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गुरकीरत सिंह मनोचा की Canada में हत्या: Ujjain के छात्र की बेरहमी से पिटाई और कार में कुचलने के बाद मौत, परिवार ने की त्वरित न्याय और शव प्रत्यावर्तन की मांग

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Published On: 16 March 2026
Canada Tragedy: Ujjain Student Gurkeerat Singh Manocha Beaten and Run Over; CM Expresses Grief
— Canada Tragedy: Ujjain Student Gurkeerat Singh Manocha Beaten and Run Over; CM Expresses Grief

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Canada में उज्जैन के छात्र की हत्या, परिवार में कोहराम, सीएम ने जताया शोक

MP News: Canada के फोर्ट सेंट जॉन में उज्जैन के 24 वर्षीय छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा की क्रूर हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि कॉलेज के 10-12 छात्रों ने पहले उन्हें पीटा और फिर कार चढ़ा दी। गंभीर रूप से घायल गुरकीरत को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने उज्जैन और पूरे प्रदेश में गहरा सदमा पहुंचाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदना जताई।

छात्र की पृष्ठभूमि

गुरकीरत देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी के निवासी थे। वह कनाडा के नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कर रहे थे। पढ़ाई के साथ वह वॉलमार्ट स्टोर में मैनेजर के रूप में भी कार्यरत थे। गुरकीरत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल से पूरी की और विक्रम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। परिवार के अनुसार, वह विदेश में करियर बनाने के लिए गए थे और भविष्य में व्यवसाय में अपनी पहचान बनाने का सपना देख रहे थे।

घटना का विवरण

परिवार ने बताया कि गुरकीरत के दोस्त ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात घटना की जानकारी दी। बताया गया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद कुछ कॉलेज छात्र उन्हें अपने साथ ले गए। वहीं पहले से चल रहे किसी विवाद के कारण, 10-12 युवकों ने गुरकीरत के साथ मारपीट की और बाद में उस पर कार चढ़ा दी। पुलिस ने शुरुआती जांच में सात से आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उनके वकील के आने पर उन्हें छोड़ दिया गया। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

परिवार की प्रतिक्रिया

परिवार के अनुसार, गुरकीरत ने शुक्रवार को अपने पिता गुरजीत सिंह मनीचा से फोन पर बात की थी। यह बातचीत उनकी अंतिम बातचीत साबित हुई, जिसकी जानकारी पाकर पिता गहरे सदमे में हैं। परिवार ने बताया कि गुरकीरत पढ़ाई के साथ अपने पिता के फूड सप्लाई और बेकरी व्यवसाय में भी हाथ बंटाते थे। पिता और परिवार ने कहा कि वह विदेश में करियर बनाने की योजना बना रहे थे और कनाडा में ही भविष्य बनाने का सपना देख रहे थे।

कानूनी और प्रशासनिक पहल

स्थानीय पुलिस ने मामला गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। परिवार ने अधिकारियों और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से आग्रह किया है कि गुरकीरत का शव जल्द भारत लाया जाए ताकि अंतिम संस्कार और पारिवारिक श्रद्धांजलि दी जा सके। परिवार ने साथ ही इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है।

Canada में शिक्षा और रोजगार का परिदृश्य

गुरकीरत जैसे कई भारतीय छात्र उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए कनाडा जाते हैं। वहां के नियमों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पढ़ाई के साथ तीन दिन का काम करना अनिवार्य है। गुरकीरत ने इसी नियम के तहत वॉलमार्ट स्टोर में काम किया। इस घटना ने विदेश में पढ़ रहे छात्रों की सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।

उज्जैन और प्रदेश में प्रतिक्रिया

उज्जैन में घटना की खबर मिलते ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में शोक और गुस्सा व्याप्त हो गया। छात्र संगठन और सामाजिक समूहों ने इस घटना की निंदा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवार से फोन पर बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी और अधिकारियों को आदेश दिया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए।

आगे की कार्रवाई

परिवार की अपील पर केंद्र और राज्य सरकार गुरकीरत के शव को भारत लाने में मदद कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने इस दौरान शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और संभावित दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की तैयारी में है।

निष्कर्ष

गुरकीरत सिंह मनोचा की हत्या न केवल उज्जैन और मध्य प्रदेश के लिए बल्कि पूरे देश के छात्रों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह घटना विदेश में पढ़ाई और काम कर रहे भारतीय युवाओं की सुरक्षा, उनके अधिकार और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करती है। विदेशी धरती पर छात्रों के लिए सुरक्षा उपाय, कानूनी संरक्षण और सतत निगरानी की जरूरत स्पष्ट हो गई है। ऐसे हादसे न केवल परिवारों के जीवन को तहस-नहस कर देते हैं, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करते हैं। इसके अलावा यह घटना यह भी दिखाती है कि विदेश में शिक्षा और रोजगार के लिए जाने वाले छात्रों को मानसिक और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में भी कदम उठाने की आवश्यकता है। सरकार, शिक्षा संस्थान और स्थानीय प्रशासन को मिलकर ऐसी घटनाओं की रोकथाम, उचित कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों के समर्थन के लिए व्यापक रणनीति बनानी होगी, ताकि भविष्य में इसी तरह की त्रासदी से बचा जा सके।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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