—Advertisement—

MP शासन का बड़ा एक्शन: नरसिंहपुर चीचली नगर परिषद अध्यक्ष शेख मंजूर पद से हटाए गए, 12.18 लाख वसूली का आदेश

Author Picture
Published On: 7 March 2026
images 1 2

—Advertisement—

मध्यप्रदेश सरकार ने नरसिंहपुर की चीचली नगर परिषद के अध्यक्ष शेख मंजूर पद से हटाए गए। अवैध नियुक्तियों के मामले में 12.18 लाख रुपए की वसूली का आदेश।

शेख मंजूर पद से हटाए गए: MP शासन का बड़ा फैसला

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने चीचली नगर परिषद के अध्यक्ष शेख मंजूर को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 41-क के तहत की गई है। अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर मस्टर रोल पर श्रमिकों की नियुक्तियां कीं, जिससे परिषद को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। साथ ही नगर परिषद को हुई करीब 12 लाख 18 हजार रुपए की आर्थिक हानि की वसूली के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं शेख मंजूर ने कार्रवाई को राजनीतिक बताते हुए हाईकोर्ट जाने का फैसला लिया है।

अवैध नियुक्तियों का पूरा मामला

नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चीचली नगर परिषद में दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों की नियुक्ति में नियमों का घोर उल्लंघन पाया गया था। कलेक्टर नरसिंहपुर की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि सक्षम अधिकारी की बिना अनुमति के साप्ताहिक मस्टर रोल पर श्रमिकों को रखा गया।

30 जनवरी 2023 की पीआईसी बैठक में 6 अस्थाई श्रमिकों को रखने की स्वीकृति दी गई थी, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध थी।

जांच रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इन नियुक्तियों में प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और न ही किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति ली गई। इससे नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

12.18 लाख रुपये की वसूली के निर्देश

जांच में पाया गया कि इन अवैध नियुक्तियों की वजह से नगर परिषद को लगभग 12 लाख 18 हजार रुपये की आर्थिक हानि हुई है। शासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि इस राशि की वसूली तत्कालीन अध्यक्ष शेख मंजूर के साथ-साथ मामले से संबंधित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से की जाए।

विभाग की राय में अध्यक्ष का पद पर बना रहना अब लोकहित में उचित नहीं है। इसलिए शासन ने तत्काल प्रभाव से उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी किया।

इस निर्णय को प्रशासनिक सख्ती और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सुनवाई के बाद लिया गया फैसला

कार्रवाई से पूर्व, शासन ने 24 दिसंबर 2025 को शेख मंजूर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।3 फरवरी 2026 को हुई व्यक्तिगत सुनवाई में शेख मंजूर ने अपना पक्ष रखा, लेकिन उपलब्ध दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के सामने उनका प्रतिवाद टिक नहीं सका।फैसला लिया गया कि अध्यक्ष अपने कर्तव्यों का विधि अनुसार पालन करने में असफल रहे और उनके कार्यकाल में गंभीर अनियमितताएं हुईं।इसके बाद 26 फरवरी को मंत्रालय भोपाल से उनकी बर्खास्तगी का अंतिम आदेश जारी कर दिया गया।

हाईकोर्ट जाने की तैयारी में शेख मंजूर

इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए शेख मंजूर ने इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है।उनका कहना है कि दैनिक वेतन भोगियों की नियुक्तियां कई अन्य परिषदों में भी हुई हैं, लेकिन उन्हें ‘कांग्रेसी’ होने की सजा दी जा रही है।उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस आदेश के खिलाफ जल्द ही हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।अब देखना होगा कि इस मामले में आगे न्यायालय क्या फैसला देता है और प्रशासनिक कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp