नागदा में ग्रेसिम द्वारा आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह में महिलाओं को आत्मविश्वास, सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के प्रेरक संदेश दिए गए।
नारी शक्ति सम्मान समारोह नागदा: महिलाओं के सम्मान और आत्मविश्वास का संदेश
नागदा में आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह नागदा ने महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और सुरक्षा के महत्व को उजागर किया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ग्रेसिम उद्योग द्वारा बिरला हाउस सभा गृह में इस भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को जागरूक बनाना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना और समाज में उनके सम्मान को मजबूत करना था।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और प्रेरणादायक संदेशों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद लिया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि महिलाओं को उचित सम्मान और अवसर मिलें, तो वे समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
महिलाओं के आत्मसम्मान पर प्रेरक संदेश
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ऊर्जा डेस्क महिला अपराध प्रभारी एवं उपनिरीक्षक योगिता उपाध्याय उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि महिलाओं के सम्मान की शुरुआत घर से ही होती है। जब परिवार में महिलाओं को सम्मान मिलता है, तभी वही भावना समाज और राष्ट्र में भी दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि महिलाएँ अपने आत्मसम्मान को समझें और स्वयं को कमजोर नहीं बल्कि “क्वीन” की तरह आत्मविश्वास के साथ जीवन जिएँ। समाज में महिलाओं की भूमिका केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकती हैं।
कॉन्फिडेंस बिल्डिंग और आत्मविकास का मंत्र
नारी शक्ति सम्मान समारोह नागदा के दौरान योगिता उपाध्याय ने महिलाओं को कॉन्फिडेंस बिल्डिंग के कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि अक्सर महिलाएँ अपने जीवन को एक प्रकार का “सुधार गृह” बना लेती हैं, जहाँ वे परिवार की हर समस्या को अपने ऊपर ले लेती हैं।
उन्होंने महिलाओं से कहा—
“Stop being a Sudhar Grah, give importance to yourself.”
इस संदेश के माध्यम से उन्होंने महिलाओं को अपने आत्मविकास पर ध्यान देने और अपने जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा दी।
उन्होंने “Make 1% better every day” का कॉन्सेप्ट भी समझाया। उनका कहना था कि यदि हर दिन व्यक्ति अपने जीवन में थोड़ा-थोड़ा सुधार करता है, तो कुछ ही समय में वह बड़ी सफलता प्राप्त कर सकता है।
साइबर अपराध से बचाव के महत्वपूर्ण टिप्स
आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी विषय पर जागरूकता फैलाने के लिए नारी शक्ति सम्मान समारोह नागदा में साइबर सुरक्षा पर भी विशेष चर्चा की गई।
योगिता उपाध्याय ने बताया कि साइबर अपराधी सीधे ठगी नहीं करते। वे पहले एक भावनात्मक कहानी बनाते हैं और व्यक्ति को जल्दी निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं। इस प्रक्रिया को उन्होंने “Emotional Fishing” कहा।
उन्होंने महिलाओं को सलाह दी कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन से पहले उसकी सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है।
साइबर सुरक्षा के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं:
👉 https://cybercrime.gov.in
एडीपीओ कल्पना मोवेल का प्रेरक संबोधन
इस अवसर पर सहायक जिला अभियोजन अधिकारी (एडीपीओ) कल्पना मोवेल ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने अपनी प्रोफेशनल यात्रा के अनुभवों को बताते हुए कहा कि जीवन में कभी भी संतुष्ट होकर रुकना नहीं चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति के पास स्पष्ट लक्ष्य और मजबूत संकल्प हो, तो वह किसी भी चुनौती को अवसर में बदल सकता है।
कल्पना मोवेल ने यह भी बताया कि उनके पति के सहयोग और मार्गदर्शन से उन्हें अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने में मदद मिली। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने सपनों को कभी छोटा न समझें।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाया उत्साह
नारी शक्ति सम्मान समारोह नागदा के दौरान कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। प्रतिभागियों ने नृत्य और संगीत के माध्यम से महिला शक्ति का संदेश दिया।
विशेष रूप से “ओ वुमनिया (O Womaniya)” गीत पर प्रस्तुत नृत्य ने पूरे सभागार का माहौल उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। कलाकारों की जोशीली प्रस्तुति ने उपस्थित सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि महिलाएँ केवल जिम्मेदारियों का बोझ नहीं उठातीं, बल्कि जीवन को खुशियों और ऊर्जा से भी भर देती हैं।
समाज में महिला सशक्तिकरण का महत्व
आज के समय में महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं बल्कि समाज की आवश्यकता बन गया है। शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व के हर क्षेत्र में महिलाएँ अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं।
नारी शक्ति सम्मान समारोह नागदा जैसे कार्यक्रम महिलाओं को प्रेरित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यदि समाज में महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिले, तो देश का विकास कई गुना तेज हो सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथि
इस अवसर पर संस्थान के इकाई प्रमुख एवं अध्यक्ष शांतनु कुलकर्णी तथा यूनिट एचआर हेड सुधीर कुमार सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मानव संसाधन प्रबंधन प्रमुख अंकुर पारीक, एडमिन प्रमुख राहुल राजू तथा एचआर विभाग की एकता शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम का संचालन एचआर विभाग की श्रुति शुक्ला और भाविक नागर ने संयुक्त रूप से किया।

