अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में महिला उद्यमियों से सांसद शंकर लालवानी का संवाद हुआ, जिसमें इंदौर की जीडीपी डबल करने में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा की गई।
महिला उद्यमियों से सांसद शंकर लालवानी का संवाद: इंदौर की जीडीपी डबल करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
महिला उद्यमियों से सांसद शंकर लालवानी का संवाद इंदौर में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम रहा, जिसमें शहर की महिला उद्यमियों, प्रोफेशनल्स और स्टार्टअप से जुड़ी महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और इंदौर की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देना था।
इस संवाद कार्यक्रम में महिलाओं की उद्यमिता, आर्थिक विकास और शहर की जीडीपी को दोगुना करने के अभियान पर विस्तार से चर्चा की गई।
महिला उद्यमियों से सांसद शंकर लालवानी का संवाद
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने महिला उद्यमियों से सीधा संवाद किया। “नारी शक्ति – समृद्ध इंदौर का संकल्प” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में शहर के आर्थिक विकास में महिलाओं की भागीदारी को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए गए।
सांसद शंकर लालवानी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना किसी भी शहर का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इंदौर की आर्थिक प्रगति में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में यह भूमिका और भी मजबूत होगी।
विकसित भारत 2047 और इंदौर की अर्थव्यवस्था
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन से प्रेरित होकर इंदौर की जीडीपी को दोगुना करने का अभियान शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। महिलाओं की उद्यमिता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के मार्गदर्शन में राज्य में आर्थिक विकास की गति तेज हुई है और इंदौर इस विकास का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
महिला उद्यमिता और आर्थिक विकास
आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। व्यापार, स्टार्टअप, डिजिटल मार्केटिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि अगर महिलाओं को सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और तकनीकी ज्ञान दिया जाए तो वे शहर की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती हैं।महिला उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आज के दौर में महिलाओं के लिए व्यवसाय शुरू करने के कई अवसर उपलब्ध हैं।
विशेषज्ञों ने दिए व्यवसाय से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव
कार्यक्रम में कई विशेषज्ञों ने महिला उद्यमियों को व्यवसाय से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी।
बैंक ऑफ इंडिया के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आशीष कटियार ने बताया कि व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक लोन कैसे प्राप्त किया जा सकता है और किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।उन्होंने कहा कि सरकार और बैंक मिलकर महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं चला रहे हैं।
निवेश और फंडिंग की तैयारी
चार्टर्ड अकाउंटेंट सौरभ टोंगिया ने महिला उद्यमियों को यह समझाया कि किसी भी व्यवसाय को निवेश के लिए कैसे तैयार किया जाए।उन्होंने कहा कि अगर कोई स्टार्टअप या व्यवसाय सही तरीके से वित्तीय योजना बनाता है, तो उसे निवेश प्राप्त करने में आसानी होती है।उन्होंने महिलाओं को सलाह दी कि वे अपने व्यवसाय का स्पष्ट विजन और मजबूत बिजनेस मॉडल तैयार करें।
सरकारी योजनाओं की जानकारी
डीआईसी के जनरल मैनेजर स्वप्निल गर्ग ने महिला उद्यमियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
डिजिटल युग में महिलाओं के लिए नए अवसर
डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट सलोनी सेठी ने बताया कि इंटरनेट के माध्यम से व्यवसाय को तेजी से बढ़ाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म महिलाओं के लिए नए अवसर लेकर आए हैं।वहीं आलोक वाणी ने ब्रांड बिल्डिंग के महत्व पर अपने विचार रखते हुए कहा कि किसी भी व्यवसाय की सफलता के लिए मजबूत ब्रांड पहचान बहुत जरूरी होती है।
कार्यक्रम में प्रमुख सहभागिता
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से अपने सवाल पूछे।कार्यक्रम को सफल बनाने में सांसद प्रतिनिधि एवं AIMP की श्रेष्ठा गोयल, FICCI FLO की श्वेता अग्रवाल और IMA की चानी त्रिवेदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।इन सभी ने महिला उद्यमियों को एक मंच प्रदान किया, जहां वे अपने विचार साझा कर सकें और नए अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।
निष्कर्ष
महिला उद्यमियों से सांसद शंकर लालवानी का संवाद इंदौर की आर्थिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि अगर महिलाओं को सही अवसर और समर्थन मिले, तो वे न केवल अपने व्यवसाय को सफल बना सकती हैं बल्कि शहर और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना सकती हैं।इंदौर की जीडीपी को दोगुना करने के लक्ष्य में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को प्रेरित करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास प्रदान करते हैं।




