अयोध्या धाम श्रीराम कथा 2026 का भव्य आयोजन 6 से 13 अप्रैल तक हनुमानगढ़ी अयोध्या में होगा। आमंत्रण कार्ड वितरण प्रारम्भ, कथा वाचक पं. कमलेश शर्मा।
अयोध्या धाम श्रीराम कथा 2026: भव्य आयोजन का शुभारम्भ
अयोध्या धाम श्रीराम कथा 2026 के पावन आयोजन को लेकर धार्मिक वातावरण में उत्साह का माहौल बन गया है। भगवान श्रीराम की पावन नगरी हनुमानगढ़ी अयोध्याधाम में आयोजित होने वाली इस दिव्य कथा के लिए आमंत्रण कार्ड वितरण का कार्य सोमवार 16 मार्च 2026 से प्रारम्भ कर दिया गया।
धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं को इस भव्य धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है, ताकि वे श्रीराम कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक पुण्य प्राप्त कर सकें।
आमंत्रण कार्ड वितरण का शुभारम्भ
अयोध्या धाम श्रीराम कथा 2026 के आयोजन की सफलता के लिए सर्वप्रथम विभिन्न प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर आमंत्रण कार्ड वितरित किए गए।
सबसे पहले निम्न मंदिरों में निमंत्रण दिया गया —
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भगवान श्री गणेश मंदिर
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माँ आदिशक्ति चामुण्डा मंदिर
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माँ भद्रकाली शक्तिपीठ
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श्री बाल हनुमान मंदिर
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श्री मुक्तेश्वर महादेव मंदिर
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माँ बगलामुखी शक्तिपीठ खाचरौद
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श्री राम लक्कड़दास मंदिर
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श्री सालासर बालाजी मंदिर खाचरौद नाका
इस धार्मिक परंपरा के अनुसार सबसे पहले देवस्थानों को निमंत्रण देकर कार्यक्रम की मंगल शुरुआत की गई।
संतों और धर्मगुरुओं की उपस्थिति
इस आयोजन में कई संतों और धर्माचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति भी रहेगी।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख संत एवं धर्मगुरु —
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श्री श्री 1008 कृष्णानन्द जी महाराज
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श्री श्री 1008 महंत केशवानन्द जी महाराज
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श्री महंत जयरामदास जी महाराज
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श्री श्यामानन्द जी महाराज
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श्री विवेकानन्द जी महाराज ब्रह्मचारी
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पंडित कमलेश शर्मा ब्रजवासी (कथावाचक)
इन संतों के आशीर्वाद से अयोध्या धाम श्रीराम कथा 2026 का आयोजन और भी भव्य और दिव्य बनने जा रहा है।
6 से 13 अप्रैल तक चलेगी राम कथा
कार्यक्रम संयोजिका एवं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती हेमलता तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पावन कथा 6 अप्रैल 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक आयोजित होगी।
इस कथा में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित कमलेश शर्मा ब्रजवासी अपने मुखारविंद से “पापमोक्षणी राम कथा” का दिव्य वर्णन करेंगे।
इस दौरान श्रीराम के जीवन, आदर्श, धर्म और मर्यादा का विस्तृत वर्णन किया जाएगा।
कथा आयोजन का उद्देश्य
अयोध्या धाम श्रीराम कथा 2026 का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाना है।
इस कथा के माध्यम से समाज को निम्न संदेश दिए जाएंगे —
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धर्म और संस्कृति का संरक्षण
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श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाना
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समाज में सद्भाव और नैतिकता को बढ़ावा देना
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युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ना
भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है और उनकी जीवन गाथा आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
श्रद्धालुओं से किया गया विशेष आग्रह
कार्यक्रम संयोजिका हेमलता तोमर ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में अयोध्या धाम श्रीराम कथा 2026 में पहुंचकर कथा का श्रवण करें और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें।
उन्होंने कहा —
“यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज को जोड़ने और धर्म की भावना को मजबूत करने का पवित्र अवसर है।”
अयोध्या में धार्मिक आयोजनों का महत्व
अयोध्या को भगवान श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में पूरे विश्व में सम्मान प्राप्त है। यहां आयोजित होने वाली श्रीराम कथा और धार्मिक आयोजन देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं।
ऐसे आयोजन —
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धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हैं
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स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं
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समाज में आध्यात्मिक वातावरण बनाते हैं
कार्यक्रम से जुड़े प्रमुख लोग
इस आयोजन में कई सामाजिक और धार्मिक कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
इनमें प्रमुख हैं —
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दीपक चौहान (प्रेस क्लब अध्यक्ष)
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अर्जुन जी
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गरिमा तोमर
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श्रीमती हेमलता तोमर (राष्ट्रीय अध्यक्ष – अ.भा. क्षत्रिय महासभा)
सभी के सहयोग से यह आयोजन भव्य रूप लेने जा रहा है।
निष्कर्ष
अयोध्या धाम श्रीराम कथा 2026 केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक परंपरा का उत्सव है। 6 से 13 अप्रैल तक चलने वाली इस कथा में देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
यदि आप भी भगवान श्रीराम की भक्ति और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं तो इस पावन आयोजन में अवश्य शामिल हों।
रिपोर्ट
संवाददाता – जीवनलाल जैन
नागदा जं.



