Indore नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर शुक्रवार सुबह शहर के विभिन्न इलाकों में सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शहर में सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना और किसी भी प्रकार की लापरवाही को तुरंत दुरुस्त करना था।
निरीक्षण के दौरान झोन क्रमांक 11 और 20 प्रमुख रूप से शामिल थे। कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर आयुक्त ने मौके पर जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाई और वेतन कटौती सहित दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
झोन 11 में निरीक्षण और कार्रवाई
आयुक्त ने निरीक्षण की शुरुआत झोन 11 से की, जिसमें जीपीओ चौराहा, शिवाजी वाटिका, दवा बाजार और आसपास के हिस्से शामिल थे। दवा बाजार परिसर और निकटवर्ती क्षेत्र में कचरा और गंदगी मिलने पर आयुक्त ने सफाई कार्य कर रही एजेंसी पर पेनल्टी लगाने का आदेश दिया।
साथ ही सीएसआई शैलेश पाल को लापरवाही पर मौके पर फटकार लगाई गई। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बाजारों में नियमित सफाई और कचरा उठान में किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। क्षेत्र में कचरा फैलाने वाले दुकानदारों और अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।
झोन 11 में सफाई कार्य में उदासीनता पाए जाने पर आयुक्त ने सीएसआई शैलेश पाल का 3 दिन का वेतन और दरोगा रुचिर राणा का 7 दिन का वेतन काटने के आदेश दिए। प्रशासनिक शाखा को यह कार्रवाई तत्काल लागू करने के लिए कहा गया।
झोन 20 का निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई
आयुक्त ने इसके बाद झोन क्रमांक 20 के अंतर्गत जिंसी हाट मैदान और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। यहां भी सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई।
इस पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। झोन 20 में लापरवाही मिलने पर क्षेत्रीय सीएसआई संदीप डांगी का 3 दिन का वेतन और क्षेत्रीय दरोगा दुष्यंत डाबोरे का 7 दिन का वेतन काटने के आदेश जारी किए गए।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सफाई कर्मियों की तैनाती, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, और मुख्य मार्गों की मशीन व मैनुअल सफाई का दैनिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
हाजिरी और अनुपस्थिति पर कड़ी निगरानी
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कडाबीन हाजिरी सेंटर पर पहुंचकर उपस्थिति रजिस्टर की भी जांच की। अनुपस्थित कर्मचारियों के नाम चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने कहा कि हाजिरी प्रणाली को केवल कागजी प्रक्रिया न मानें, बल्कि वास्तविक उपस्थिति और कार्य निष्पादन का मिलान अनिवार्य रूप से किया जाए।
नियमित मॉनिटरिंग और अभियान
क्षितिज सिंघल ने सभी झोन नियंत्रणकर्ता और झोनल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
शहर के बाजार, सार्वजनिक स्थल, प्रमुख चौराहे और पार्कों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, कचरा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त चालानी कार्रवाई और नागरिक जागरूकता कार्यक्रम दोनों को समान रूप से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
आयुक्त ने स्पष्ट किया:
“स्वच्छता अभियान के मद्देनजर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करना होगा।”
स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले सुधारात्मक कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले शहर के सभी झोन में निरीक्षण की यह प्रक्रिया जारी रहेगी। जिन क्षेत्रों में कमियां पाई जाती हैं, वहां सुधारात्मक कार्रवाई की समय-सीमा तय की जाएगी।
इससे यह सुनिश्चित होगा कि मैदानी स्तर पर सफाई व्यवस्था में निरंतरता और जवाबदेही बनी रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक क्षेत्र में सफाई की गुणवत्ता, कर्मियों की उपस्थिति और कचरा निस्तारण का सघन निरीक्षण करें।
निष्कर्ष
आयुक्त क्षितिज सिंघल का यह निरीक्षण शहर में स्वच्छता और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों पर यह संदेश गया कि किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नगर निगम प्रशासन की यह पहल स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग हासिल करने और नागरिकों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण है।
