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मध्य प्रदेश में Itarsi-Bhopal-Bina सेक्शन पर चौथी रेल लाइन परियोजना को केंद्र से मिली मंजूरी, यातायात और माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी

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Published On: 28 February 2026
Approval Granted for Fourth Railway Line on Itarsi-Bhopal-Bina Section, Passenger and Freight Traffic to Improve
— Approval Granted for Fourth Railway Line on Itarsi-Bhopal-Bina Section, Passenger and Freight Traffic to Improve

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Itarsi-Bhopal-Bina सेक्शन में चौथी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी

मध्य प्रदेश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेल मार्गों में शामिल Itarsi-Bhopal-Bina सेक्शन पर चौथी रेल लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। यह परियोजना 237 किलोमीटर लंबी होगी और इसके लिए लगभग 4,329 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

नए रेल कॉरिडोर के निर्माण से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन में सुधार होगा, ट्रैफिक का दबाव कम होगा और ट्रेनें अधिक गति से चल सकेंगी। यह मार्ग इटारसी से शुरू होकर भोपाल होते हुए बीना तक जाएगा और इसके रास्ते में नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, भोपाल, विदिशा और सागर जिले आते हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना मध्य प्रदेश के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने और राज्य की लॉजिस्टिक क्षमता बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

वर्तमान स्थिति और आवश्यकता

वर्तमान में यह सेक्शन अत्यधिक व्यस्त है। इस मार्ग पर यात्रियों के अलावा भारी मात्रा में मालगाड़ियां भी संचालित होती हैं। इसके कारण समय पर ट्रेन संचालन में बाधा आती है और यातायात पर दबाव पड़ता है।

चौथी रेल लाइन बनने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन में सुविधा होगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से सालाना 15.2 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होगी। इससे उद्योगों को तेज और सस्ते परिवहन की सुविधा मिलेगी और लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी।

सांची स्तूप, भीमबेटका और अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे पर्यटन उद्योग को भी लाभ मिलेगा और राज्य में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।

ट्रेनों की संख्या और रफ्तार में वृद्धि

नई चौथी लाइन बनने के बाद ट्रेनों की संख्या और गति दोनों में वृद्धि होगी। वर्तमान में इस मार्ग पर वंदे भारत जैसी तेज ट्रेनें चल रही हैं। भविष्य में अमृत भारत और अतिरिक्त हाई-स्पीड ट्रेनें चलाने की योजना है।

नई लाइन शुरू होने पर लगभग 25 जोड़ी यात्री ट्रेनें और 200 मालगाड़ियों का संचालन बढ़ेगा। ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नई लाइन से ट्रेनों के देरी से चलने की समस्या कम होगी। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा और समय की बचत होगी।

निर्माण कार्य का चरणबद्ध स्वरूप

बीना-इटारसी चौथी रेल लाइन परियोजना को चार चरणों में पूरा किया जाएगा।

  1. बीना से सुमेर
  2. सुमेर से रानी कमलापति स्टेशन (भोपाल)
  3. आरकेएमपी से बरखेड़ा
  4. बरखेड़ा से इटारसी

सभी खंडों में निर्माण कार्य समानांतर रूप से किया जाएगा। परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। चौथी रेल लाइन के निर्माण से रेलवे नेटवर्क अधिक सुव्यवस्थित और मजबूत होगा।

पीएम गति शक्ति योजना के अंतर्गत परियोजना

प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत स्वीकृत इस परियोजना का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य शुरू भी हो गया है। पूरा होने के बाद यह चौथी रेल लाइन मध्य प्रदेश की रेल व्यवस्था को अधिक मजबूत और सुव्यवस्थित बनाएगी।

इस परियोजना से यातायात के दबाव में कमी आएगी और मालगाड़ियों की ढुलाई क्षमता बढ़ेगी। उद्योगों को तेज और सस्ता परिवहन मिलेगा। रेलवे ट्रैक के विस्तार से यात्रियों के लिए सुविधाजनक और समय पर ट्रेन संचालन सुनिश्चित होगा।

आर्थिक और व्यापारिक लाभ

चौथी रेल लाइन परियोजना राज्य के आर्थिक विकास और व्यापार को बढ़ावा देगी। मालगाड़ियों की ढुलाई क्षमता में वृद्धि से उद्योगों को तेज और सस्ता परिवहन मिलेगा। लॉजिस्टिक लागत में कमी से उत्पादन और वितरण पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

इस परियोजना से छोटे और बड़े उद्योगों को लाभ मिलेगा। व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पर्यटन और सामाजिक लाभ

नई लाइन के निर्माण से सांची स्तूप, भीमबेटका और अन्य ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे राज्य के पर्यटन उद्योग को नया impulso मिलेगा। यात्रियों को अधिक सुविधा होगी और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी।

रेलवे लाइन के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे स्थानीय समुदायों की रोजगार और व्यापार संभावनाएं बढ़ेंगी।

पर्यावरणीय दृष्टिकोण

परियोजना के दौरान पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जाएगा। पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन करके इसे न्यूनतम रखने के उपाय किए जाएंगे।

रेल परियोजना के पूरा होने के बाद ट्रेनों के सुचारू संचालन से सड़क परिवहन पर दबाव कम होगा। इससे ईंधन की खपत घटेगी और वायु प्रदूषण में कमी आएगी।

परियोजना का समग्र महत्व

इटारसी-भोपाल-बीना सेक्शन में चौथी रेल लाइन परियोजना मध्य प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल यात्री और मालगाड़ियों की सुविधा बढ़ाएगी बल्कि राज्य के आर्थिक विकास, उद्योगों और पर्यटन को भी मजबूती प्रदान करेगी।

पूरी परियोजना के बाद यह सेक्शन मध्य प्रदेश का एक आधुनिक और व्यस्ततम रेल कॉरिडोर बन जाएगा। यह राज्य के परिवहन क्षेत्र में नई गति लाने और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा।

भविष्य की संभावनाएं

चौथी रेल लाइन के निर्माण के बाद उच्च गति वाली ट्रेनें, माल ढुलाई की अधिक क्षमता और बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित होगा। इस परियोजना से मध्य प्रदेश के औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों को जोड़ने में मदद मिलेगी।

रेल परियोजना से राज्य के सामाजिक, आर्थिक और पर्यटन क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आएगा। भविष्य में इस लाइन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माल और यात्रियों का परिवहन भी सुगम हो सकेगा।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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