धार के कंचन हास्पिटल में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का सफल आयोजन
राजगढ़ (Dhar) | 16 मार्च, 2026
Dhar जिले के राजगढ़ क्षेत्र में कंचन हास्पिटल में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, कंचन हास्पिटल और जिला अंधत्व निवारण समिति के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन चोइथराम नेत्रालय, इंदौर के सहयोग से किया गया और यह मुख्य रूप से मोतियाबिंद निवारण, लैंस प्रत्यारोपण और सामान्य नेत्र जांच के लिए आयोजित किया गया था।
इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली नेत्र चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराना था। समाज के इन वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के शिविर अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ और मुख्य अतिथि
शिविर का शुभारंभ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एम. एल. जैन के मुख्य आतिथ्य में किया गया। डॉ. जैन ने कहा कि निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए वरदान साबित होती है, क्योंकि अक्सर लोग निजी अस्पतालों में महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते।
विशेष अतिथि डॉ. श्रीमती शीला मुजाल्दा ने कहा कि समय पर नेत्र जांच और इलाज न केवल दृष्टि बचाने में मदद करता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य करते हैं।
शिविर में नेत्र चिकित्सा सहायक श्रीमती ममता पाराशर ने प्रत्येक मरीज का परीक्षण किया और उन्हें व्यक्तिगत परामर्श प्रदान किया। उन्होंने मरीजों को घर पर दृष्टि सुरक्षा और देखभाल के उपायों के बारे में जानकारी दी।
शिविर में प्रतिभागियों की संख्या और चयन
शिविर में कुल 110 मरीजों की नेत्र जांच की गई। इनमें से 32 मरीजों को ऑपरेशन हेतु चयनित किया गया और उन्हें बस के माध्यम से चोइथराम नेत्रालय, इंदौर भेजा गया। ऑपरेशन के लिए चयनित मरीजों में अधिकांश ग्रामीण और मध्यम आय वर्ग के लोग शामिल थे, जिन्हें मोतियाबिंद और अन्य गंभीर दृष्टि समस्याएँ थीं।
मरीजों ने बताया कि यह शिविर उनके लिए वरदान के समान है क्योंकि इससे उन्हें विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा और ऑपरेशन के लिए सुविधा आसानी से उपलब्ध हुई। कई लोगों ने कहा कि यह उनके जीवन में नई आशा और आत्मविश्वास लेकर आया है।
प्रमुख पदाधिकारी और ट्रस्ट सदस्यों की सहभागिता
शिविर में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी और ट्रस्ट के सदस्य इस प्रकार रहे:
- श्री प्रेम कुमार वैद्य, राष्ट्रीय संयोजक, भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट
- श्री प्रवीण कुमार शर्मा, इंदौर संभाग विधि प्रभारी
- श्री योगेन्द्र तिवारी, धार जिला अध्यक्ष
- श्री कैलाश चंद्र बघेल, धार जिला सचिव
- श्री भारत सिंह खराड़ी, वरिष्ठ पदाधिकारी
- अन्य सदस्य: शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता, जीवनलाल जैन
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव अधिकारों की जागरूकता पहुँचाना है। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के शिविर समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।
शिविर का उद्देश्य और सामाजिक महत्व
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने कहा कि ट्रस्ट का प्रमुख लक्ष्य समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि निःशुल्क नेत्र जांच शिविर लोगों की दृष्टि बचाने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाते हैं, बल्कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को अपने अधिकारों और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भी देते हैं। श्री यादव ने सभी चिकित्सकों, सहयोगी संस्थाओं और ट्रस्ट पदाधिकारियों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
मरीजों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
शिविर में आए लोगों ने आयोजकों और चिकित्सकों की सराहना की। अधिकांश मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से आए थे। उन्होंने कहा कि आर्थिक कारणों और दूरस्थ स्थानों के कारण वे निजी अस्पतालों में इलाज नहीं करवा सकते थे।
एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा, “मुझे मोतियाबिंद की समस्या थी और मैं ऑपरेशन के लिए इंदौर जाने में असमर्थ था। यह शिविर हमारे लिए वरदान है। इस शिविर की वजह से मेरी दृष्टि सुरक्षित रहेगी।”
कई युवाओं ने भी अपनी आँखों की जांच करवाई और उन्हें आँखों की सुरक्षा और देखभाल के महत्व के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला कि आँखों की नियमित जांच कितनी महत्वपूर्ण है।
भविष्य में योजनाएँ
संगठन के सदस्य – शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता और जीवनलाल जैन – ने कहा कि भविष्य में संगठन नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर, जन जागरूकता कार्यक्रम और समाज सेवा से जुड़े कार्य आयोजित करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले महीनों में और अधिक ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य और नेत्र जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को समय पर राहत और इलाज मिल सके।
निष्कर्ष
इस शिविर ने स्थानीय जनता के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। यह आयोजन यह दर्शाता है कि सामाजिक संगठन, चिकित्सक और स्थानीय संस्थाएँ मिलकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
कंचन हास्पिटल और भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की यह पहल एक मिसाल है। इसने प्रमाणित किया कि स्वास्थ्य सेवाएँ सभी तक पहुँचनी चाहिए, चाहे वे शहर के हों या ग्रामीण क्षेत्र के।
इस सफल आयोजन से यह भी स्पष्ट होता है कि सही सहयोग, समर्पित प्रयास और सही योजना से समाज के अंतिम व्यक्ति तक भी स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाई जा सकती हैं। शिविर ने न केवल दृष्टि संबंधी समस्याओं को कम किया, बल्कि समाज में सहयोग, सेवा और मानवता की भावना को भी मजबूत किया।
इस प्रकार, यह आयोजन स्थानीय समुदाय और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है, जो आने वाले वर्षों में और अधिक जनहितकारी गतिविधियों के लिए प्रेरणा देगा।
