भोपाल के नरेला में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण देखकर मंत्री विश्वास सारंग भड़क गए। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत बुलडोजर चलाने और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री विश्वास सारंग बुलडोजर एक्शन: सरकारी जमीन पर अवैध बिल्डिंग देख अफसरों को फटकार, तुरंत कार्रवाई के निर्देश
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग बुलडोजर एक्शन चर्चा का विषय बन गया है। भोपाल की नरेला विधानसभा क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर तेजी से हो रहे अवैध निर्माण को लेकर मंत्री विश्वास सारंग ने सख्त रुख अपनाया है।
शनिवार को मंत्री विश्वास सारंग खुद अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और अवैध कब्जों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने सरकारी जमीन पर बनी बिल्डिंग देखी तो वे नाराज हो गए और अधिकारियों से सीधे सवाल किया कि सरकारी जमीन पर यह निर्माण कैसे हो गया।
नरेला में अवैध निर्माण पर भड़के मंत्री
भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ समय से सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने खुद मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने देखा कि सरकारी जमीन पर कई जगहों पर अवैध तरीके से निर्माण किया गया है। कुछ स्थानों पर बिल्डिंग, फैक्ट्री और दुकानें भी बना ली गई हैं।इस स्थिति को देखकर मंत्री विश्वास सारंग नाराज हो गए और अधिकारियों से जवाब मांगा कि आखिर सरकारी जमीन पर यह अवैध निर्माण कैसे हो गया।
मंत्री विश्वास सारंग का बुलडोजर एक्शन
अवैध निर्माण देखकर मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मंत्री विश्वास सारंग बुलडोजर एक्शन के तहत इन सभी अवैध निर्माणों को तुरंत हटाया जाए।उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी निर्माण नियमों के खिलाफ है, उस पर तुरंत बुलडोजर चलाकर उसे हटाया जाए।मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस प्रकार के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अफसरों को लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों से पूछा कि इतने बड़े स्तर पर अवैध कब्जे हो गए और प्रशासन को इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई।इस पर अधिकारियों ने अलग-अलग कारण बताए। कुछ अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी, जबकि कुछ ने कहा कि उनकी पोस्टिंग हाल ही में हुई है।इन जवाबों से संतुष्ट न होते हुए मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सरकारी जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
तहसीलदार को नोटिस देने के निर्देश
मंत्री विश्वास सारंग ने एडीएम सुमित पांडे को मौके पर बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी जमीन पर बनी अवैध बिल्डिंग को तुरंत तोड़ा जाए।इसके साथ ही उन्होंने एडीएम को निर्देश दिया कि संबंधित तहसीलदार करुणा दंडोतिया को नोटिस जारी किया जाए और इस मामले में जवाब मांगा जाए।मंत्री ने कहा कि यदि इस मामले में किसी भी अधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नरेला के वार्डों में हटेंगे अवैध कब्जे
मंत्री विश्वास सारंग ने नरेला विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 69, 70 और 71 का दौरा किया।इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी जमीनों पर किए गए सभी अवैध कब्जों को हटाया जाए। इसमें अवैध रूप से बने मदरसे, फैक्ट्री और मांस की दुकानों को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।मंत्री ने कहा कि सरकारी जमीन जनता की संपत्ति होती है और उस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सरकारी सुविधाओं पर भी रोक के आदेश
मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अवैध कब्जों पर बने भवनों को किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधा नहीं दी जाए।उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों को पेयजल, बिजली या अन्य सरकारी कनेक्शन नहीं दिए जाने चाहिए।यदि पहले से ऐसे कनेक्शन दिए गए हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाए और यह भी जांच की जाए कि किन अधिकारियों की अनुमति से यह कनेक्शन दिए गए थे।
जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
मंत्री विश्वास सारंग ने साफ कहा कि यदि जांच में किसी भी अधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
निष्कर्ष
भोपाल के नरेला क्षेत्र में मंत्री विश्वास सारंग बुलडोजर एक्शन ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक मजबूत संदेश दिया है।सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि सरकार ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाने के लिए तैयार है।यदि इसी तरह प्रशासन सक्रियता से कार्रवाई करता रहा, तो सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध निर्माणों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
