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भोपाल के हमीदिया अस्पताल में गैंगवार फायरिंग से मचा हड़कंप: इमरजेंसी गेट पर चली गोली, बदमाश फरार, पुलिस अलर्ट

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Published On: 14 March 2026
hamidia

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भोपाल के हमीदिया अस्पताल में गैंगवार के दौरान फायरिंग से हड़कंप मच गया। इमरजेंसी गेट पर गोली चली, घायल इमरान का इलाज जारी।

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में गैंगवार फायरिंग से मचा हड़कंप

भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हमीदिया अस्पताल फायरिंग की घटना सामने आई। अस्पताल के इमरजेंसी गेट के पास गोली चलने से मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों में दहशत फैल गई।बताया जा रहा है कि यह घटना पुरानी रंजिश से जुड़े गैंगवार का परिणाम है। बदमाशों ने पहले शहर के अशोका गार्डन इलाके में एक घर पर फायरिंग की और बाद में घायल को अस्पताल लाए जाने के बाद यहां भी गोली चला दी।इस घटना ने राजधानी भोपाल की कानून-व्यवस्था और अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला

भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र में रहने वाले पुराने बदमाश लल्लू रईस के घर में अचानक बदमाशों ने घुसकर फायरिंग कर दी। जानकारी के अनुसार, आरोपी शादाब ने घर के अंदर करीब 8 से 9 राउंड फायर किए।इस हमले में लल्लू रईस का बेटा इमरान घायल हो गया। उसके पैर में गोली लगने के बाद परिजन तुरंत उसे इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे।लेकिन घटनाक्रम यहीं खत्म नहीं हुआ।जब घायल इमरान को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा था, उसी दौरान आरोपी शादाब वहां भी पहुंच गया और अस्पताल परिसर में फायरिंग कर दी। इस बार गोली अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर लगी।इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

पुरानी रंजिश से जुड़ा गैंगवार

प्राथमिक जानकारी के अनुसार हमीदिया अस्पताल फायरिंग की घटना के पीछे पुरानी दुश्मनी बताई जा रही है।घायल इमरान के पिता लल्लू रईस का कहना है कि आरोपी शादाब इलाके में जुआ और सट्टा चलाता है। उन्होंने कई बार इसकी सूचना पुलिस को दी थी।इसी वजह से आरोपी उनसे दुश्मनी रखने लगा।रईस के अनुसार इससे पहले भी आरोपी शादाब उनके बेटे पर चाकू से हमला कर चुका है।इस बार उसने सीधा फायरिंग कर दी।

अस्पताल परिसर में कैसे हुई फायरिंग

जब घायल इमरान को अस्पताल लाया गया तो उसके परिजन इलाज की प्रक्रिया में लगे थे।इसी दौरान आरोपी शादाब अपने साथियों के साथ अस्पताल पहुंचा और वहां गोली चला दी।गोली अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर लगी।घटना के समय वहां कई मरीज, डॉक्टर और सुरक्षा कर्मचारी मौजूद थे।बताया जा रहा है कि एक सुरक्षा गार्ड भी इस घटना में बाल-बाल बच गया।यदि गोली किसी व्यक्ति को लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

भोपाल का हमीदिया अस्पताल प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल माना जाता है। यहां रोज हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं।ऐसे में अस्पताल परिसर में इस तरह खुलेआम फायरिंग होना बेहद चिंताजनक है।विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत होनी चाहिए।लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।कई लोगों का कहना है कि अस्पताल के गेट पर सुरक्षा जांच और निगरानी को और सख्त करने की जरूरत है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

घटना के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई।मामले की जांच के लिए कोहेफिजा और टीला जमालपुरा थाना पुलिस को सक्रिय किया गया है।टीआई केजी शुक्ला के अनुसार आरोपी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया है।उसे पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही हैं।पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी शादाब का आपराधिक इतिहास रहा है।बताया जा रहा है कि वह करीब 6 महीने पहले ही हत्या के मामले में सजा काटकर जेल से बाहर आया थाजेल से निकलने के बाद भी वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा।अब इस घटना के बाद पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

राजधानी में बढ़ता अपराध

भोपाल जैसे बड़े शहर में लगातार अपराध की घटनाएं सामने रही हैं।विशेष रूप से गैंगवार, फायरिंग और आपसी रंजिश के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।हमीदिया अस्पताल फायरिंग की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और निगरानी बढ़ाना जरूरी है।

अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा

अस्पताल वह जगह होती है जहां लोग इलाज और राहत की उम्मीद लेकर आते हैं।लेकिन अगर वहां भी गोलीबारी जैसी घटनाएं होने लगें तो यह बेहद खतरनाक स्थिति है।ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने जरूरी हैं:

  • अस्पताल परिसर में सख्त सुरक्षा जांच
  • सीसीटीवी निगरानी बढ़ाना
  • पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाना
  • संवेदनशील मामलों में पुलिस की तैनाती

यदि इन उपायों को लागू किया जाए तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।

निष्कर्ष

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हुई फायरिंग की घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है।यह घटना केवल कानून-व्यवस्था बल्कि अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।लेकिन यह घटना इस बात की चेतावनी भी है कि सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को और सतर्क रहने की जरूरत है।

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