शैल्बी हॉस्पिटल एडवांस लेप्रोस्कोपिक यूरोलॉजी में 100 सफल की-होल सर्जरी पूर्ण कर नई ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। जानिए 3D लेप्रोस्कोपी सिस्टम, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और आधुनिक सुविधाओं की पूरी जानकारी।
शैल्बी हॉस्पिटल एडवांस लेप्रोस्कोपिक यूरोलॉजी: 100 सफल की-होल सर्जरी की ऐतिहासिक उपलब्धि
शैल्बी हॉस्पिटल एडवांस लेप्रोस्कोपिक यूरोलॉजी ने चिकित्सा क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। पिछले एक वर्ष में 100 सफल की-होल (Key-Hole) सर्जरी पूर्ण कर अस्पताल ने उन्नत तकनीक, विशेषज्ञता और मरीज-केंद्रित देखभाल का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह उपलब्धि न केवल अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग की दक्षता को दर्शाती है, बल्कि इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए उच्च स्तरीय उपचार की उपलब्धता भी सुनिश्चित करती है।
शैल्बी हॉस्पिटल एडवांस लेप्रोस्कोपिक यूरोलॉजी की ऐतिहासिक सफलता
शैल्बी हॉस्पिटल एडवांस लेप्रोस्कोपिक यूरोलॉजी विभाग ने पिछले एक वर्ष में 100 सफल की-होल सर्जरी पूरी कर चिकित्सा जगत में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस अवसर पर यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट एवं ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. विनीत नजा जैन ने एक अवेयरनेस कार्यक्रम में विभाग की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी।
अस्पताल के सीओओ श्री वेंकटेश, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विवेक जोशी तथा डिप्टी सीएओ अभिषेक चौरसिया ने बताया कि विभाग की सफलता निरंतर अनुसंधान, तकनीकी उन्नयन और विशेषज्ञ टीम के सहयोग का परिणाम है।
एक वर्ष में 732 सर्जरी – उत्कृष्ट प्रदर्शन
शैल्बी हॉस्पिटल एडवांस लेप्रोस्कोपिक यूरोलॉजी विभाग ने पिछले वर्ष में कुल 732 सर्जरी कीं। इनमें शामिल हैं:
- 100 एडवांस लेप्रोस्कोपिक सर्जरी
- 585 एंडो-यूरोलॉजिकल और रिकंस्ट्रक्टिव प्रोसीजर
- जटिल किडनी एवं यूरिनरी सिस्टम सर्जरी
यह आँकड़ा दर्शाता है कि विभाग केवल संख्या में ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता में भी अग्रणी है।
जटिल केसों में सफलता
यूरिटर इंजरी का सफल उपचार
हाल ही में एक गंभीर केस में किडनी की नली (युरेटर) की इंजरी को दूरबीन पद्धति से सफलतापूर्वक ठीक किया गया। पेशाब की थैली से नई नली बनाकर उसे जोड़ा गया, और वर्तमान में मरीज की किडनी सामान्य रूप से कार्य कर रही है।
65 वर्षीय महिला का सफल उपचार
एक 65 वर्षीय महिला, जिनके बच्चेदानी कैंसर ऑपरेशन के बाद बाएं गुर्दे की नली में सिकुड़न हो गई थी, उनका भी लेप्रोस्कोपिक पद्धति से सफल उपचार किया गया।
शैल्बी हॉस्पिटल एडवांस लेप्रोस्कोपिक यूरोलॉजी जटिल मामलों को भी अत्यंत सुरक्षित और प्रभावी तरीके से संभाल रहा है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुभवी टीम
यूरोलॉजी विभाग में सेवाएँ दे रहे हैं:
- वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट एवं ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. विनीत नजा जैन
- युवा एवं ऊर्जावान यूरोलॉजिस्ट डॉ. शशांक चौरसिया
नेफ्रोलॉजी विभाग में:
- डॉ. राहुल शुक्ला (फुल-टाइम कंसल्टेंट)
- डॉ. मोहित नरेड़ी (फुल-टाइम कंसल्टेंट)
शैल्बी हॉस्पिटल एडवांस लेप्रोस्कोपिक यूरोलॉजी की सफलता का प्रमुख आधार इसकी समर्पित और अनुभवी चिकित्सा टीम है।
अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक सुविधाएँ
अस्पताल में उपलब्ध प्रमुख सुविधाएँ:
- अत्याधुनिक 3D लेप्रोस्कोपी सिस्टम
- हाई-टेक समर्पित यूरोलॉजी ऑपरेशन थिएटर
- सीनियर सिटीजन एवं क्रिटिकल मरीजों हेतु सुसज्जित ICU
- फुल-टाइम एनेस्थीसिया टीम
- मल्टीपल डिजीज एवं को-मॉर्बिडिटी मरीजों का सुरक्षित प्रबंधन
इन सुविधाओं के कारण शैल्बी हॉस्पिटल एडवांस लेप्रोस्कोपिक यूरोलॉजी उपचार के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है।
की-होल सर्जरी के फायदे
की-होल (लेप्रोस्कोपिक) सर्जरी आधुनिक चिकित्सा की एक क्रांतिकारी तकनीक है। इसके लाभ:
- कम दर्द
- कम रक्तस्राव
- छोटे चीरे
- शीघ्र रिकवरी
- कम हॉस्पिटल स्टे
- संक्रमण का कम जोखिम
मरीजों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
शैल्बी हॉस्पिटल एडवांस लेप्रोस्कोपिक यूरोलॉजी की 100 सफल सर्जरी यह दर्शाती है कि इंदौर में अब उच्च स्तरीय यूरोलॉजी उपचार उपलब्ध है। मरीजों को महानगरों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है।विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार किडनी और यूरिनरी रोगों का समय पर उपचार जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार ला सकता है ।इस उपलब्धि से क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है।
निष्कर्ष
शैल्बी हॉस्पिटल एडवांस लेप्रोस्कोपिक यूरोलॉजी की 100 सफल की-होल सर्जरी केवल एक संख्या नहीं, बल्कि विश्वास, विशेषज्ञता और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक है।अस्पताल में एडवांस यूरोलॉजी और की-होल सर्जरी अब नियमित रूप से की जा रही है, जिससे मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव, तेज रिकवरी और बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।यह उपलब्धि इंदौर के चिकित्सा इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।



