Shivraj singh chouhan का ‘मामा कोचिंग’ मिशन: गरीब व मेधावी छात्रों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री shivraj singh chouhan 5 मार्च 2026 को अपने 66वें जन्मदिन को एक विशेष सेवा पर्व के रूप में मनाने जा रहे हैं। इस अवसर पर वे सार्वजनिक हित से जुड़े पांच बड़े संकल्प लेने वाले हैं, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा, पर्यावरण तथा प्रतिभा प्रोत्साहन शामिल हैं। इन पांच संकल्पों के बीच सबसे अहम और ज़्यादा चर्चित पहल है मामा कोचिंग’।
इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को प्रशासनिक सेवाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग प्रदान करना है। इस योजना को मुख्य रूप से विदिशा संसदीय क्षेत्र में लागू किया जाएगा, जिसमें विदिशा, रायसेन और सीहोर (भैरूंडा) जैसे जिलों के छात्रों को शामिल किया जाएगा।
मामा कोचिंग गरीब छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर
shivraj singh chouhan ने कहा है कि शिक्षा एक ऐसी शक्ति है, जो जीवन बदल सकती है। लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र सही मार्गदर्शन और कोचिंग से वंचित रह जाते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने ‘मामा कोचिंग’ योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत मुख्य रूप से MPPSC (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) तथा अन्य सरकारी नौकरी व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए छात्रों को विशेषज्ञों द्वारा गहन मार्गदर्शन दिया जाएगा।
यह पहल उन छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर होगी जो महंगी कोचिंग संस्थानों की फीस नहीं उठा सकते, लेकिन मेहनत और प्रतिभा के आधार पर सरकारी सेवा या उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाना चाहते हैं।
योजना की विशेषताएँ और कार्यप्रणाली
‘मामा कोचिंग’ की योजना को काफी सोच-समझ कर तैयार किया गया है ताकि यह सभी तरह के छात्रों तक पहुँच सके। इस योजना की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
मुफ्त कोचिंग और विशेषज्ञ मार्गदर्शन
हर सेंटर पर 100-100 छात्रों को एक बैच के रूप में चुना जाएगा। प्रारंभिक चरण में यह संख्या कुल 300 छात्रों तक रहेगी। इन छात्रों को MPPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी। कोचिंग में विषय विशेषज्ञ और अनुभवी शिक्षण स्टाफ छात्रों को पूरी तरह से परीक्षा पैटर्न, प्रश्न तकनीक और रणनीति सिखाएंगे।
ऑनलाइन क्लास की सुविधा
विदेशी या दूर-दराज के गांवों में रहने वाले छात्र रोज़ाना कोचिंग सेंटर तक आ पाना कठिन समझते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए ‘मामा कोचिंग’ ने ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था भी की है। इससे छात्र अपने घर से ही वीडियो क्लास के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे। उन्हें मोबाइल या कंप्यूटर के ज़रिए लाइव लेक्चर, रिकॉर्ड की हुई क्लास, टेस्ट और रिवीजन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
सरल और सहज रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
जो भी इच्छुक छात्र इस निःशुल्क कोचिंग का लाभ लेना चाहता है, वह 5 मार्च 2026 से आवेदन कर सकता है — जो कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जन्मदिन भी है। एप्लीकेशन फॉर्म विद्यार्थियों की योग्यता, आर्थिक स्थिति तथा अन्य आवश्यक जानकारियों के आधार पर भरा जाएगा। आवेदन की प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी रखी गई है, ताकि किसी भी योग्य छात्र को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
MPPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर फोकस
इस कोचिंग का मुख्य फोकस MPPSC जैसी प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी पर है, लेकिन इसके साथ ही अन्य सरकारी नौकरी परीक्षाओं, जैसे बैंकिंग, रेलवे, शिक्षक भर्ती, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगी परीक्षा प्रश्नों का विस्तृत मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को प्रतियोगी माहौल के लिए मजबूती से तैयार करना है।
अनुकूल और प्रेरणादायक माहौल
‘मामा कोचिंग’ सेंटरों को एक सकारात्मक, सहयोगी और प्रेरणादायक माहौल दिया जाएगा ताकि छात्र सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा को निखारने एवं आत्मविश्वास बढ़ाने का अनुभव भी प्राप्त कर सकें। कोचिंग सेंटरों में परीक्षा रणनीति, समय प्रबंधन, मानसिक तैयारी, मोटिवेशनल सेशंस तथा अनुभवी अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन भी शामिल रहेगा।
5 मार्च: सेवा, समर्पण और संकल्प का दिवस
shivraj singh chouhan ने इस जन्मदिन को सिर्फ जन्मदिन के रूप में नहीं लिया है, बल्कि इसे ‘सेवा पर्व’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा है कि सेवा ही सच्ची पूजा है और राजनीति का सही अर्थ जनता की सेवा में समर्पित होना है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए उन्होंने पाँच बड़े संकल्प लेने का निर्णय किया है। ये संकल्प हैं:
- पर्यावरण संरक्षण एवं हरित पहलकदमी
- स्वास्थ्य एवं जन कल्याण
- शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाना
- गरीब, निर्धन व योग्य छात्रों को सहायता प्रदान करना
- प्रतिभा प्रोत्साहन व क्षमता विकास कार्यक्रम
इन संकल्पों के तहत ‘मामा कोचिंग’ व ‘मोबाइल हॉस्पिटल’ जैसी योजनाओं को भी लागू किया जाएगा, जो सीधे जनता को लाभ पहुँचाएंगी।
शिक्षा में अवसर की समानता
shivraj singh chouhan का यह मानना है कि किसी भी देश की प्रगति शिक्षा से ही संभव है, और हर छात्र के पास समान अवसर होना चाहिए। ‘मामा कोचिंग’ इसी सोच का परिणाम है। इससे न सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मदद मिलेगी, बल्कि वे अपने आत्मविश्वास, क्षमता और ज्ञान को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकेंगे।
इस पहल से आने वाले समय में मध्य प्रदेश के हजारों युवा सरकारी सेवाओं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और न सिर्फ अपने जीवन को बदलेंगे, बल्कि समाज और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
