इंदौर में गैस सिलेंडर संकट के बीच इलेक्ट्रिक चूल्हे की बढ़ती डिमांड, 50 हजार से ज्यादा इंडक्शन चूल्हे बिके, सराफा और होटल कारोबार प्रभावित।
इंदौर में इलेक्ट्रिक चूल्हे की बढ़ती डिमांड
इंदौर शहर सहित पूरे मध्यप्रदेश में इन दिनों इलेक्ट्रिक चूल्हे की बढ़ती डिमांड चर्चा का विषय बनी हुई है। गैस सिलेंडर की कमी के कारण लोग तेजी से इंडक्शन या इलेक्ट्रिक चूल्हों की ओर रुख कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में ही इंदौर सहित प्रदेशभर में लगभग 50 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक चूल्हे बिक चुके हैं।
बाजार में अचानक बढ़ी मांग के कारण कई दुकानों पर इनकी कीमतें दोगुनी तक पहुंच गई हैं। इतना ही नहीं, कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी ये चूल्हे आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
गैस सिलेंडर संकट से बढ़ी परेशानी
शहर में गैस सिलेंडर की कमी के चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी कारण इलेक्ट्रिक चूल्हे की बढ़ती डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है।सरकार ने फिलहाल व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। केवल स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाओं को ही सिलेंडर दिए जा रहे हैं। इस फैसले का असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय पर साफ दिखाई दे रहा है।
सराफा कारोबार और बंगाली कारीगरों पर असर
इंदौर का प्रसिद्ध सराफा बाजार भी इस संकट से अछूता नहीं रहा। सोने-चांदी के आभूषणों के निर्माण में गैस का उपयोग होता है। सिलेंडर की कमी के कारण कई कारीगरों को काम में दिक्कत आ रही है।बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में बंगाली कारीगर इंदौर छोड़कर अपने घर लौट गए हैं। इससे उत्पादन कम हुआ है और सराफा कारोबारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।व्यापारियों का कहना है कि सोने-चांदी की कीमतों में अचानक आई बढ़ोतरी और गैस संकट ने कारोबार को दोहरी मार दी है।
रविवार को 24 हजार सिलेंडर की होम डिलीवरी
जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए विशेष व्यवस्था की है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर रविवार को अवकाश के दिन भी गैस एजेंसियां और गोदाम खुले रखे गए।इस दौरान लगभग 24 हजार 450 घरेलू गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी की गई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है।ऑयल कंपनियों के अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों ने सुबह 9 बजे से उपभोक्ताओं की बुकिंग दर्ज की और पूरी क्षमता के साथ डिलीवरी की व्यवस्था की।
पीएनजी कनेक्शन की बढ़ती मांग
गैस संकट के बीच पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। इंदौर के कई व्यावसायिक क्षेत्रों में नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा रहे हैं।छप्पन दुकान क्षेत्र में लगभग सभी दुकानों को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए हैं। होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्टल संचालक भी तेजी से इस सुविधा को अपना रहे हैं।अवंतिका गैस के पीआरओ सुमित सिंह के अनुसार पीएनजी की सप्लाई में फिलहाल कोई समस्या नहीं है और लगातार नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
जमाखोरों पर प्रशासन की कार्रवाई
राज्य सरकार ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार पिछले चार-पांच दिनों में प्रदेश के 1025 स्थानों पर छापेमारी की गई है। इस कार्रवाई में 1357 गैस सिलेंडर जब्त किए गए और 8 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।सरकार ने ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय के लिए 6 सदस्यीय कमेटी भी गठित की है, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा सके।
Conclusion
गैस सिलेंडर की कमी के कारण इंदौर सहित पूरे प्रदेश में इलेक्ट्रिक चूल्हे की बढ़ती डिमांड तेजी से बढ़ी है। अगर आने वाले दिनों में गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो यह मांग और भी बढ़ सकती है।विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इंडक्शन और पीएनजी जैसी वैकल्पिक ऊर्जा व्यवस्था घरेलू और व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

