—Advertisement—

चंबल तट पर आस्था का चमत्कारी केंद्र श्री सिद्ध मनकामेश्वर हनुमान मंदिर नागदा, जहां 1970 में जल से प्रकट हुई हनुमान जी की दिव्य प्रतिमा

Author Picture
Published On: 15 March 2026
WhatsApp Image 2026 03 15 at 2.23.08 PM 1

—Advertisement—

चंबल नदी तट पर स्थित श्री सिद्ध मनकामेश्वर हनुमान मंदिर नागदा आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां 1970 में चंबल जल से प्रकट हुई हनुमान जी की दिव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए प्रतिदिन श्रद्धालु पहुंचते हैं।

श्री सिद्ध मनकामेश्वर हनुमान मंदिर नागदा : चंबल तट की पावन धरा पर आस्था का दिव्य केंद्र

नागदा नगर में स्थित श्री सिद्ध मनकामेश्वर हनुमान मंदिर नागदा चंबल नदी के पावन तट पर स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जो वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। चंबल नदी पर बने डैम के समीप स्थित होने के कारण यह पवित्र स्थल समय के साथ “हनुमान डैम” के नाम से भी प्रसिद्ध हो गया है।

यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान हनुमान के दर्शन करने, पूजा-अर्चना करने और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना लेकर पहुंचते हैं। शांत वातावरण, चंबल नदी का मनोहारी दृश्य और मंदिर परिसर की आध्यात्मिक ऊर्जा इस स्थान को और अधिक पवित्र और आकर्षक बनाती है।

1970 में चंबल जल से प्रकट हुई दिव्य प्रतिमा

मंदिर से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण और अद्भुत मान्यता यह है कि वर्ष 1970 में चंबल नदी के जल से भगवान हनुमान की दिव्य प्रतिमा प्रकट हुई थी

मंदिर के पुजारी के अनुसार उस समय परम पूज्य श्री रामदास जी महाराज को चंबल नदी में यह प्रतिमा दृष्टिगोचर हुई थी। इसके पश्चात श्रद्धालुओं और संतों के सहयोग से यहां नियमित पूजा-अर्चना प्रारंभ हुई और धीरे-धीरे यह स्थान श्रद्धा का विशाल केंद्र बन गया।तब से लेकर आज तक यहां प्रतिदिन हनुमान जी की आरती, श्रृंगार, हवन, रामायण पाठ और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।

संतों की सेवा से विकसित हुआ मंदिर परिसर

शुरुआत में यह स्थान अत्यंत साधारण स्वरूप में था, लेकिन संतों और श्रद्धालुओं के प्रयासों से मंदिर परिसर का लगातार विकास हुआ।परम पूज्य श्री रामदास जी महाराज के पश्चात श्री अशोकानंद जी महाराज ने मंदिर की सेवा-व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए मंदिर परिसर को सुंदर और व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया।

उनके प्रयासों से यहां

  • साधु-संतों के आगमन की व्यवस्था
  • श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा
  • धार्मिक आयोजनों की बेहतर व्यवस्था

जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए।आज मंदिर परिसर अत्यंत आकर्षक और व्यवस्थित दिखाई देता है।

राजा जनमेजय काल से जुड़ी प्राचीन मान्यता

स्थानीय मान्यता के अनुसार श्री सिद्ध मनकामेश्वर हनुमान मंदिर नागदा का इतिहास अत्यंत प्राचीन माना जाता है।कहा जाता है कि यह स्थान प्राचीन काल में राजा जनमेजय की नगरी से जुड़ा हुआ था। मान्यता है कि उस समय यहां हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की गई थी।समय के साथ यह प्रतिमा चंबल नदी के जल में विलीन हो गई थी और कई वर्षों बाद 1970 में पुनः प्रकट हुई

इस घटना को श्रद्धालु भगवान हनुमान की दिव्य लीला के रूप में देखते हैं।

मासिक धार्मिक आयोजन और पूजा परंपरा

वर्तमान में मंदिर की सेवा-पूजा पुजारी अनिल शर्मा द्वारा नियमित रूप से की जाती है।

मंदिर में प्रतिदिन

  • पूजा-अर्चना
  • आरती
  • हवन
  • रामायण पाठ

जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।इसके अलावा प्रत्येक माह शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को यहां

  • अखंड रामायण पाठ
  • सुंदरकांड पाठ
  • महाआरती

का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाता है।पुजारी अनिल शर्मा के ज्येष्ठ भुवनेश्वर शर्मा भी विभिन्न धार्मिक आयोजनों में सक्रिय सहयोग प्रदान करते हैं।

मंदिर परिसर में अन्य देवी-देवताओं की स्थापना

मंदिर परिसर में केवल हनुमान जी ही नहीं बल्कि अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।नाग पंचमी के अवसर पर यहां स्थित श्री इच्छेश्वर महादेव मंदिर में शिव परिवार की स्थापना भी की गई है।

जिसके कारण यह स्थल केवल हनुमान मंदिर ही नहीं बल्कि एक समग्र धार्मिक परिसर के रूप में विकसित हो चुका है।

चंबल तट का प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ाता है आध्यात्मिक आकर्षण

श्री सिद्ध मनकामेश्वर हनुमान मंदिर नागदा का एक विशेष आकर्षण इसका प्राकृतिक वातावरण भी है।

मंदिर के पास स्थित

  • चंबल नदी का शांत प्रवाह
  • चंबल घाट
  • डैम का सुंदर दृश्य

इस स्थान को अत्यंत रमणीय बना देते हैं।श्रद्धालु यहां दर्शन के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य का भी आनंद लेते हैं।समय-समय पर यहां चंबल मैया की आरती भी आयोजित की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

समाज में धार्मिक जागरूकता का प्रयास

इस पावन स्थल की धार्मिक परंपरा और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी युवा संस्कार परिवार, ब्राह्मण समाज नागदा के संयोजक निलेश मेहता द्वारा प्रदान की गई।वे समय-समय पर नागदा नगर के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी समाज तक पहुंचाने का कार्य भी करते रहते हैं।ऐसे प्रयासों से नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।

संयोजक – युवा संस्कार परिवार, ब्राह्मण समाज नागदा

जानकारी जीवनलाल जैन द्वारा, 9179662633

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp