—Advertisement—

,

MP वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री का बड़ा ऐलान: CM मोहन यादव की जनजातीय कल्याण पहल, सरकार देगी रजिस्ट्री खर्च और भूमि अधिकार सुरक्षा

Author Picture
Published On: 15 March 2026
sddefault 1

—Advertisement—

MP वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा फैसला। सरकार उठाएगी रजिस्ट्री खर्च, आदिवासियों को भूमि अधिकार और रिकॉर्ड की समस्याओं से राहत मिलेगी।

MP वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री: आदिवासियों के लिए बड़ा फैसला

MP वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुर जिले के नेपानगर में आयोजित जनजातीय सम्मेलन में घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में वनवासियों को दिए गए वनाधिकार पट्टों की अब राजस्व विभाग के माध्यम से रजिस्ट्री करवाई जाएगी। इस प्रक्रिया का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

यह फैसला आदिवासी समुदाय के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। लंबे समय से आदिवासी परिवारों को भूमि रिकॉर्ड और स्वामित्व से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब MP वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री के जरिए इन जमीनों को कानूनी रूप से संपत्ति के रूप में दर्ज किया जाएगा।

नेपानगर में हुआ जनजातीय सम्मेलन

जनजातीय समाज के बीच मुख्यमंत्री का संबोधन

बुरहानपुर के नेपानगर में आयोजित जनजातीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ी संख्या में मौजूद आदिवासी समुदाय को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय समाज के विकास और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है।उन्होंने कहा कि MP वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री के जरिए आदिवासी परिवारों को उनकी जमीन पर वैधानिक अधिकार मिलेगा। इससे उन्हें बैंक लोन, सरकारी योजनाओं और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह कदम प्रदेश में जनजातीय कल्याण के नए युग की शुरुआत है।

363 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण

127 परियोजनाओं की शुरुआत

नेपानगर सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने 363 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 127 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।

इन विकास कार्यों में शामिल हैं:

  • सड़क निर्माण परियोजनाएं
  • पेयजल और सिंचाई योजनाएं
  • स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र निर्माण
  • ग्रामीण विकास परियोजनाएं

इन योजनाओं का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।

आदिवासियों को भूमि रिकॉर्ड से जुड़े संकट से राहत

MP वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री से खत्म होंगी परेशानियां

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आदिवासी समुदाय को अक्सर भूमि रिकॉर्ड और स्वामित्व प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार सरकारी रिकॉर्ड में जमीन दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता।लेकिन अब MP वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री के बाद इन जमीनों को आधिकारिक रूप से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।

इससे मिलने वाले प्रमुख लाभ:

  • जमीन का कानूनी स्वामित्व
  • बैंक से ऋण लेने की सुविधा
  • सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता
  • भूमि विवादों में कमी

बुरहानपुर बनेगा एग्री एक्सपोर्ट और प्रोसेसिंग हब

कृषि और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुरहानपुर जिले को एग्री एक्सपोर्ट और प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के किसानों और आदिवासी समुदाय को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।सरकार की योजना के अनुसार:

  • कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होंगी
  • निर्यात के लिए विशेष सुविधाएं विकसित होंगी
  • स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा

इससे बुरहानपुर की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री के लिए पुनः सर्वे

जमीनों का होगा नया सर्वे

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वनाधिकार पट्टों के लिए एक बार फिर सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र आदिवासी परिवारों को उनकी जमीन का सही अधिकार मिल सके।

इस प्रक्रिया में:

  • जमीन की सीमा का पुनः निर्धारण
  • रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण
  • राजस्व विभाग द्वारा प्रमाणन

यह कदम MP वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

mp kisan land registry cm mohan yadav 50 lakh farmers family hindi news 2026 02 19 16 23 54

जनजातीय विकास का नया अध्याय

सरकार की प्राथमिकता में आदिवासी कल्याण

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस घोषणा की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि मध्यप्रदेश में जनजातीय कल्याण का नया अध्याय लिखा जा रहा है।सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी समाज को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाया जाए।

MP वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रदेश के हजारों आदिवासी परिवारों को सीधे लाभ पहुंचाएगा।


वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री से भविष्य में क्या बदलाव आएंगे

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय मध्यप्रदेश में जनजातीय समुदाय की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा।

इसके संभावित प्रभाव:

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार
  • भूमि अधिकारों की सुरक्षा
  • कृषि निवेश में वृद्धि
  • सामाजिक स्थिरता

जब आदिवासी परिवारों को उनकी जमीन का कानूनी अधिकार मिलेगा, तो वे अपनी जमीन का बेहतर उपयोग कर सकेंगे।

निष्कर्ष

मध्यप्रदेश सरकार का MP वनाधिकार पट्टा रजिस्ट्री का फैसला राज्य के जनजातीय समुदाय के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। इससे आदिवासी परिवारों को उनकी जमीन पर कानूनी अधिकार मिलेगा और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी परेशानियां खत्म होंगी।बुरहानपुर के नेपानगर में की गई यह घोषणा प्रदेश में जनजातीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार द्वारा रजिस्ट्री खर्च उठाने की घोषणा से हजारों परिवारों को आर्थिक राहत भी मिलेगी।यह पहल न केवल भूमि अधिकार सुनिश्चित करेगी बल्कि जनजातीय समाज को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp