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Kanpur विवाद: पंकज दीक्षित ने आशुतोष पांडे के आपराधिक रिकॉर्ड का किया खुलासा

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Published On: 24 February 2026
Kanpur Brahmin Community Abuzz as Avimukteshwaranand Case Sparks Debate
— Kanpur Brahmin Community Abuzz as Avimukteshwaranand Case Sparks Debate

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Avimukteshwaranand Case: पंकज दीक्षित ने आशुतोष पांडे के खिलाफ मोर्चा खोला

Kanpur, उत्तर प्रदेश: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी आशुतोष पांडे (जिन्हें आशुतोष ब्रह्मचारी के नाम से भी जाना जाता है) के खिलाफ कानपुर के रहने वाले राष्ट्रीय ब्राह्मण युवाजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता पंकज दीक्षित ने सक्रिय मोर्चा खोल दिया है।

पंकज दीक्षित का दावा है कि अविमुक्तेश्वरानंद महाराज पर गंभीर आरोप लगाने वाले आशुतोष पांडे का खुद का एक लंबा और गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए इस मामले में कई सवाल उठते हैं और यह पूरी घटना एक सुनियोजित षड्यंत्र प्रतीत हो रही है।

1. आशुतोष पांडे का पुराना आपराधिक इतिहास

पंकज दीक्षित ने बताया कि आशुतोष पांडे पर पूर्व में कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।

  • इनमें अवैध वसूली, धोखाधड़ी, धमकी और अन्य आपराधिक गतिविधियां शामिल हैं।
  • पंकज ने विशेष रूप से गोंडा जिले के एक पुराने मामले का जिक्र किया।
  • इस मामले में तत्कालीन एसपी नवनीत राणा द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में आशुतोष पांडे को कथित तौर पर घूस लेने या देने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था।
  • यह मामला गोकशी से जुड़े ट्रकों की दलाली या संबंधित अवैध गतिविधियों से जुड़ा बताया गया।

इसके अलावा पंकज दीक्षित ने आरोप लगाया कि आशुतोष पांडे ने सरकारी पद दिलवाने के नाम पर अवैध वसूली भी की थी। इस कारण वर्ष 2018 में पंकज दीक्षित ने Kanpur के स्वरूप नगर थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

2. संगठन में विवाद और पंकज दीक्षित की भूमिका

दिलचस्प बात यह है कि उस समय पंकज दीक्षित और आशुतोष पांडे दोनों राष्ट्रीय ब्राह्मण युवाजन सभा के सदस्य थे।

  • पंकज उस समय प्रदेश अध्यक्ष थे, जबकि आशुतोष पांडे राष्ट्रीय अध्यक्ष।
  • पंकज के अनुसार, संगठन में आशुतोष पांडे की अवैध गतिविधियों और संगठन की छवि खराब करने वाले व्यवहार के कारण उन्हें संगठन से बाहर किया गया।
  • इसके बाद संगठन ने पंकज दीक्षित को राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर प्रमोट किया।
  • पंकज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोगों को आगाह किया कि वे आशुतोष पांडे के झांसे में न आएं और उनकी बातों पर भरोसा न करें।

3. आशुतोष पांडे पर दर्ज अन्य मामले

राष्ट्रीय ब्राह्मण युवाजन सभा के अध्यक्ष पंकज दीक्षित ने बताया कि आशुतोष पांडे पर यूपी के अन्य जिलों में भी कई मुकदमे दर्ज हैं।

  • इसमें गोहत्या, धमकी, धोखाधड़ी और संगठित अपराध शामिल हैं।
  • पंकज ने दावा किया कि आशुतोष पांडे पूर्व में सपा सरकार के एक राज्य मंत्री के संरक्षण में अवैध गतिविधियों में संलिप्त थे।
  • इस कारण उनके और उस मंत्री के बीच विवाद भी हुआ था।

पंकज का कहना है कि जब आशुतोष पांडे ने आदि गुरु शंकराचार्य पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, तो उनके स्वयं के आपराधिक बैकग्राउंड को देखते हुए यह मामला संदिग्ध लग रहा है।

4. पंकज दीक्षित ने सीएम योगी से की जांच की मांग

राष्ट्रीय ब्राह्मण युवाजन सभा के अध्यक्ष ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मांग की है कि इस मामले की गहनता से जांच कराई जाए।

पंकज दीक्षित ने कहा:
“आशुतोष पांडे एक शातिर अपराधी है। पुलिस और न्यायालय को इस मामले की गंभीर जांच करनी चाहिए। संत समाज में एकता और सम्मान बनाए रखने के लिए ऐसे लोगों की पृष्ठभूमि को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जो स्वयं विवादों में घिरे रहे हों।”

5. पुलिस जांच और सत्य का खुलासा

वर्तमान में यह विवाद कानपुर और पूरे उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण समाज में चर्चा का विषय बन गया है।

  • लोग इस मामले पर अलग-अलग राय रख रहे हैं।
  • पंकज दीक्षित का दावा है कि सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।
  • उनका कहना है कि आशुतोष पांडे अक्सर मीडिया में चर्चा में बने रहने और सरकार से फर्जी सुरक्षा मांगने के नाम पर ऐसे कार्य करते हैं।
  • यह आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही स्पष्ट हो पाएगा।

6. ब्राह्मण समाज में प्रभाव

इस विवाद ने ब्राह्मण समाज में भी हलचल पैदा कर दी है।

  • कई लोग पंकज दीक्षित के समर्थन में खड़े हैं।
  • वहीं, कुछ लोग आशुतोष पांडे की ओर झुकाव रखते हैं।
  • संत समाज और संगठन की छवि को ध्यान में रखते हुए इस मामले में निष्पक्ष जांच की जरूरत है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के विवाद संत समाज की एकता और प्रतिष्ठा पर असर डाल सकते हैं, इसलिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है।

निष्कर्ष

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद, पंकज दीक्षित द्वारा आशुतोष पांडे के खिलाफ मोर्चा खोलना एक नया मोड़ है।

  • पंकज का दावा है कि आशुतोष पांडे का विस्तृत आपराधिक इतिहास इस मामले को संदिग्ध बनाता है।
  • पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठा है।
  • इस विवाद ने ब्राह्मण समाज में चर्चा और विवाद को जन्म दिया है।

अंततः, इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है ताकि समाज में संतों की प्रतिष्ठा सुरक्षित रहे और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सके।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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