घुवारा में 22 से 27 मार्च 2026 तक होने वाले पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव के लिए विशाल कमेटी का गठन किया गया। जैन समाज में उत्साह, भव्य आयोजन की तैयारी शुरू।
घुवारा पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव 2026
घुवारा / (भरत सेठ घुवारा)।
धर्म नगरी घुवारा में घुवारा पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव 2026 को लेकर जैन समाज में अत्यंत उत्साह और धार्मिक उमंग का वातावरण बना हुआ है। श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर जी में नवनिर्मित शीतल धाम चौबीसी जिनालय की प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा के अवसर पर 22 से 27 मार्च 2026 तक एक भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है।
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए विगत दिवस महावीर नसिया जी में सकल जैन समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जैन समाज के अध्यक्ष हजारीलाल जैन ने की, जिसमें समाज के अनेक प्रमुख गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस दौरान सर्वसम्मति से पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव कमेटी का गठन किया गया और आयोजन की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
जैन समाज की महत्वपूर्ण बैठक
धर्म नगरी घुवारा में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में पंचकल्याणक महोत्सव के आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक जिन बिम्ब प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव आगामी 22 से 27 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
यह भव्य आयोजन स्थानीय श्री गणेश प्रसाद वर्णी स्नातक महाविद्यालय प्रांगण से संपन्न होगा।महोत्सव बुंदेलखंड के प्रथमाचार्य, भारत गौरव, युग सर्वोत्कृष्ट समाधि साधक गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनि राज के आशीर्वाद से तथा चर्या शिरोमणि, अध्यात्म योगी, पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में आयोजित किया जाएगा।
महोत्सव कमेटी का गठन
बैठक में सर्वसम्मति से पंचकल्याणक महोत्सव कमेटी का गठन किया गया। इसमें विभिन्न पदों पर समाज के अनुभवी और सक्रिय लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
कमेटी के प्रमुख पदाधिकारी इस प्रकार हैं —
-
अध्यक्ष — बैध संजय जैन (शिक्षक)
-
कार्यकारी अध्यक्ष — प्रमोद जैन मस्तांई
-
महामंत्री — निर्मल जैन वारौ
-
कोषाध्यक्ष — पदमचंद जैन पनवारी
-
मंत्री — सेठ सुबोध जैन
-
मंत्री — सुरेंद्र बैध (प्राचार्य)
-
प्रधान संयोजक — सुनील घुवारा
इसके अतिरिक्त उपाध्यक्ष, उपमंत्री, संयुक्त मंत्री, कार्यालय मंत्री, सह कोषाध्यक्ष और प्रचार मंत्री सहित विभिन्न पदों पर समाज के अनेक सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई।महोत्सव की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 31 संरक्षक मंडल तथा 30 उप समितियों का गठन भी किया गया है, जिनमें संयोजक और सदस्य नियुक्त किए गए हैं।
पंचकल्याणक महोत्सव का धार्मिक महत्व
घुवारा पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव 2026 जैन धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र आयोजन माना जाता है।
पंचकल्याणक का अर्थ है भगवान के जीवन के पाँच प्रमुख कल्याणकारी प्रसंग —
- गर्भ कल्याणक
- जन्म कल्याणक
- तप कल्याणक
- केवलज्ञान कल्याणक
- मोक्ष कल्याणक
इन पाँचों घटनाओं का धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से भव्य मंचन किया जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को भगवान के जीवन से प्रेरणा मिलती है।पंचकल्याणक महोत्सव जैन समाज के लिए आस्था, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम होता है।
तैयारियों की व्यापक योजना
महोत्सव कमेटी द्वारा इस आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं।
बैठक में निम्न विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई —
- महोत्सव स्थल की व्यवस्था
- अतिथियों के आवास की व्यवस्था
- भोजन व्यवस्था
- सुरक्षा व्यवस्था
- यातायात व्यवस्था
- श्रद्धालुओं के स्वागत की योजना
कमेटी के सदस्य दिन-रात मेहनत कर इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
आगंतुक अतिथियों के लिए विशेष व्यवस्था
महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
इसी को ध्यान में रखते हुए —
- विशाल भोजनशाला
- आवास व्यवस्था
- पार्किंग व्यवस्था
- चिकित्सा सुविधा
- सुरक्षा व्यवस्था
जैसी कई व्यवस्थाएँ की जा रही हैं।महोत्सव समिति का उद्देश्य है कि आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को उत्कृष्ट व्यवस्था और आध्यात्मिक वातावरण प्राप्त हो।
प्रतिदिन हो रही बैठकें
महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिदिन बैठकें आयोजित की जा रही हैं।रोजाना रात्रि 7:00 बजे से बड़ा मंदिर स्थित विश्रांति भवन में महोत्सव कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होती है।इन बैठकों में आयोजन की रूपरेखा, व्यवस्थाओं की समीक्षा और आगे की योजनाओं पर चर्चा की जाती है।
घुवारा में ऐतिहासिक आयोजन
घुवारा नगर में इस प्रकार का भव्य धार्मिक आयोजन पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।इस आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और उमंग का वातावरण है।समाज के सभी वर्ग के लोग इस आयोजन को सफल बनाने के लिए तन-मन-धन से सहयोग कर रहे हैं।घुवारा का यह पंचकल्याणक महोत्सव निश्चित रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र में एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन के रूप में स्थापित होगा।
निष्कर्ष
घुवारा पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव 2026 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, श्रद्धा और सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण है।सकल जैन समाज के सहयोग और समर्पण से यह आयोजन निश्चित रूप से ऐतिहासिक और यादगार बनेगा।22 से 27 मार्च तक होने वाला यह महोत्सव घुवारा नगर के धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव को नई पहचान देगा।

