MP Weather Today: बारिश थमी, बढ़ी गर्मी की तपिश; 28 जिलों में पारा 30 डिग्री के पार
MP में लगातार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बादलों के छंटते ही धूप तेज हो गई है और दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बुधवार को राजधानी Bhopal सहित प्रदेश के 28 जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मौसम साफ रहेगा, लेकिन 2 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने के संकेत हैं, जिससे फिर बदलाव संभव है।
MP कई बड़े शहरों में बढ़ा तापमान
MP के प्रमुख शहरों में दिन की गर्मी साफ तौर पर महसूस की गई। Indore, Ujjain, Gwalior और Jabalpur में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। उज्जैन में पारा 33.5 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि अन्य शहरों में तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच रहा। मौसम साफ होने के बाद दिन में धूप की तीव्रता बढ़ने से लोगों को दोपहर के समय गर्मी का अहसास होने लगा है।
निमाड़ अंचल रहा सबसे गर्म
निमाड़ क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। Khargone और Khandwa प्रदेश के सबसे गर्म जिले रहे, जहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। फरवरी के अंतिम सप्ताह में इस तरह की गर्मी सामान्य से अधिक मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान में यह बढ़ोतरी हो रही है।
फरवरी में चार बार बदला मौसम
इस वर्ष फरवरी का महीना मौसम के लिहाज से असामान्य रहा। महीने की शुरुआत में ही दो बार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे गेहूं और चने की फसल को नुकसान पहुंचा। इसके बाद 18 फरवरी से फिर वर्षा का दौर शुरू हुआ, जो 19, 20 और 21 फरवरी तक जारी रहा। 23 और 24 फरवरी को चौथी बार आंधी-बारिश और ओलों ने प्रदेश के कई हिस्सों को प्रभावित किया।
बार-बार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में फसलों को नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासन द्वारा सर्वे भी कराया गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह का उतार-चढ़ाव रबी की फसलों के लिए अनुकूल नहीं है।
रात के तापमान में भी बढ़ोतरी
दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की ठंडक अब भी बनी हुई है। Katni जिले के करौंदी में न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि Shahdol के कल्याणपुर में 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री, इंदौर में 14.2 डिग्री, ग्वालियर में 14.8 डिग्री, उज्जैन में 16.5 डिग्री और जबलपुर में 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं Narmadapuram में रात का तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। इससे साफ है कि अब ठंड का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है और गर्मी अपना प्रभाव बढ़ा रही है।
किसानों की बढ़ी चिंता
बार-बार बदलते मौसम ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को पहले ही नुकसान हो चुका है। अब अचानक बढ़ती गर्मी भी फसलों के लिए चुनौती बन सकती है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि तापमान में तेजी से बढ़ोतरी जारी रही तो गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे कराया है और राहत प्रक्रिया पर भी काम शुरू किया है।
2 मार्च से फिर बदलाव के संकेत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 2 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इसका प्रभाव मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ने की संभावना है। अनुमान है कि कुछ जिलों में हल्की बारिश या बादल छाने की स्थिति बन सकती है। हालांकि तब तक प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी जारी रह सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के पहले सप्ताह में तापमान और बढ़ सकता है। यदि बादल नहीं छाए और हवा शुष्क रही तो गर्मी का असर और तेज हो सकता है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय धूप से बचाव करने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है।
बदलते मौसम का संकेत
फरवरी के अंतिम दिनों में तापमान का 30 डिग्री पार करना इस बात का संकेत है कि अब मौसम सर्दी से गर्मी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि बीच-बीच में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ से अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन समग्र रूप से प्रदेश में गर्मी का दौर शुरू हो चुका है।
फिलहाल प्रदेशवासियों को दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंडक का मिला-जुला मौसम झेलना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में मौसम की चाल पर सबकी नजर रहेगी, खासकर किसानों की, जिनकी फसलें इस बदलाव से सीधे प्रभावित होती हैं।
