Holi Special Trains 2026: मुंबई और दिल्ली से उत्तर प्रदेश-बिहार के लिए स्पेशल ट्रेनें, पूरी जानकारी
भारतीय रेलवे ने Holi के त्योहार के अवसर पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 1410 स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। इनमें से 285 ट्रेनें पूर्व मध्य रेलवे (ECR) जोन के तहत दिल्ली और मुंबई से 1 मार्च से 22 मार्च के बीच उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए चलाई जाएंगी। वहीं, सेंट्रल रेलवे 186 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा, जिनमें से 94 ट्रेनें होली स्पेशल हैं और शेष 92 अन्य विशेष सेवाएं हैं। इस कदम का उद्देश्य उन उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को अपने घर लौटने में मदद करना है जो अन्य राज्यों में रहते हैं और होली के अवसर पर अपने परिवार के साथ त्योहार मनाना चाहते हैं।
सेंट्रल रेलवे की स्पेशल ट्रेनें
सेंट्रल रेलवे की ये 186 स्पेशल ट्रेनें मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से रवाना होंगी। इसके अलावा पुणे से नागपुर, बनारस (वाराणसी), गोरखपुर, समस्तीपुर, दानापुर, सुल्तानपुर और अन्य प्रमुख शहरों के लिए ट्रेनें संचालित होंगी।
रेलवे का यह कदम विशेष रूप से उन प्रवासी यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने घर वापस लौटना चाहते हैं और सामान्य ट्रेनें होली के समय पर अधिक व्यस्त रहती हैं। स्पेशल ट्रेनें यात्रियों के लिए सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखकर चलाई जाएंगी।
प्रमुख स्पेशल ट्रेनें और समय
- लोकमान्य तिलक–समस्तीपुर–लोकमान्य तिलक स्पेशल (01043/01044)
- रवाना: 24 फरवरी और 3 मार्च, दोपहर 12:15 बजे
- समस्तीपुर पहुँच: रात 11:45 बजे
- वापसी: 26 फरवरी और 5 मार्च, देर रात 3 बजे
- मार्ग: मुजफ्फरपुर–हाजीपुर–पाटलिपुत्र–डीडीयू–प्रयागराज छिवकी
- रक्सौल–लोकमान्य तिलक–रक्सौल स्पेशल (05557/05558)
- रवाना: 10 मार्च से 31 मार्च, हर मंगलवार शाम 7:15 बजे
- लोकमान्य तिलक पहुँच: तीसरे दिन सुबह 5:50 बजे
- वापसी: 12 मार्च से 2 अप्रैल, हर गुरुवार सुबह 7:55 बजे
- मार्ग: मुजफ्फरपुर–हाजीपुर–पाटलिपुत्र–डीडीयू–प्रयागराज छिवकी
- सहरसा–लोकमान्य तिलक–सहरसा स्पेशल (05585/05586)
- रवाना: 6 मार्च से 27 मार्च, हर शुक्रवार शाम 5:45 बजे
- लोकमान्य तिलक पहुँच: तीसरे दिन सुबह 5:30 बजे
- वापसी: 8 मार्च से 29 मार्च, हर रविवार शाम 4:35 बजे
- मार्ग: मुजफ्फरपुर–हाजीपुर–पाटलिपुत्र–डीडीयू–प्रयागराज छिवकी
- श्रीगंगानगर–समस्तीपुर–श्रीगंगानगर स्पेशल (04731/04732)
- रवाना: 1 मार्च से 30 मार्च, हर रविवार दोपहर 1:25 बजे
- समस्तीपुर पहुँच: रात 11:30 बजे
- वापसी: 3 मार्च से 31 मार्च, हर मंगलवार रात 2:10 बजे
- मार्ग: मुजफ्फरपुर–हाजीपुर–गोरखपुर–मुरादाबाद
- अहमदाबाद–पटना–अहमदाबाद स्पेशल (09447/09448)
- रवाना: 25 मार्च तक, प्रत्येक बुधवार
- वापसी: 27 मार्च तक, प्रत्येक शुक्रवार
- मार्ग: डीडीयू–आगरा फोर्ट–कोटा
- ये ट्रेनें मुंबई, पुणे और दिल्ली से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लिए चलेंगी।
यात्रियों के लिए मार्ग और स्टॉपेज
सभी ट्रेनें अपने निर्धारित स्टॉपेज और समय के अनुसार चलेंगी। प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के बैठने और उतरने की सुविधा होगी। प्रत्येक ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाएगा। रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि विशेष ट्रेनों में टिकट बुकिंग के दौरान कोई परेशानी न आए और यात्रियों को कंफर्म टिकट उपलब्ध हो।
Holi स्पेशल ट्रेनें क्यों जरूरी हैं
होली के त्योहार पर सामान्य ट्रेनें बहुत व्यस्त होती हैं। ऐसे में प्रवासी लोग अपने घर लौटने के लिए इन स्पेशल ट्रेनों का सहारा लेते हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार में रहने वाले लोग इन ट्रेनों का इस्तेमाल कर सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से अपने घर पहुँच सकते हैं।
यात्रियों के लिए सुझाव
- यात्रियों से अनुरोध है कि वे अग्रिम टिकट बुकिंग कर लें।
- समय पर स्टेशन पर पहुंचें क्योंकि त्योहार के समय भीड़ अधिक रहती है।
- यात्रा के दौरान रेलवे नियमों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
- बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल करें।
- यदि कोई ट्रेन लेट हो रही है या रूट में परिवर्तन होता है, तो रेलवे द्वारा जारी सूचना का पालन करें।
अतिरिक्त जानकारी
- रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि स्पेशल ट्रेनों में बैठने की सुविधा, सफाई और सुरक्षा के मानक लागू रहें।
- यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न स्टेशनों पर हेल्प डेस्क और जानकारी केंद्र उपलब्ध होंगे।
- स्पेशल ट्रेनें फरवरी के अंत से मार्च के मध्य तक चलेंगी, ताकि सभी यात्रियों को घर लौटने में आसानी हो।
इस वर्ष होली स्पेशल ट्रेनें मुंबई, दिल्ली और पुणे से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लिए विशेष रूप से संचालित की जाएंगी। इसका उद्देश्य होली के त्योहार पर प्रवासी लोगों को उनके घर सुरक्षित और आरामदायक तरीके से पहुँचाना है।
भारतीय रेलवे का यह कदम प्रवासी यात्रियों और उनके परिवारों के लिए बहुत ही सहायक साबित होगा। इस विशेष प्रबंध से त्योहार की खुशी दोगुनी हो जाएगी, क्योंकि लोग अपने प्रियजनों के साथ होली मना सकेंगे और त्योहार का आनंद पूरी तरह से उठा सकेंगे।
