Indore मेट्रो का अंतिम निरीक्षण: यात्री सुविधाओं और सेफ्टी डोर का परीक्षण जारी
Indore मेट्रो परियोजना अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है और इस समय CMRS (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी) की टीम शहर में मेट्रो ट्रैक और स्टेशनों का विस्तृत निरीक्षण कर रही है। यह निरीक्षण शहर के लगभग 11.5 किलोमीटर लंबे हिस्से पर 11 स्टेशनों और वायडक्ट पर केंद्रित है। इस निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेट्रो संचालन के लिए सभी सुरक्षा मानक और यात्री सुविधाएं पूरी तरह सक्षम हों।
CMRS का निरीक्षण: 9 घंटे तक ट्रैक और स्टेशनों का जायजा
रविवार को CMRS नीलाभ्र सेनगुप्ता और उनकी टीम ने सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक लगभग 9 घंटे तक मेट्रो ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 2 से मालवीय नगर तक ट्रॉली पर बैठकर हर स्टेशन और ट्रैक के हिस्सों का विस्तृत निरीक्षण किया।
टीम ने ट्रैक और वायडक्ट के निर्माण की बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया। ट्रैक पर लगे इलेक्ट्रिकल उपकरणों, ब्रेक सिस्टम और प्लेटफॉर्म पर लगे सेफ्टी डोर का भी निरीक्षण किया गया। इसके अलावा लिफ्ट, एस्केलेटर, टिकटिंग सिस्टम और फायर ब्रिगेड जैसी यात्री सुविधाओं की स्थिति भी जाँची गई।
ट्रैक और वायडक्ट की सुरक्षा जांच
सीएमआरएस टीम ने निरीक्षण के दौरान ट्रैक के मोड़ और कर्व वाले हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया। लवकुश चौराहा ब्रिज के पास टीम लगभग एक घंटे तक रुकी और ट्रैक की मजबूती, सुरक्षा मानकों और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण किया।
इसके लिए टीम ने अल्ट्रासाउंड टेस्टिंग सहित अपने उपकरणों का प्रयोग किया। सीमेंट और कंक्रीट की मजबूती के अलावा, वायडक्ट और ट्रैक निर्माण की गुणवत्ता का भी बारीकी से मूल्यांकन किया गया।
स्मार्ट निरीक्षण और ट्रॉली का उपयोग
निरीक्षण के दौरान CMRS और उनकी टीम ने 15 ट्रालियों का उपयोग किया। ट्रालियों पर बैठकर टीम ने पूरे रूट का जायजा लिया और स्टेशन के सामने रुककर प्लेटफॉर्म और ट्रैक की स्थिति का निरीक्षण किया। इस तरह, टीम ने न केवल ट्रैक की तकनीकी स्थिति, बल्कि यात्री सुविधाओं और सुरक्षा उपकरणों की कार्यप्रणाली का भी समग्र आकलन किया।
अगले चरण की योजना: 18 मार्च तक जारी निरीक्षण
सीएमआरएस टीम का निरीक्षण 18 मार्च तक जारी रहेगा। सोमवार और मंगलवार को टीम 11.5 किलोमीटर के हिस्से में बने सभी 11 स्टेशनों का विस्तृत निरीक्षण करेगी।
इसके बाद, 18 मार्च को स्पीड ब्रेक टेस्ट किया जाएगा, जिसमें मेट्रो को ट्रैक पर 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलाया जाएगा। इस टेस्ट के दौरान ब्रेक सिस्टम, कोच की रफ्तार और ट्रैक की स्थिरता की जांच की जाएगी।
Indore मेट्रो संचालन पर असर: 6 किलोमीटर तक बंद
निरीक्षण के दौरान ट्रैक के छह किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो संचालन बंद कर दिया गया है। इस दौरान ट्रैक और कोच की रफ्तार के साथ-साथ सभी स्टेशन व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जा रहा है।
यह हिस्सा गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर के बांगड़दा तक फैला हुआ है। यह इलाका कम आबादी वाला होने के कारण फिलहाल यात्रियों की संख्या थोड़ी कम है। निरीक्षण के कारण एयरपोर्ट से सुपर कॉरिडोर जाने वाला मार्ग भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। अब राहगीरों को बिजासन माता मंदिर वाले रोड से धारा रोड होकर यू-टर्न लेना होगा।
पहले चरण का निरीक्षण और खामियों का न होना
CMRS की टीम पहले ही 11 स्टेशनों और ट्रैक का प्रारंभिक निरीक्षण कर चुकी है। पहले चरण की जांच में किसी भी प्रकार की बड़ी खामी सामने नहीं आई थी। अब अंतिम निरीक्षण किया जा रहा है ताकि मेट्रो संचालन के लिए संपूर्ण सुरक्षा मानक सुनिश्चित किए जा सकें।
अगर अंतिम निरीक्षण के बाद मंजूरी मिल जाती है, तो मेट्रो ट्रेन का संचालन गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक शुरू किया जा सकेगा। इससे शहर के यात्रियों को लगभग 17 किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो सुविधा मिलने लगेगी।
चार नए स्टेशनों का काम अंतिम चरण में
Indore मेट्रो विस्तार के तहत चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा स्टेशन, सुखलिया ग्राम स्टेशन, विजय नगर और रेडिसन चौराहा स्टेशन का निर्माण अंतिम चरण में है। इन स्टेशनों पर वर्तमान में फिनिशिंग और रंगाई-पुताई का काम चल रहा है।
प्रोजेक्ट अधिकारियों का लक्ष्य है कि मार्च के अंत तक इन स्टेशनों का काम पूरा हो जाए। इसके बाद अप्रैल के पहले सप्ताह में पूरे 17 किलोमीटर रूट पर मेट्रो का संचालन शुरू करने की योजना है। इससे शहरवासियों को यात्रा में तेजी और सुविधा दोनों मिलेगी।
यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान CMRS टीम ने विशेष रूप से यात्री सुविधाओं और सुरक्षा उपकरणों पर ध्यान दिया। इसमें शामिल हैं:
- लिफ्ट और एस्केलेटर की कार्यप्रणाली
- टिकटिंग और सूचना प्रणाली
- प्लेटफॉर्म पर सेफ्टी डोर
- फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी ब्रेक सिस्टम
टीम ने हर स्टेशन पर बैठकर इन उपकरणों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया ताकि मेट्रो संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या न आए।
निष्कर्ष
Indore मेट्रो परियोजना अपने अंतिम चरण में है और CMRS की टीम द्वारा निरीक्षण पूरी तरह सुरक्षा, गति और यात्री सुविधा के मानकों के अनुसार किया जा रहा है।
- ट्रैक और वायडक्ट की मजबूती जाँची जा रही है
- प्लेटफॉर्म पर लगे सेफ्टी डोर और लिफ्ट-एस्केलेटर का परीक्षण हो रहा है
- 18 मार्च को स्पीड ब्रेक टेस्ट द्वारा अंतिम मंजूरी प्रक्रिया पूरी होगी
जैसे ही अंतिम मंजूरी मिलती है, शहर के यात्रियों को गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक मेट्रो का संचालन शुरू होने से 17 किलोमीटर लंबा आधुनिक रूट उपलब्ध हो जाएगा।
