SMFG इंडिया क्रेडिट का ‘पशु विकास दिवस’ बना ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम,
इंदौर, 25 फरवरी 2026। भारत की अग्रणी एनबीएफसी कंपनियों में से एक SMFG इंडिया क्रेडिट ने 14 फरवरी 2026 को अपनी प्रमुख ग्रामीण एवं पशु कल्याण पहल ‘पशु विकास दिवस’ (Pashu Vikas Diwas) के आठवें संस्करण का सफल समापन किया। ‘सर्वोत्तम सेवाः पशु, परिवार और प्रगति’ थीम पर आधारित इस पहल ने एक बार फिर ग्रामीण भारत में समग्र विकास की दिशा में अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
यह पहल पशुओं के स्वास्थ्य, किसान परिवारों की सुरक्षा और स्थायी आर्थिक प्रगति के बीच गहरे संबंध को समझते हुए तैयार की गई है। ग्रामीण भारत में पशुधन न केवल आजीविका का साधन है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिरता का आधार भी है। इसी दृष्टिकोण के साथ यह कार्यक्रम देशभर में आयोजित किया गया।
2014 से शुरू हुई पहल, बना राष्ट्रीय स्तर का अभियान
‘पशु विकास दिवस’ की शुरुआत वर्ष 2014 में की गई थी। इसका उद्देश्य पशु मालिकों को निःशुल्क पशु चिकित्सा सेवाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उत्पादकता बढ़ाने के उपाय उपलब्ध कराना था। वर्षों के दौरान यह पहल देश के सबसे बड़े एक दिवसीय पशु कल्याण कार्यक्रमों में से एक के रूप में स्थापित हो चुकी है।
इस वर्ष आयोजित आठवें संस्करण ने अपने प्रभाव और पैमाने के मामले में नई ऊंचाइयों को छुआ।
1.55 लाख से अधिक जीवनों पर सकारात्मक प्रभाव
एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट की इस पहल के तहत:
- लगभग 1.4 लाख पशुओं का इलाज किया गया
- 14,000 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग मिला
- 30,000 से अधिक परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचा
- कुल मिलाकर 1.55 लाख से अधिक जीवनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा
यह कार्यक्रम देश के 16 राज्यों में स्थित कंपनी की 510 ग्रामशक्ति शाखाओं के माध्यम से संचालित किया गया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन की गहरी पहुंच को दर्शाता है।
मध्य प्रदेश में विशेष प्रभाव
मध्य प्रदेश में यह कार्यक्रम 41 लोकेशनों पर आयोजित किया गया। यहां:
- करीब 16,000 पशुओं को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं
- 2,200 से अधिक परिवारों को लाभ मिला
हर शिविर में स्थानीय वेटेरीनेरी डॉक्टरों ने पशुओं की निःशुल्क जांच की। इसके अलावा:
- मुफ्त दवाइयों का वितरण
- आवश्यक टीकाकरण
- दुधारू पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ सलाह
- पोषण और रोग-निवारण संबंधी मार्गदर्शन
जैसी सेवाएं प्रदान की गईं।
‘सर्वोत्तम सेवा’ की सोच
इस अवसर पर एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रवि नारायणन ने कहा:
“सर्वोत्तम सेवा का अर्थ केवल उच्च गुणवत्ता की सेवाएं देना नहीं है, बल्कि सहानुभूति, उद्देश्य और प्रभाव के संयोजन से स्थायी बदलाव लाना है। ग्रामीण भारत में पशुओं का स्वास्थ्य, परिवारों की सुरक्षा और आर्थिक प्रगति आपस में गहराई से जुड़े हैं। पशु विकास दिवस इस तंत्र को मजबूत बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल तत्काल चिकित्सा सहायता देना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और समावेशी विकास की नींव मजबूत करना है, जिससे किसान परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता
पशु विकास दिवस को वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठित रिकॉर्ड और सम्मान प्राप्त हुए हैं, जो इसके प्रभाव और व्यापकता की पुष्टि करते हैं:
- 2015 – लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल
- 2018 – बेस्ट ऑफ इंडिया रिकॉर्ड्स में स्थान
- 2019 – वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल
- 2024 – एक दिन में सबसे बड़े राष्ट्रव्यापी पशु देखभाल शिविर के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड्स यूनियन में दर्ज
इसके अलावा, वर्ष 2025 में इस पहल ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। देशभर की कई लोकेशनों पर एक साथ आयोजित ‘सबसे बड़े कैटल वेलफेयर लेसन’ के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बनाया गया। यह उपलब्धि ग्रामीण विकास और पशु कल्याण के क्षेत्र में कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
ग्रामीण आजीविका को मजबूती
ग्रामीण भारत में पशुपालन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। पशुओं के स्वस्थ रहने से:
- दूध उत्पादन में वृद्धि
- आय में स्थिरता
- परिवार की आर्थिक सुरक्षा
- बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर
देखने को मिलता है।
इस दृष्टि से ‘पशु विकास दिवस’ केवल एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम है।
समावेशी और स्थायी विकास की दिशा में कदम
एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट की यह पहल कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) का एक सशक्त उदाहरण है। कंपनी ने यह साबित किया है कि वित्तीय सेवाओं से आगे बढ़कर सामाजिक विकास में भी सक्रिय योगदान दिया जा सकता है।
ग्रामीण समुदायों में जागरूकता बढ़ाने, पशुधन की उत्पादकता सुधारने और परिवारों की आय बढ़ाने की दिशा में यह कार्यक्रम एक मॉडल के रूप में उभर रहा है।
निष्कर्ष
‘पशु विकास दिवस’ का आठवां संस्करण ग्रामीण भारत में सकारात्मक परिवर्तन का एक और महत्वपूर्ण अध्याय साबित हुआ है। 1.55 लाख से अधिक जीवनों पर प्रभाव डालते हुए एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट ने यह दिखाया है कि जब सेवा, सहानुभूति और उद्देश्य एक साथ आते हैं, तो स्थायी और व्यापक बदलाव संभव है।
ग्रामीण भारत के विकास, पशु कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में यह पहल भविष्य में भी प्रेरणादायक उदाहरण बनी रहेगी।
