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MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: भोपाल समेत 12 जिलों के कलेक्टर बदलने की तैयारी, CMO में भी बड़े बदलाव के संकेत

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Published On: 8 March 2026
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MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी, भोपाल समेत 12 जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। CMO में भी सचिव स्तर पर बड़े बदलाव की संभावना।

MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: भोपाल समेत 12 जिलों के कलेक्टर बदलने की तैयारी

मध्यप्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार यह बदलाव दो चरणों में किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में भोपाल समेत करीब 12 जिलों के कलेक्टरों को बदला जा सकता है।

यह बदलाव सिर्फ जिलों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में भी सचिव स्तर पर फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक हलकों में इसे लंबे समय से प्रतीक्षित निर्णय माना जा रहा है।

MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी क्यों चर्चा में

प्रदेश में कई महीनों से प्रशासनिक बदलाव की चर्चा चल रही थी। अधिकारियों की कार्यशैली, जिलों में प्रशासनिक प्रदर्शन और आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी में है।विशेष रूप से MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें कई प्रमुख जिलों के कलेक्टरों के स्थानांतरण की संभावना है।सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है। इसके साथ ही कई युवा आईएएस अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने की भी चर्चा है।

किन 12 जिलों के कलेक्टर बदलने की संभावना

सूत्रों के अनुसार जिन जिलों के कलेक्टरों के स्थानांतरण की चर्चा चल रही है उनमें शामिल हैं:

  • नर्मदापुरम
  • बैतूल
  • ग्वालियर
  • शिवपुरी
  • रीवा
  • इंदौर
  • उमरिया
  • मैहर

इन जिलों के अलावा कुछ अन्य जिलों के कलेक्टर भी बदलाव की सूची में शामिल हो सकते हैं।

बताया जा रहा है कि जिन अधिकारियों को मंत्रालय में बुलाया जा सकता है उनमें प्रमुख नाम हैं:

  • सोनिया मीणा
  • नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी
  • रूचिका चौहान
  • रविंद्र कुमार चौधरी
  • प्रतिभा पाल
  • शिवम वर्मा
  • धरणेंद्र कुमार जैन
  • रानी बाथड

प्रशासनिक गलियारों में इन नामों को लेकर चर्चा तेज है, हालांकि अंतिम निर्णय सरकार द्वारा ही लिया जाएगा।

भोपाल कलेक्टर को मिल सकती है नई जिम्मेदारी

इस प्रशासनिक बदलाव में सबसे ज्यादा चर्चा भोपाल कलेक्टर विक्रम कौशलेंद्र सिंह को लेकर हो रही है।सूत्रों के अनुसार उन्हें सरकार किसी बड़ी जिम्मेदारी पर नियुक्त कर सकती है। उनकी जगह युवा आईएएस अधिकारी प्रियंक मिश्रा को भोपाल का नया कलेक्टर बनाए जाने की चर्चा है।प्रियंक मिश्रा पहले भी अपनी प्रशासनिक कार्यशैली के कारण चर्चा में रहे हैं। विशेष रूप से धार जिले में बसंत पंचमी के दौरान भोजशाला विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने के कारण उनकी काफी प्रशंसा हुई थी।हालांकि यह नाम अभी अंतिम नहीं माना जा रहा है और सरकार किसी अन्य अधिकारी को भी यह जिम्मेदारी दे सकती है।

CMO में भी हो सकते हैं बड़े बदलाव

MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी का असर मुख्यमंत्री कार्यालय पर भी पड़ सकता है।

वर्तमान में CMO में दो प्रमुख सचिव कार्यरत हैं:

  • आलोक कुमार सिंह
  • इलैया राजा टी

सूत्रों के अनुसार इनमें से किसी एक अधिकारी को बदला जा सकता है। इसके अलावा कुछ अतिरिक्त सचिवों के स्तर पर भी बदलाव संभव हैं।

यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में एक और सचिव की नियुक्ति की जा सकती है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में और तेजी लाई जा सके।

इन जिलों के कलेक्टर अभी नहीं हटेंगे

हालांकि प्रशासनिक फेरबदल के बावजूद सरकार ने करीब 30 जिलों के कलेक्टरों को फिलहाल नहीं बदलने का निर्णय लिया है।इन जिलों के अधिकारियों को अभी अपने काम को आगे बढ़ाने का अवसर दिया जाएगा।

इनमें शामिल प्रमुख नाम हैं:

  • रौशन कुमार सिंह – उज्जैन
  • किशोर कुमार कन्याल – गुना
  • आशीष सिंह – कटनी
  • सिद्धार्थ जैन – हरदा
  • हरेंद्र नारायण सिंह – छिंदवाड़ा
  • अंशुल गुप्ता – विदिशा
  • स्वप्निल वानखेड़े – दतिया
  • प्रीति यादव – आगर मालवा
  • जयती सिंह – बड़वानी
  • मीसा सिंह – रतलाम
  • उषा परमार – पन्ना

सरकार का मानना है कि इन जिलों में प्रशासनिक कार्य संतोषजनक तरीके से चल रहे हैं, इसलिए फिलहाल इन अधिकारियों को हटाने की आवश्यकता नहीं है।

प्रशासनिक सर्जरी का क्या मतलब होता है

प्रशासनिक सर्जरी का अर्थ होता है प्रशासनिक ढांचे में बड़े पैमाने पर बदलाव करना।

इसमें आमतौर पर शामिल होते हैं:

  • अधिकारियों के तबादले
  • नई नियुक्तियां
  • विभागीय पुनर्गठन
  • प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण

इस तरह के बदलाव सरकार समय-समय पर प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करती है।

सरकार ऐसा क्यों करती है

सरकार कई कारणों से प्रशासनिक सर्जरी करती है:

1. प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए

कई बार जिलों में काम की गति बढ़ाने के लिए अधिकारियों को बदला जाता है।

2. नई ऊर्जा लाने के लिए

युवा अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने से प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा आती है।

3. राजनीतिक परिस्थितियों के कारण

कभी-कभी चुनाव या राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए भी प्रशासनिक फेरबदल किए जाते हैं।

4. बेहतर समन्वय के लिए

राज्य सरकार और जिला प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए भी बदलाव किए जाते हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व

MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • इससे शासन की कार्यप्रणाली में सुधार हो सकता है
  • जिलों में विकास कार्यों को गति मिल सकती है
  • प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ सकती है

इसके अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय में संभावित बदलाव को भी प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

निष्कर्ष

मध्यप्रदेश में होने वाली MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी आने वाले समय में प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकती है।भोपाल समेत कई जिलों के कलेक्टरों के स्थानांतरण की चर्चा ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय में भी संभावित बदलाव इस पूरी प्रक्रिया को और महत्वपूर्ण बना रहे हैं।

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