Indore:भारत का शक्ति केंद्र उसका प्रगतिशील और संस्कारित युवा है” डॉ. भरत शर्मा
Indore। विक्रांत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, महू द्वारा आयोजित ‘क्वेर्थ–2026’ भव्य कल्चरल नाइट ने विद्यार्थियों और अतिथियों को एकत्रित कर उत्सव और शिक्षा का अद्वितीय मिश्रण प्रस्तुत किया। यह आयोजन विक्रांत यूनिवर्सिटी के बीसवें वार्षिकोत्सव समारोह के अवसर पर हुआ, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षक समुदाय ने बड़ी भागीदारी दिखाई। इस भव्य कार्यक्रम में बतौर विशेष अतिथि डॉ. भरत शर्मा ने अपने विचार साझा करते हुए युवाओं के महत्व और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर विशेष जोर दिया।
युवाओं में शक्ति और राष्ट्र निर्माण
डॉ. भरत शर्मा ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि युवाओं में देश की सबसे बड़ी शक्ति निहित है। उनका कहना था, “यदि युवा उचित शिक्षा, संस्कार और अवसर पाएं तो वे समाज और राष्ट्र के निर्माण में अद्वितीय योगदान दे सकते हैं। युवा नई सोच, उत्साह और परिवर्तन की क्षमता रखते हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम है। शिक्षित और संस्कारित युवा ही एक सशक्त, समृद्ध और विकसित राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।”
डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि युवाओं की सही दिशा में प्रेरणा और मार्गदर्शन देने का काम शैक्षणिक संस्थानों का है। उनका यह भी मानना था कि छात्रों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व कौशल में भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।
मेजर जनरल समीर शरण कार्तिकेय का दृष्टिकोण
कार्यक्रम में उपस्थित मेजर जनरल (कमांडर हायर विंग आर्मी वॉर कॉलेज महू) समीर शरण कार्तिकेय ने विक्रांत यूनिवर्सिटी के अनुशासित शैक्षणिक माहौल और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में नेतृत्व कौशल और टीम वर्क की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मेजर जनरल कार्तिकेय ने यह भी बताया कि शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी का सही मिश्रण छात्रों को भविष्य के उत्कृष्ट नागरिक बनाने में मदद करता है। उनके अनुसार, शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि छात्रों में नैतिक मूल्य, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक संवेदनशीलता भी विकसित होनी चाहिए।
अतिथियों का स्वागत और सम्मान
कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का सम्मान विक्रांत विश्वविद्यालय के चांसलर राकेश सिंह और प्रबंध निदेशक नितिन तोमर द्वारा शाल और स्मृति चिह्न प्रदान कर किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथियों में आईएएस निशा डामोर, प्रबंध निदेशक मेवाड़ा हॉस्पिटल विक्रम मेवाड़ा, ग्वालियर से विक्रांत यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार ऋचा वर्मा, वरिष्ठ अभियंता राजीव शर्मा शामिल थे। इन सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करने के साथ-साथ संस्थान की उपलब्धियों और कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम की शुरुआत और विशेष आयोजन
‘क्वेर्थ–2026’ की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से की गई। चांसलर राकेश सिंह ने विश्वविद्यालय और अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया। प्रबंध निदेशक सुनील सिंह ने पिछले वर्ष की विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय की सालाना उपलब्धियों का विस्तृत विवरण साझा किया, जिससे छात्रों और अतिथियों को संस्था की प्रगति और विकास का पूरा परिचय मिला।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। नृत्य, गायन और रंगारंग मंच प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल छात्रों की प्रतिभा और कला का प्रदर्शन किया, बल्कि उनकी टीम वर्क और मंच पर आत्मविश्वास को भी दर्शाया।
विद्यार्थियों और संस्थान का योगदान
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने अपने विचार, उत्साह और कलात्मक कौशल का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों में पारंपरिक और आधुनिक कला का संगम देखने को मिला। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने और उनके नेतृत्व कौशल को विकसित करने का एक आदर्श मंच साबित हुआ।
विक्रांत यूनिवर्सिटी के कोषाध्यक्ष गरिमा सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पधारे अतिथियों, शिक्षकों और अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और संस्थान की प्रतिष्ठा को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
छात्र विकास और शिक्षा का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि केवल शिक्षा का लक्ष्य किताबी ज्ञान नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें सामाजिक चेतना, नेतृत्व कौशल और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की भी भूमिका होनी चाहिए। डॉ. भरत शर्मा और अन्य प्रमुख अतिथियों ने इस बात पर जोर दिया कि एक सशक्त और विकसित राष्ट्र का निर्माण युवाओं के सही प्रशिक्षण, संस्कार और अवसरों पर निर्भर करता है।
इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि छात्रों को प्रेरित करना, उनकी प्रतिभा का सम्मान करना और उन्हें समाज के लिए जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए मार्गदर्शन देना कितना महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
‘क्वेर्थ–2026’ भव्य कल्चरल नाइट ने न केवल छात्रों की कला और संस्कृति का उत्सव मनाया, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझने और उसके लिए प्रेरित किया। डॉ. भरत शर्मा, मेजर जनरल समीर शरण कार्तिकेय और अन्य प्रमुख अतिथियों के मार्गदर्शन और सन्देश ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और जिम्मेदारी की भावना जगाई।
विक्रांत यूनिवर्सिटी के इस आयोजन ने यह साबित किया कि शिक्षा और संस्कृति का सही मिश्रण युवा पीढ़ी को सशक्त और राष्ट्र के लिए उपयोगी बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों सभी के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव प्रदान किया।
