दुबई में फंसे भारतीयों की मदद करते हुए उद्योगपति धीरज जैन ने अपना फार्महाउस खोल दिया, जहां 250 से ज्यादा लोगों को मुफ्त रहने और भोजन की सुविधा मिल रही है।
दुबई में फंसे भारतीयों की मदद: मानवता की मिसाल बने धीरज जैन
दुबई में फंसे भारतीयों की मदद की एक प्रेरणादायक कहानी इन दिनों सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया है कि मुश्किल समय में मानवता ही सबसे बड़ा धर्म होती है। खाड़ी देशों में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण कई फ्लाइट्स अचानक रद्द हो गईं, जिसके चलते बड़ी संख्या में भारतीय दुबई और आसपास के इलाकों में फंस गए। होटल भी पूरी तरह भरे हुए थे और कई यात्रियों के पास रहने की कोई व्यवस्था नहीं थी।
ऐसे कठिन समय में उद्योगपति धीरज जैन ने आगे बढ़कर इंसानियत की मिसाल पेश की और अपने निजी फार्महाउस के दरवाजे भारतीयों के लिए खोल दिए।
दुबई में फंसे भारतीयों की मदद की शुरुआत
खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई एयरलाइंस ने अचानक अपनी उड़ानें रद्द कर दीं। इससे सैकड़ों भारतीय यात्री दुबई में फंस गए।
इसी दौरान धीरज जैन को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने बताया कि उसकी फ्लाइट कैंसिल हो गई है और होटल में भी कोई कमरा उपलब्ध नहीं है। यह सुनते ही जैन ने तुरंत मदद का फैसला किया।
यहीं से दुबई में फंसे भारतीयों की मदद की यह पहल शुरू हुई।
धीरज जैन ने खोले अपने फार्महाउस के दरवाजे
धीरज जैन ने अजमानी क्षेत्र में स्थित अपने निजी फार्महाउस को जरूरतमंद भारतीयों के लिए खोल दिया।उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर फंसे हुए लोगों को निजी वाहनों से फार्महाउस तक पहुंचाने की व्यवस्था की।यहां आने वाले सभी लोगों के लिए
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रहने की व्यवस्था
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भोजन
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पानी
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मूलभूत सुविधाएं
पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
250 से अधिक भारतीयों को मिली सुरक्षित पनाह
वर्तमान में फार्महाउस पर करीब 250 भारतीय सुरक्षित रूप से रह रहे हैं।हालांकि यहां की व्यवस्था को देखते हुए 500 लोगों तक को ठहराने की तैयारी कर ली गई है।पहले दिन लगभग 75 लोग फार्महाउस पहुंचे।
दूसरे दिन यह संख्या बढ़कर लगभग 180 हो गई।अब लगातार लोग यहां पहुंच रहे हैं और उन्हें सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है।
परिवार और टीम भी सेवा में जुटी
इस पूरे मानवीय अभियान को सफल बनाने में धीरज जैन की टीम के साथ उनका परिवार भी सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है।उनकी पत्नी ममता जैन,
14 वर्षीय बेटा जैमिन,
और 11 वर्षीय बेटी जीविका
पिछले तीन दिनों से लगातार फार्महाउस पर मौजूद रहकर लोगों की मदद कर रहे हैं।धीरज जैन भारत में जैनम जीविका फाउंडेशन का संचालन भी करते हैं, जो सामाजिक कार्यों में सक्रिय है।
कुछ ही घंटों में आने लगे सैकड़ों कॉल
जैसे ही फार्महाउस की इस व्यवस्था की जानकारी सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों तक पहुंची, कुछ ही घंटों में सैकड़ों कॉल और संदेश आने लगे।
कई लोगों ने बताया कि
- उनकी फ्लाइट रद्द हो चुकी है
- होटल में जगह नहीं मिल रही
- उनके पास रहने की कोई व्यवस्था नहीं है
ऐसी स्थिति में दुबई में फंसे भारतीयों की मदद के लिए यह फार्महाउस एक बड़ी राहत बन गया।
500 लोगों के ठहरने की तैयारी
फार्महाउस में पहले से लगभग 100 गद्दे उपलब्ध थे।
लेकिन अचानक लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए तुरंत 400 अतिरिक्त गद्दे मंगवाए गए।
इसके अलावा
- बड़े टेंट लगाए गए
- अतिरिक्त बेड लगाए गए
- खाने की व्यवस्था बढ़ाई गई
भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 500 लोगों के लिए 10 दिनों का राशन भी मंगवाया गया।यह राशन लगभग 5000 लोगों के भोजन के बराबर है।
धीरज जैन का सामाजिक योगदान
धीरज जैन पिछले 11 वर्षों से दुबई में रह रहे हैं और 1 एक्सल होल्डिंग्स दुबई के चेयरमैन हैं।
उनका मुख्य व्यवसाय
- रियल एस्टेट डेवलपमेंट
- वेंचर स्टूडियो
से जुड़ा हुआ है।व्यवसाय के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं।
संकट में मानवता की मिसाल
आज जब दुनिया कई चुनौतियों से गुजर रही है, ऐसे समय में धीरज जैन का यह कदम यह संदेश देता है कि मानवता अभी भी जीवित है।
उन्होंने न केवल दुबई में फंसे भारतीयों की मदद की बल्कि यह भी दिखाया कि अगर कोई ठान ले तो एक व्यक्ति भी सैकड़ों लोगों के लिए सहारा बन सकता है।
उनकी इस पहल की सोशल मीडिया पर भी काफी सराहना हो रही है।
निष्कर्ष
दुबई में फंसे भारतीयों के लिए धीरज जैन का फार्महाउस उम्मीद की एक किरण बनकर सामने आया है।यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि कठिन परिस्थितियों में इंसानियत और सहयोग ही सबसे बड़ी ताकत होती है।धीरज जैन और उनके परिवार की यह पहल केवल राहत का काम नहीं बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है।


