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Ralamandal अभयारण्य में चार दिन में 4,042 पर्यटक पहुंचे, वन विभाग ने 1.60 लाख रुपए राजस्व अर्जित किया।

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Published On: 9 March 2026
Ralamandal Sanctuary Becomes Favorite Spot During Spring Season
— Ralamandal Sanctuary Becomes Favorite Spot During Spring Season

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Ralamandal अभयारण्य में पर्यटकों की भारी भीड़

इंदौर। रालामण्डल (Ralamandal) अभयारण्य ने पर्यावरण और वन्यजीव प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित किया है। सिर्फ चार दिनों में अभयारण्य में 4042 पर्यटक पहुंचे, जिससे वन विभाग को 1,60,470 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। यह आंकड़ा फरवरी माह के चार अवकाश वाले दिनों का है और इसे अभयारण्य के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

वन विभाग के अनुसार 1 फरवरी को 1310, 8 फरवरी को 1075, 15 फरवरी को 798 और 22 फरवरी को 859 पर्यटक अभयारण्य में आए। पर्यटकों ने वसंत ऋतु के हरे-भरे नजारों का आनंद लिया और वन्यजीवों तथा ऐतिहासिक धरोहरों को देखा।

पर्यटकों ने ली शिकारगाह और डियर सफारी का सैर

Ralamandal अभयारण्य में आने वाले पर्यटकों ने विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। इनमें शिकारगाह सफारी और डियर सफारी प्रमुख रहे। 4042 पर्यटकों में से 238 ने डियर सफारी और 199 ने शिकारगाह सफारी का आनंद लिया। पर्यटक न केवल वन्यजीवों को निहारते हुए रोमांचक अनुभव का आनंद ले रहे थे, बल्कि बच्चों और परिवार के लिए यह पर्यटन विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया।

तितली पार्क और शिकारगाह संग्रहालय ने बढ़ाई सैर की खुशी

पर्यटकों ने तितली पार्क में रंग-बिरंगी तितलियों को देखा। इस पार्क में 146 पर्यटकों ने प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। वहीं 617 पर्यटक शिकारगाह संग्रहालय में पहुंचे। इस संग्रहालय में प्राचीन होल्करकालीन ऐतिहासिक धरोहरों, लाखों साल पुराने डायनासोर के अंडों और अन्य पुरातात्विक वस्तुओं को देखा गया। यह अनुभव पर्यटकों के लिए बेहद ज्ञानवर्धक और रोचक रहा।

पर्यटन और राजस्व में वृद्धि

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केवल चार दिनों में 4042 पर्यटकों की उपस्थिति ने अभयारण्य के लिए 1,60,470 रुपए का राजस्व जुटाया। यह राजस्व टिकट और प्रवेश शुल्क के माध्यम से प्राप्त हुआ। फरवरी के बाकी दिनों में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिससे विभाग को और अधिक राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वसंत ऋतु के आने के कारण और पर्यटकों में बढ़ती जागरूकता ने रालामण्डल अभयारण्य को आकर्षक पर्यटन स्थल बना दिया है।

पर्यटकों की पसंदीदा गतिविधियां

रालामण्डल अभयारण्य में आने वाले पर्यटक मुख्य रूप से चार गतिविधियों में रुचि रखते हैं:

  1. शिकारगाह सफारी: 199 पर्यटक
  2. डियर सफारी: 238 पर्यटक
  3. तितली पार्क: 146 पर्यटक
  4. शिकारगाह संग्रहालय: 617 पर्यटक

इनमें से कुल 1200 पर्यटकों ने इन गतिविधियों का हिस्सा लिया। अन्य पर्यटक वसंत ऋतु के दृश्य और वन्यजीवों का आनंद लेने के लिए अभयारण्य के प्राकृतिक मार्गों में घूमते रहे।

वन्यजीवों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता

रालामण्डल अभयारण्य ने पर्यटकों में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य भी किया है। पर्यटक वन्यजीवों को निहारते हुए उनकी सुरक्षा और संरक्षण के महत्व को समझ रहे हैं। इसके अलावा, बच्चों ने संग्रहालय में प्रदर्शित ऐतिहासिक और प्राचीन अवशेषों को देखकर इतिहास और विज्ञान के प्रति रुचि विकसित की।

वसंत ऋतु में विशेष आकर्षण

फरवरी माह में आए पर्यटक वसंत ऋतु के हरियाली और फूलों के नजारों का आनंद लेने के लिए रालामण्डल अभयारण्य आए। पहाड़ी इलाके में बसंत ऋतु के दृश्य और प्राकृतिक सौंदर्य ने पर्यटकों को मोहित कर दिया। यह अनुभव पर्यटकों को शहर के शोर और भीड़ से दूर प्रकृति के बीच शांति और आनंद का अनुभव कराता है।

स्थानीय लोगों और पर्यटन को लाभ

रालामण्डल अभयारण्य में पर्यटकों की बड़ी संख्या से स्थानीय व्यवसायियों को भी लाभ हुआ। आसपास के रेस्टोरेंट, दुकाने और परिवहन सेवा प्रदाताओं को पर्यटकों से आर्थिक लाभ मिला। इससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन उद्योग को मजबूती मिली है।

वन विभाग की योजना और सुरक्षा

वन विभाग ने अभयारण्य में आने वाले पर्यटकों के लिए सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा। पर्यटकों को सफारी और संग्रहालय में मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त स्टाफ तैनात किया गया। विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि सभी पर्यटक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पर्यटन का आनंद ले सकें।

निष्कर्ष

Ralamandal अभयारण्य में फरवरी के चार अवकाश वाले दिनों में 4042 पर्यटकों की उपस्थिति और 1,60,470 रुपए का राजस्व अभयारण्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि इंदौर और आसपास के क्षेत्र में पर्यावरण और वन्यजीव पर्यटन के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ रही है। पर्यटक न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं, बल्कि वन्यजीवों और ऐतिहासिक धरोहरों को देखकर ज्ञान और अनुभव भी प्राप्त कर रहे हैं।

वन विभाग इस सफलता को देखते हुए आने वाले महीनों में और अधिक पर्यटक आकर्षित करने की योजना बना रहा है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का लक्ष्य रखा गया है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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