सीतलामाता बाजार में व्यापारियों ने खुद संभाली ट्रैफिक व्यवस्था
Indore । शहर के सबसे पुराने और व्यस्त बाजारों में से एक, सीतलामाता बाजार, में लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई थी। इस बाजार में मुख्य सड़क पर अक्सर वाहनों और ई-रिक्शा के चलते जाम लग जाता था, जिससे न केवल ग्राहकों को परेशानी होती थी, बल्कि व्यापारियों का कामकाज भी प्रभावित होता था।
बीते महीनों में यातायात पुलिस और बाजार के व्यापारियों के बीच कई बैठकें हुईं। इन बैठकों में व्यापारियों ने मुख्य सड़क पर बार-बार जाम लगने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जाम का मुख्य कारण बाजार में खड़े ठेले और ई-रिक्शा हैं। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए व्यापारियों से सहयोग मांगा और समस्या का स्थायी समाधान खोजने का प्रस्ताव रखा।
व्यापारियों ने स्वयं की पहल
इस जाम की समस्या को देखते हुए सीतलामाता बाजार व्यापारी एसोसिएशन ने खुद पहल की है। एसोसिएशन की अध्यक्ष हेमा पंजवानी के अनुसार, अब बाजार में महिला और पुरुष गार्ड तैनात किए गए हैं। ये गार्ड बाजार के दोनों सिरों—गौराकुंड और सांठा—पर तैनात हैं।
इन गार्डों का मुख्य कार्य बाजार में ठेलों और ई-रिक्शा के प्रवेश को नियंत्रित करना है। अब बिना सवारी वाले रिक्शा और ठेले बाजार में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। वहीं, जिन रिक्शा में सवारी होगी, उन्हें प्रवेश की अनुमति होगी, लेकिन बाजार में खड़ा होने की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य मुख्य सड़क को यातायात के लिए खुला रखना और जाम से बचना है।
पार्किंग नियम व्यापारियों के लिए
नए नियमों के तहत अब व्यापारियों के लिए भी पार्किंग नियम लागू किए जा रहे हैं। मुख्य सड़क पर सफेद लाइन से चिह्नित पार्किंग स्थान अब केवल ग्राहकों के लिए आरक्षित रहेंगे।
व्यापारी एसोसिएशन के सदस्य अनिल शर्मा बबलू ने बताया कि प्रत्येक दुकानदार को दुकान के बाहर केवल दो वाहन खड़े करने की अनुमति होगी। बाकी वाहनों को पास स्थित नगर निगम की मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ा करना होगा। इसके लिए व्यापारियों के वाहनों पर स्टीकर पास लगाए जाएंगे।
प्रारंभिक चरण में व्यापारियों को समझाइश दी जा रही है। होली के बाद, यदि कोई नियमों का उल्लंघन करेगा, तो जुर्माना लगाया जाएगा। व्यापारियों का मानना है कि इससे ग्राहकों को सुविधा मिलेगी, सड़क पर जाम कम होगा और बाजार में व्यापार में भी वृद्धि होगी।
बाजार में सकारात्मक बदलाव
बाजार के नियमित दुकानदार और ग्राहक इस पहल से खुश हैं। उन्होंने कहा कि पहले बाजार में जाम लगने के कारण समय पर सामान लेना मुश्किल होता था। अब गार्ड तैनात होने और पार्किंग नियम लागू होने के बाद स्थिति बेहतर हुई है।
एक दुकानदार ने कहा, “पहले लोग दुकान पर आकर सामान लेने में समय गंवा देते थे। अब ग्राहकों के लिए पार्किंग और सड़क खुली होने से व्यापार में गति बढ़ी है। व्यापारियों के लिए यह कदम बहुत जरूरी था।”
पुलिस और व्यापारियों का सहयोग
यातायात पुलिस ने भी इस पहल की सराहना की है। अधिकारी बताते हैं कि बाजार के अंदर गार्ड और नियमन से सड़क पर वाहन नियंत्रण बेहतर हुआ है। पुलिस और व्यापारियों के बीच सहयोग से यह दिखाया गया कि यदि जिम्मेदारी साझा की जाए, तो सार्वजनिक व्यवस्था में सुधार संभव है।
अधिकारी ने कहा, “हमारे पास हमेशा सीमित संसाधन होते हैं। अगर व्यापारियों ने खुद पहल की और नियमों का पालन किया, तो ट्रैफिक व्यवस्था बहुत बेहतर हो सकती है। यह मॉडल अन्य बाजारों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।”
ग्राहकों और नागरिकों की प्रतिक्रिया
बाजार में आने वाले ग्राहक भी संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि पहले बाजार में ट्रैफिक जाम के कारण सामान खरीदना मुश्किल होता था। अब गार्ड और नियमन होने से सड़क पर आराम से चलना संभव हो गया है।
एक ग्राहक ने बताया, “मैं हर हफ्ते सीतलामाता बाजार आता हूँ। पहले पार्किंग और जाम के कारण समय लगता था। अब नियम लागू होने के बाद ग्राहक आसानी से आ-जा सकते हैं और व्यापारियों का काम भी सुचारु रूप से चल रहा है।”
आगे की योजना
व्यापारी एसोसिएशन का कहना है कि वे नियमों की निगरानी जारी रखेंगे। यदि किसी दुकान के बाहर दो से अधिक वाहन खड़े पाए गए, तो उन्हें समझाया जाएगा। इसके बाद ही जुर्माना की कार्रवाई शुरू होगी।
साथ ही, एसोसिएशन योजना बना रही है कि सभी ई-रिक्शा चालकों को समय-समय पर जागरूक किया जाएगा, ताकि वे नियमों का पालन करें। इस पहल से यह संदेश जाता है कि व्यापारी और प्रशासन मिलकर शहर की व्यवस्था सुधार सकते हैं।
निष्कर्ष
सीतलामाता बाजार की यह पहल शहर के लिए एक उदाहरण बन गई है। बाजार के व्यापारियों ने न केवल अपने कामकाज को सुचारु बनाया, बल्कि ग्राहकों और नागरिकों की सुविधा का भी ध्यान रखा।
यह कदम यह दर्शाता है कि सामाजिक जिम्मेदारी और पहल से सार्वजनिक समस्याओं का समाधान संभव है। यदि सभी बाजारों में ऐसे नियम लागू किए जाएं और व्यापारियों तथा प्रशासन में सहयोग रहे, तो इंदौर के पुराने बाजारों में ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं।
