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Chaitra Navratri 2026 शुभ मुहूर्त: जानें पालकी पर मां दुर्गा का आगमन, कलश स्थापना समय, पूजा विधि और विशेष महत्व

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Published On: 17 March 2026
Chaitra Navratri 2026 में मां दुर्गा पालकी पर आगमन करती हुईं

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Chaitra Navratri 2026: पालकी पर सवार होकर आएंगी मां, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Chaitra Navratri 2026 कब से शुरू होंगे

Chaitra Navratri 2026 का शुभारंभ 19 मार्च 2026 से हो रहा है। यह पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे शक्ति की आराधना का विशेष समय कहा जाता है।

इस वर्ष चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि:

  • प्रारंभ: 19 मार्च सुबह 6:52 बजे
  • समाप्त: 20 मार्च सुबह 4:52 बजे

इसी दिन से नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी।

मां दुर्गा का आगमन: पालकी पर सवार होंगी माता

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Chaitra Navratri 2026 में विशेष बात यह है कि मां दुर्गा पालकी (डोली) पर सवार होकर पृथ्वी पर आगमन करेंगी।

इसका क्या संकेत है?

ज्योतिष के अनुसार:

  • पालकी पर आगमन अस्थिरता और उतार-चढ़ाव का संकेत देता है
  • समाज में बदलाव, प्राकृतिक घटनाओं या राजनीतिक हलचल की संभावना
  • लोगों को संयम और सतर्कता बनाए रखने की सलाह

वहीं, माता की विदाई हाथी पर होगी, जो समृद्धि और शुभ संकेत माना जाता है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 

Chaitra Navratri 2026 में कलश स्थापना के लिए दो प्रमुख शुभ मुहूर्त बताए गए हैं:

पहला मुहूर्त:

  • सुबह: 06:52 बजे से 07:43 बजे तक

दूसरा मुहूर्त:

  • दोपहर: 12:05 बजे से 12:53 बजे तक

ध्यान रखें:

  • कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त या शुभ चौघड़िया में ही करें
  • राहुकाल में स्थापना से बचें

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घटस्थापना (कलश स्थापना) की विधि

Chaitra Navratri 2026 की शुरुआत घटस्थापना से होती है। यह पूजा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

आवश्यक सामग्री:

  • मिट्टी का कलश
  • जौ (जवारे)
  • नारियल
  • आम के पत्ते
  • गंगाजल
  • लाल कपड़ा

विधि:

  • पूजा स्थल को साफ करें
  • मिट्टी में जौ बोएं
  • कलश में जल भरकर रखें
  • आम के पत्ते और नारियल रखें
  • माता दुर्गा का ध्यान करें
  • दीप और धूप जलाकर आरती करें
Chaitra Navratri 2026 की शुरुआत घटस्थापना
Chaitra Navratri 2026 की शुरुआत घटस्थापना

नवरात्र के नौ दिनों का महत्व

Chaitra Navratri 2026 में हर दिन मां के अलग स्वरूप की पूजा होती है:

दिन देवी का स्वरूप महत्व
पहला शैलपुत्री शक्ति की शुरुआत
दूसरा ब्रह्मचारिणी तप और साधना
तीसरा चंद्रघंटा शांति और साहस
चौथा कूष्मांडा सृष्टि की रचयिता
पांचवां स्कंदमाता मातृत्व
छठा कात्यायनी शक्ति
सातवां कालरात्रि बुराई का नाश
आठवां महागौरी पवित्रता
नौवां सिद्धिदात्री सिद्धि प्रदान

बाजारों में बढ़ी रौनक

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Chaitra Navratri 2026 के चलते बाजारों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

प्रमुख चीजों के दाम:

  • चुनरी: ₹20 से ₹1200
  • नारियल: ₹30–₹50
  • माता की मूर्ति: ₹200 से ₹5000

लोग खासतौर पर:

  • पूजा सामग्री
  • सजावट
  • दीप और फूल

की खरीदारी कर रहे हैं।

धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

Chaitra Navratri 2026 केवल एक पर्व नहीं, बल्कि:

  • आत्मशुद्धि का अवसर
  • सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का समय
  • नए कार्यों की शुरुआत का शुभ काल

विशेष लाभ:

  • घर में सुख-शांति आती है
  • आर्थिक स्थिति मजबूत होती है
  • मानसिक शांति मिलती है

विशेष सावधानियां

  • व्रत के दौरान सात्विक भोजन करें
  • लहसुन-प्याज से बचें
  • साफ-सफाई का ध्यान रखें
  • नकारात्मक विचारों से दूर रहें

 निष्कर्ष

Chaitra Navratri 2026 इस वर्ष विशेष महत्व लेकर आया है, क्योंकि मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आ रही हैं। यह जहां एक ओर चेतावनी का संकेत देता है, वहीं उनकी विदाई हाथी पर होना सुख-समृद्धि का प्रतीक है।यदि आप पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं और श्रद्धा बनाए रखते हैं, तो यह नवरात्र आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

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