Bhopal के धर्मांतरण, रेप और देह व्यापार का सनसनीखेज मामला अब पूरी तरह साफ‑साफ सामने आ चुका है। इस मामले में मुख्य आरोपी बनीं दो सगी बहनें अमरीन और आफरीन, जिन्हें “शर्ट” कोडवर्ड से एमडी ड्रग्स बेचने और कमजोर लड़कियों को देह व्यापार के धंधे में धकेलने का भी दोषी माना जा रहा है। अब पीड़िताओं के बयानों के साथ यह नेटवर्क और भी खतरनाक और अंधेरे अंदाज़ में दिख रहा है।
मामले का बड़ा खुलासा
Bhopal में धर्मांतरण करवाकर सेक्स रैकेट चलाने का मामला तब रोशनी में आया जब दो युवतियों ने बागसेवनिया थाने में अलग‑अलग लेकिन एक जैसी शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें आफरीन, अमरीन और उनके साथी चंदन यादव के खिलाफ बलात्कार, धर्मांतरण का दबाव, गौमांस खिलाने और ड्रग तस्करी के गंभीर आरोप लगाए गए। इन शिकायतों के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अमरीन, आफरीन और चंदन को गिरफ्तार कर लिया, जबकि कई सहयोगी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
शर्ट कोडवर्ड और ड्रग नेटवर्क
पीड़िताओं के मुताबिक अमरीन और आफरीन सिर्फ सेक्स रैकेट ही नहीं, बल्कि एमडी (MD) ड्रग तस्करी का नेटवर्क भी चला रही थीं। उनके बैग में हमेशा ड्रग के पाउच रहते थे और सागर रॉयल विला स्थित कमरा इसी धंधे का अड्डा बना हुआ था। लड़कियों से ही ड्रग की डिलीवरी कराई जाती थी, जिसके लिए खास “कोडवर्ड” इस्तेमाल होता था। शहर के नामचीन पब और लाउंज में ड्रग को “शर्ट” कहा जाता था, जिस तरह से ग्राहक खास शब्द के जरिए अपना ऑर्डर देते थे।
झुग्गी से विला तक का गंदा सफर
अमरीन और आफरीन की कहानी झुग्गी से छोटा परिवर्तन हो निकली। पहले वे अब्बास नगर की झुग्गी बस्ती में रहती थीं, लेकिन कुछ सालों में वे शाहपुरा और आशिमा मॉल के पास के आलीशान फ्लैट तक पहुंच गईं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि पिता की मौत के बाद दोनों बहनों का व्यवहार एकाएक बदल गया और उनके घर रोज नए युवक‑युवतियों का आना‑जाना शुरू हो गया। चार साल पहले वे फतेहगढ़ में रहने चली गईं, जहां से उन्होंने अपना “काला साम्राज्य” और भी संगठित तरीके से बनाया।नौकरी का झांसा, फिर रईसों के सामने परोस दिया
पीड़िताओं के अनुसार अमरीन और आफरीन गरीब घरों की लड़कियों को टारगेट करती थीं। पहले वे घरेलू काम, नौकरी और बेहतर जीवनशैली का झांसा देती थीं, फिर धीरे‑धीरे उन्हें पार्टी, लाउंज और हाई‑प्रोफाइल सोशल सर्कल में ले जाती थीं। वहां इन लड़कियों को रईस युवकों के सामने “परोसा” जाता था, जिसके बदले पैसे मिलते थे और गिरोह क माला में उन्हें फंसा रखा जाता था।
देह व्यापार और धर्मांतरण का दबाव
पीड़िताओं का आरोप है कि अमरीन और आफरीन केवल शोषण ही नहीं, बल्कि इन लड़कियों पर धर्मांतरण का भारी दबाव डालती थीं। वे हिंदू देवी–देवताओं पर गालियां देती थीं और कहती थीं कि “अब तुम हिंदू कहां हो, गौमांस खा चुके हो, अब मुसलमान बन जाओ।” चंदन यादव के धर्मांतरण के बाद भी यही रूटीन जारी रहा, जिसमें लड़कियों को शराब, ड्रग्स और अन्य लड़कों के साथ संबंधों के लिए मजबूर किया जाता था।
गुजरात–मुंबई तक फैला था गिरोह
अमरीन और आफरीन ने पीड़िताओं को भोपाल से ही सीमित नहीं रखा। खुलासे के मुताबिक उन्हें अहमदाबाद, मुंबई और अन्य शहरों में भी ले जाया गया, जहां अनजान लोगों के साथ रेप और शोषण की घटनाएं दोहराई गईं। इस दौरान ड्रग्स और शराब की लत को और बढ़ाया जाता था, ताकि लड़कियां अपने ही खिलाफ खड़ी होने की सामर्थ्य खो दें।
मोबाइल और व्हाट्सएप ग्रुप में मिले सबूत
पुलिस अमरीन, आफरीन और चंदन के मोबाइल फोन जब्त कर चुकी है, जिनमें कई संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप और युवतियों की तस्वीरें मिली हैं। इन व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए गिरोह ड्रग डिलीवरी के ऑर्डर, मीटिंग प्लेस और नए शिकार की प्लानिंग तय करता था। बागसेवनिया पुलिस ने अमरीन के फ्लैट से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है, जिससे जांच का दायरा और चौड़ा हो रहा है।
झूठे दबाव और जान से मारने की धमकियां
पीड़िताओं ने बताया कि वे किसी को भी पूरा मामला बताने पर बदनामी और जान से मारने की धमकियां देते थे। गांव और मोहल्लेवालों के विरोध पर भी अमरीन और आफरीन झूठी शिकायतें दर्ज करवाती थीं और शिकायत करने वालों पर रेप जैसे झूठे केस लगाने की धमकी देकर उन्हें दबा देती थीं। इस तरह उन्होंने आस‑पास के लोगों को भी चुपचाप रहने पर मजबूर कर दिया था।
मामले पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने अब तक अमरीन, आफरीन और चंदन को रिमांड पर लिया है और एमडी ड्रग तस्करी, धर्मांतरण और देह व्यापार से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की तैयारी की है। अहमदाबाद में भी वह स्पॉट वेरिफाई किया गया है, जहां दोनों पीड़िताओं के साथ रेप की घटना हुई थी, वहीं फरार सहयोगियों बिलाल और यासिर की तलाश के लिए भी दबिश जारी है।
इस जघन्य मामले से साफ होता है कि एक छोटे से झुग्गी घर से निकलकर अमरीन और आफरीन ने एक ऐसा गिरोह खड़ा किया, जिसमें देह व्यापार
