Bhopal में राहुल गांधी की किसान महापंचायत से पहले सियासी संग्राम,
MP की राजधानी Bhopal में आज राजनीतिक हलचल अपने चरम पर है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi यहां किसान महापंचायत को संबोधित करने पहुंच रहे हैं। लेकिन उनके कार्यक्रम से पहले ही प्रदेश की सियासत गरमा गई है। CM Mohan Yadav ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब प्रदेश में किसानों, व्यापारिक समझौतों और कृषि नीतियों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। कांग्रेस जहां किसान हितों के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं भाजपा सरकार अपनी उपलब्धियों का हवाला देकर पलटवार कर रही है।
“रबी और खरीफ की फसल जान लें” – सीएम का तंज
CM मोहन यादव ने राहुल गांधी के भोपाल आगमन से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि चौपाल लगाना अच्छी बात है, लोकतंत्र में संवाद होना चाहिए। लेकिन उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को पहले यह समझना चाहिए कि रबी और खरीफ की फसल क्या होती है।
CM ने कहा, “राहुल गांधी आज एक दिन के लिए आ रहे हैं, लेकिन हमारी सरकार 365 दिन किसानों के लिए काम कर रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश आज दुग्ध उत्पादन और कृषि विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और राहुल गांधी को इन उपलब्धियों पर भी बोलना चाहिए।
CM का यह बयान सीधे तौर पर राहुल गांधी की कृषि समझ और कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाने वाला माना जा रहा है।
“कांग्रेस ने किसानों के साथ अन्याय किया”
CM मोहन यादव ने कांग्रेस के पुराने शासनकाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि 2003 तक प्रदेश में केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में किसानों के हितों की अनदेखी की।
CM ने दावा किया कि कांग्रेस ने 55 साल में सिंचाई और कृषि विकास के क्षेत्र में जितना काम किया, उससे अधिक उनकी सरकार ने डेढ़ साल में कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सिंचाई परियोजनाओं को गति दी, किसानों को समर्थन मूल्य पर फसल खरीद की सुविधा दी और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आय बढ़ाने का प्रयास किया।
CM ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाना चाहिए और पहले कांग्रेस के कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए।
एआई समिट में प्रदर्शन पर टिप्पणी
CM मोहन यादव ने हाल ही में आयोजित “इंडिया इंपैक्ट एआई समिट” के दौरान कांग्रेस और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कपड़े उतारकर प्रदर्शन करना एक “गंदी मानसिकता” को दर्शाता है और इससे देश व प्रदेश की छवि खराब होती है।
सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश की कई कॉटन मिलें बंद हुईं और उद्योगों को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसकी एक मर्यादा होती है।
यह बयान भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और इसे राहुल गांधी के कार्यक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
राहुल गांधी का भोपाल कार्यक्रम
कांग्रेस की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, राहुल गांधी दोपहर 2:00 बजे भोपाल के जवाहर चौक स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। वहां वे किसान महापंचायत को संबोधित करेंगे। बताया जा रहा है कि वे करीब चार घंटे तक भोपाल में रहेंगे और ट्रेड डील सहित कृषि से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।
सभा के बाद वे शाम 4:15 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस महापंचायत को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। प्रदेश भर से किसानों और पार्टी कार्यकर्ताओं को भोपाल बुलाया गया है।
कांग्रेस का दावा है कि यह महापंचायत किसानों की आवाज बुलंद करने का मंच बनेगी और सरकार की नीतियों को कठघरे में खड़ा करेगी।
किसान मुद्दों पर सीधी टक्कर
राहुल गांधी का यह कार्यक्रम सीधे तौर पर किसान मुद्दों पर केंद्रित है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में किसानों को उचित दाम, समय पर भुगतान और पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है। वहीं भाजपा सरकार का कहना है कि किसानों के लिए रिकॉर्ड स्तर पर योजनाएं चलाई जा रही हैं और कृषि विकास दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के लिए काम कर रही है, चाहे वह सिंचाई परियोजनाएं हों, समर्थन मूल्य पर खरीद हो या प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की पहल। उन्होंने कहा कि प्रदेश को “किसानों के लिए आदर्श राज्य” बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है।
इस बीच राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी की यह महापंचायत आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखकर आयोजित की गई है। किसान वर्ग हमेशा से मध्य प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता रहा है।
सियासी माहौल गरम
राहुल गांधी की किसान महापंचायत और उससे पहले मुख्यमंत्री के तीखे बयानों ने प्रदेश की राजनीति को गर्म कर दिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इस मौके को अपने-अपने तरीके से भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।
जहां कांग्रेस इसे किसानों की आवाज बताकर सरकार पर दबाव बनाना चाहती है, वहीं भाजपा इसे राजनीतिक स्टंट करार दे रही है। मुख्यमंत्री के बयान साफ संकेत देते हैं कि सरकार इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राहुल गांधी अपने भाषण में किन मुद्दों को प्रमुखता देंगे और मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों का क्या जवाब देंगे।
निष्कर्ष
भोपाल में आयोजित किसान महापंचायत केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में शक्ति प्रदर्शन का मंच बन चुकी है। एक ओर राहुल गांधी किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी सरकार की उपलब्धियों का हवाला देकर कांग्रेस पर पलटवार कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस महापंचायत का राजनीतिक असर क्या पड़ता है और किसान वर्ग किस पक्ष की दलीलों को ज्यादा स्वीकार करता है। फिलहाल, भोपाल की सियासत पूरी तरह से गर्म है और दोनों दलों के बीच बयानबाजी का दौर जारी है।
