4,000 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है।
MOS Tax क्या है?
MOS Tax का मतलब है Marginal Open Space Tax, जिसे नगर निगम द्वारा उन मकानों के लिए लगाया जाएगा, जहां मालिकों ने घर के निर्माण के दौरान कुछ हिस्सा खुला छोड़ा होता है, ताकि घर के आसपास हवा, रोशनी और खुले स्थान का प्रावधान बना रहे।
Indore नगर निगम का कहना है कि यह कर लागू करने से संपत्ति कर संग्रह में वृद्धि होगी और शहर के खाली स्पेस का बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित किया जा सकेगा। हालांकि, इस प्रस्तावित कर को लेकर इंदौर की जनता में चिंता और विरोध की भावना भी बढ़ रही है।
संपत्तिधारकों पर आर्थिक प्रभाव
यदि MOS Tax लागू किया गया, तो मकान मालिकों को अपने खाली स्पेस के लिए सालाना 500 रुपये से लेकर 4,000 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कर सामान्य नागरिकों और मध्यम वर्गीय संपत्ति मालिकों के लिए वित्तीय बोझ बढ़ा सकता है। कई संपत्ति मालिक मानते हैं कि उन्होंने खुला स्पेस अपने घर के डिज़ाइन और सुविधा के लिए छोड़ा था, न कि नगर निगम के लिए।
कांग्रेस का विरोध और ज्ञापन सौंपना
इसी प्रस्तावित कर को लेकर इंदौर शहर कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार को नगर निगम कार्यालय का घेराव करते हुए कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगमायुक्त क्षितिज सिंघल को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की कि MOS Tax पर फिलहाल रोक लगाई जाए और इसे वापस लिया जाए। कांग्रेस का कहना है कि घर के खाली स्थान पर संपत्ति कर लगाना मनमाना और अवैध है।
नगर निगमायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल थे:
- पार्षद दीपू यादव
- पार्षद सीमा सोलंकी
- पार्षद सेफू वर्मा
- पार्षद सोनीला मिमरोट
- पार्षद राजू भदोरिया
- पार्षद अमित पटेल
- पार्षद सुदामा चौधरी
- पार्षद राजेश चौकसे
गांधीवादी विरोध की तैयारी
Indore कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि यदि नगर निगम इस कर की वसूली करता है, तो कांग्रेस और आम जनता सड़क पर उतरकर विरोध करेगी। उनका विरोध पूरी तरह से गांधीवादी और शांतिपूर्ण होगा।
कांग्रेस का कहना है कि नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जब भी MOS Tax वसूलने के लिए किसी संपत्ति पर जाएँगे, कांग्रेस नेता और पार्षद वहां पहुंचकर शांति और कानून का पालन करते हुए विरोध करेंगे।
चिंटू चौकसे ने आगे कहा कि, “खुले स्थान पर संपत्ति कर लगाना पूरी तरह से मनमानी है। इंदौर की जनता पर इस प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं लगाया जाना चाहिए। कांग्रेस इस मुद्दे पर हर स्तर पर विरोध करेगी और नगर निगम से इसे वापस लेने की मांग करेगी।”
नगर निगम की मंशा और उद्देश्य
Indore नगर निगम का कहना है कि MOS Tax से शहर में खाली जगह का बेहतर रख-रखाव और साफ-सफाई सुनिश्चित की जा सकेगी। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कर विशेष रूप से उन इलाकों के लिए जरूरी है, जहां घरों के बीच पर्याप्त खुली जगह नहीं है और शहर की योजना के अनुरूप सफाई, पार्किंग और सड़क चौड़ाई में सुधार करना आवश्यक है।
हालांकि, नगरपालिका और जनता के बीच विवाद का मुख्य कारण यह है कि संपत्तिधारकों को बिना पूर्व सूचना और व्यापक चर्चा के अतिरिक्त वित्तीय बोझ देना मुश्किल होगा।
संपत्तिधारकों की चिंता
अधिकांश संपत्ति मालिक मानते हैं कि उन्होंने खुले स्थान घर के निर्माण के दौरान नियमों और डिजाइन के अनुसार छोड़े थे। MOS Tax लागू होने पर उन्हें न केवल वित्तीय दबाव महसूस होगा, बल्कि यह उन्हें शहर की योजना पर भी नियंत्रण का नुकसान प्रतीत होगा।
संपत्ति मालिकों का कहना है कि यह कर मध्यवर्गीय और सामान्य परिवारों के लिए भारी पड़ सकता है। कई लोगों ने कहा कि सरकार को पहले जनता से सुझाव लेना चाहिए था और कर के प्रभाव का व्यापक अध्ययन करना चाहिए था।
भविष्य की योजना और प्रशासन की प्रतिक्रिया
Indore नगर निगम ने फिलहाल कोई अंतिम आदेश नहीं जारी किया है। प्रशासन ने कहा है कि MOS Tax प्रस्ताव अभी विचाराधीन है और जनता और राजनीतिक दलों से सुझाव लिए जा रहे हैं।
नगर निगम का कहना है कि यदि कर को लागू किया गया, तो इसे सही ढंग से और पारदर्शिता के साथ वसूला जाएगा, ताकि संपत्ति मालिकों पर अत्यधिक बोझ न पड़े।
निष्कर्ष
Indore में MOS Tax प्रस्तावित कर एक नया विवादास्पद मुद्दा बन गया है।
- मकान मालिकों को खाली स्पेस या खुले रास्तों पर सालाना 500–4,000 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।
- कांग्रेस और जनता इस कर के विरोध में ज्ञापन सौंप रही है और शांतिपूर्ण विरोध की योजना बना रही है।
- नगर निगम का उद्देश्य शहर की योजना और रख-रखाव सुधारना है, लेकिन जनता और संपत्ति मालिकों की चिंताओं का समाधान करना जरूरी है।
यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का केंद्र बन चुका है और आगामी दिनों में Indore की जनता इस प्रस्तावित कर के बारे में और अपडेट पाने की उम्मीद कर रही है।
