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LPG रसोई गैस के बढ़ते दाम, उज्जवला योजना पर फिलहाल कोई असर नहीं

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Published On: 7 March 2026
LPG

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LPG Price Hike: मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़े रसोई गैस और क्रूड ऑयल के दाम

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और राजनीतिक तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की है। इस सख्त रुख के चलते तेल आपूर्ति पर लंबे समय तक असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है। तेल की आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक बाजार में महंगाई बढ़ने का खतरा है।

इस स्थिति का असर भारत में भी दिख रहा है। घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी सीधे जेब पर असर डालती है, जबकि निवेशकों और अर्थव्यवस्था के लिए यह संकेत है कि तेल की उच्च कीमतें लंबे समय तक बने रह सकती हैं।

क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान पर

बाजार रिपोर्ट के अनुसार, क्रूड ऑयल WTI के दाम में 12.21% यानी 9.89 डॉलर की बढ़त हुई और यह 90.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, ब्रेंट ऑयल की कीमत 8.93% यानी 7.63 डॉलर बढ़कर 93.04 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

यह अप्रैल 2024 के बाद पहली बार है जब ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर के ऊपर गई है। कच्चे तेल की ऊँची कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और वैश्विक बाजार में महंगाई को और अधिक बढ़ावा देने की आशंका जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने के लिए मजबूर हो सकते हैं। इसका सीधा असर घरेलू महंगाई, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर पड़ेगा।

घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें बढ़ीं

शनिवार को भारत में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा हुआ। इसके बाद दिल्ली में बिना सब्सिडी वाला 14.2 किलो का रसोई गैस सिलेंडर ₹913 में बिक रहा है।

अन्य प्रमुख शहरों में दाम इस प्रकार हैं:

  • मुंबई: ₹912.50
  • कोलकाता: ₹939
  • चेन्नई: ₹928.50

वहीं, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी इजाफा हुआ है। अब दिल्ली में इसका दाम ₹1883 है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि उज्जवला योजना के तहत मिलने वाले गैस सिलेंडरों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है।

तेल की आपूर्ति और रूस का योगदान

भारत के लिए क्रूड ऑयल की स्थिर आपूर्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस संकट के समय रूस ने भारत को तेल आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने देने का आश्वासन दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस से भारत को 20 क्रूड ऑयल से भरे जहाज जल्द ही मिलेंगे, जिससे घरेलू बाजार में तेल की कमी को रोका जा सकेगा।

इस कदम से भारत में तेल आपूर्ति स्थिर रह सकती है, लेकिन वैश्विक बाजार की ऊँची कीमतों का असर घरेलू महंगाई पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

ट्रंप का सख्त रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ किसी समझौते से इनकार कर दिया है जब तक कि ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं करता। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा:

“ईरान के साथ कोई डील नहीं होगी, सिवाय UNCONDITIONAL SURRENDER के!”

ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण करता है, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश उसे दोबारा खड़ा करने और उसकी अर्थव्यवस्था को बहाल करने में मदद करेंगे।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस सख्त रुख से ईरान के साथ अमेरिका का संघर्ष लंबा खिंच सकता है। यदि यह संघर्ष बढ़ता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जिससे मध्य पूर्व के तेल का एक बड़ा हिस्सा वैश्विक बाजार में जाता है।

महंगाई पर असर

तेल की बढ़ती कीमतों का सबसे बड़ा असर महंगाई पर पड़ता है। भारत जैसे आयात-आधारित अर्थव्यवस्था वाले देशों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतें सीधे आम आदमी की जेब पर असर डालती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल के दाम बढ़ने से घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर खाद्य और परिवहन लागत पर पड़ेगा। इसके अलावा, ब्याज दरें उच्च रखने के कारण ऋण लेने वाले लोग भी प्रभावित होंगे।

इस स्थिति में सरकार और केंद्रीय बैंक दोनों के सामने चुनौती होगी कि कैसे तेल की उच्च कीमतों और महंगाई के प्रभाव को संतुलित किया जाए।

निवेशकों और व्यापार पर प्रभाव

क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव, निवेशकों के लिए जोखिम और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता का संकेत देता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तेल की आपूर्ति लंबी अवधि तक बाधित रहती है, तो वैश्विक महंगाई बढ़ेगी और निवेशकों को उच्च जोखिम का सामना करना पड़ेगा।

निष्कर्ष

मिडिल ईस्ट में तनाव और ट्रंप का सख्त रुख वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते:

  1. क्रूड ऑयल के दाम उच्च स्तर पर हैं।
  2. भारत में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढ़े हैं।
  3. महंगाई बढ़ने की संभावना है।
  4. निवेशकों और केंद्रीय बैंकों के लिए आर्थिक चुनौतियाँ बढ़ीं हैं।

उपभोक्ताओं के लिए यह समय सावधानी और बजट प्रबंधन का है। वहीं सरकार के लिए यह चुनौती है कि कैसे घरेलू तेल और गैस की आपूर्ति और कीमतों को स्थिर रखा जाए।

प्रमुख आंकड़े: एलपीजी सिलेंडर कीमतें

शहर घरेलू एलपीजी (बिना सब्सिडी) कमर्शियल एलपीजी
दिल्ली ₹913 ₹1883
मुंबई ₹912.50 —
कोलकाता ₹939 —
चेन्नई ₹928.50 —

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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