Indore बनेगा भारतीय संस्कृति का भव्य मंच
मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विख्यात Indore एक बार फिर भारतीय परंपराओं, उत्सवों और सांस्कृतिक विविधता का साक्षी बनने जा रहा है। अखिल भारतीय श्वेतांबर जैन महिला संघ द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली बहुप्रतीक्षित सांस्कृतिक प्रतियोगिता इस वर्ष 15 मार्च 2026 को इंदौर के बास्केटबॉल स्टेडियम में भव्य रूप से आयोजित होगी। इस वर्ष की थीम “खुशियों के रंग, त्योहारों के संग” भारतीय संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति प्रस्तुत करेगी, जिसमें देश के विविध त्योहारों की रंगीन छटा, आध्यात्मिक गहराई और पारंपरिक मूल्यों का समन्वय देखने को मिलेगा।
यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति और सामाजिक एकता का उत्सव है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी महिला संघ ने इस कार्यक्रम को भव्य, आकर्षक और यादगार बनाने की व्यापक तैयारियां की हैं। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण करना और नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ना है।
शुभारंभ और बैनर विमोचन
इस सांस्कृतिक महोत्सव की औपचारिक शुरुआत प्रेस्टीज कॉलेज में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के माध्यम से हुई, जहां प्रतियोगिता के बैनर का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में संघ की पदाधिकारियों, प्रतिभागी टीमों और शहर की अनेक महिलाओं की उपस्थिति ने आयोजन के प्रति उत्साह और ऊर्जा का परिचय दिया। बैनर विमोचन के अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने इस वर्ष के आयोजन को पहले से अधिक प्रभावशाली बनाने का संकल्प लिया।
प्रतियोगिता की रूपरेखा और चयन प्रक्रिया
संघ की अध्यक्ष विजया जैन एवं संस्थापक अध्यक्ष रेखा जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता का प्रथम चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। प्रारंभिक दौर में अनेक टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें से चयन प्रक्रिया के पश्चात 6 श्रेष्ठ टीमों को फाइनल राउंड के लिए चुना गया है।
इन चयनित टीमों ने अपनी प्रस्तुति की अवधारणा, परिधान, संगीत संयोजन, मंच सज्जा और सांस्कृतिक प्रस्तुति की मौलिकता के आधार पर निर्णायकों को प्रभावित किया। अब ये सभी टीमें अंतिम मंच पर अपने सृजनात्मक प्रदर्शन के माध्यम से भारतीय त्योहारों की गरिमा और आध्यात्मिकता को सजीव करेंगी।
थीम: खुशियों के रंग, त्योहारों के संग
भारत त्योहारों का देश है, जहां हर पर्व केवल एक उत्सव नहीं बल्कि जीवन दर्शन का प्रतीक होता है। इस वर्ष की थीम “खुशियों के रंग, त्योहारों के संग” इसी विचार को केंद्र में रखकर तैयार की गई है। प्रतियोगिता में देश के प्रमुख त्योहारों की झलकियां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी।
कार्यक्रम में विशेष रूप से जिन त्योहारों को मंच पर उतारा जाएगा, उनमें शामिल हैं—
- दीपों का पर्व दीवाली
- भक्ति और साधना का पर्व महाशिवरात्रि
- श्रीकृष्ण जन्मोत्सव जन्माष्टमी
- रंगों और उमंग का उत्सव होली
- राष्ट्रीय गौरव का दिवस गणतंत्र दिवस
- शक्ति उपासना का पर्व नवदुर्गा
- स्वतंत्रता और बलिदान की स्मृति स्वतंत्रता दिवस
इन सभी त्योहारों को नृत्य, संगीत, नाट्य रूपांतरण, पारंपरिक वेशभूषा और आकर्षक मंच सज्जा के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। दर्शकों को ऐसा अनुभव होगा मानो वे पूरे भारत की सांस्कृतिक यात्रा पर निकल पड़े हों।

पुरस्कार और सम्मान
सचिव वंदना जैन एवं पूजा जैन ने बताया कि विजेता टीमों के लिए आकर्षक पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह और भी बढ़ गया है।
- प्रथम पुरस्कार – ₹51,000
- द्वितीय पुरस्कार – ₹31,000
- तृतीय पुरस्कार – ₹21,000
- प्रोत्साहन पुरस्कार – ₹11,000
इन पुरस्कारों का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि महिलाओं की सृजनात्मकता और समर्पण का सम्मान करना है। प्रत्येक प्रतिभागी को मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर दिया जाएगा।
सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का संदेश
कोषाध्यक्ष सुशीला बेताला ने बताया कि इस कार्यक्रम की विशेषता इसकी सांस्कृतिक विविधता है। भारत जैसे विशाल देश में अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और परंपराओं के बावजूद त्योहारों के माध्यम से एकता का अद्भुत भाव दिखाई देता है।
दीवाली का प्रकाश, होली के रंग, जन्माष्टमी की भक्ति, नवदुर्गा की शक्ति, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रप्रेम—ये सभी मिलकर भारतीय संस्कृति की विराट तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य इसी विविधता में एकता के संदेश को मंच के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना है।
दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण
कार्यक्रम को और अधिक रोचक एवं मनोरंजक बनाने के लिए दर्शकों के लिए लाइव तंबोला का आयोजन भी रखा गया है। इससे उपस्थित दर्शकों को न केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद मिलेगा, बल्कि वे स्वयं भी कार्यक्रम का सक्रिय हिस्सा बन सकेंगे। आकर्षक उपहारों के साथ तंबोला आयोजन इस सांस्कृतिक संध्या को और भी यादगार बना देगा।
महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायी उदाहरण
अखिल भारतीय श्वेतांबर जैन महिला संघ वर्षों से सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को संगठित और सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है। यह सांस्कृतिक प्रतियोगिता महिलाओं की संगठन क्षमता, नेतृत्व कौशल और रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस मंच के माध्यम से महिलाएं न केवल अपनी कला का प्रदर्शन करती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देती हैं। यह आयोजन बताता है कि जब महिलाएं संगठित होकर किसी उद्देश्य के लिए कार्य करती हैं, तो वे समाज में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार कर सकती हैं।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
आज के डिजिटल युग में जहां युवा पीढ़ी आधुनिकता की ओर तेजी से अग्रसर है, ऐसे में सांस्कृतिक कार्यक्रम उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। इस आयोजन में प्रस्तुत होने वाली झांकियां और नृत्य-नाटिकाएं बच्चों और युवाओं को भारतीय इतिहास, परंपरा और त्योहारों के महत्व से परिचित कराएंगी।
यह कार्यक्रम एक जीवंत पाठशाला की तरह होगा, जहां मनोरंजन के साथ-साथ संस्कार और ज्ञान का भी संचार होगा।
आयोजन स्थल और व्यवस्थाएं
15 मार्च 2026 को इंदौर के बास्केटबॉल स्टेडियम में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम भव्य मंच सज्जा, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और उत्कृष्ट ध्वनि प्रणाली से सुसज्जित होगा। प्रतिभागियों और दर्शकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिससे सभी लोग सुरक्षित और आरामदायक वातावरण में कार्यक्रम का आनंद ले सकें।
उत्साह और उमंग का वातावरण
जैसे-जैसे आयोजन की तिथि निकट आ रही है, प्रतिभागियों और दर्शकों में उत्साह और उमंग का वातावरण स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। चयनित टीमें अपनी प्रस्तुतियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं। रंग-बिरंगे परिधान, पारंपरिक आभूषण, संगीत की मधुर धुनें और मंच की भव्य सजावट—सब मिलकर इस आयोजन को अविस्मरणीय बनाने के लिए तैयार हैं।
समापन
“खुशियों के रंग, त्योहारों के संग” केवल एक थीम नहीं, बल्कि भारतीय जीवन शैली का सार है। यह आयोजन संस्कृति, परंपरा, नारी शक्ति और सामाजिक एकता का संगम है। 15 मार्च को इंदौर में सजेगा यह विराट सांस्कृतिक मंच न केवल प्रतिभाओं को सम्मानित करेगा, बल्कि दर्शकों के हृदय में भारतीयता के गर्व और उल्लास की नई ज्योति भी प्रज्वलित करेगा।
अखिल भारतीय श्वेतांबर जैन महिला संघ सभी नागरिकों, परिवारों और संस्कृति प्रेमियों से इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में उपस्थित होकर आयोजन की शोभा बढ़ाने का आग्रह करता है। आइए, हम सब मिलकर खुशियों के रंगों और त्योहारों की उमंग के साथ भारतीय संस्कृति का उत्सव मनाएं।
