Bhopal-जबलपुर हाईवे पर शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज का हिस्सा ढहा, ट्रैफिक हुआ प्रभावित
हल्के वाहनों को डायवर्ट रूट से निकाला जा रहा है, भारी वाहनों की आवाजाही बंद
Bhopalऔर जबलपुर को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 45 पर रविवार, 22 फरवरी की शाम को शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज का करीब 200 मीटर लंबा हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे के बाद सड़क पर ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हो गया। फिलहाल हल्के वाहनों को ही डायवर्ट रूट से निकाला जा रहा है, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
राहत की बात
हादसे के समय राहत की बात यह रही कि मलबा रेलवे ट्रैक पर नहीं गिरा, इसलिए किसी भी तरह की रेल दुर्घटना टल गई। साथ ही इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
ओवरब्रिज का निर्माण और पिछले मरम्मत कार्य
यह ओवरब्रिज करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से बना था और इसका निर्माण कार्य मात्र तीन साल पहले पूरा हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक, पुल में दरारें आने के बाद पिछले छह माह से मरम्मत कार्य चल रहा था। इसके बावजूद निर्माण कंपनी सुरक्षित तरीके से मरम्मत करने में असफल रही।
घटना के तुरंत बाद परियोजना का निर्माण करने वाली राजस्थान की बांगड़ कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highway Authority of India) के अंतर्गत मंजूर था, जबकि क्षेत्रीय निगरानी की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) की रही।
बड़ा रेल हादसा टला
शहपुरा में जिस स्थान पर ब्रिज का हिस्सा ढहा, उसके करीब 50 मीटर के दायरे में नीचे से रेलवे ट्रैक गुजरता है। यदि यह हिस्सा सीधे ट्रैक पर गिरता या उसी समय ट्रेन गुजर रही होती, तो बड़ा रेल हादसा हो सकता था। घटना के बाद रेलवे और प्रशासन ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है।
हाईवे पर ट्रैफिक प्रभावित
ब्रिज के ढहने के बाद Bhopal-जबलपुर हाईवे रविवार शाम 5 बजे से पूरी तरह बंद कर दिया गया। प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्ट कर हल्के वाहनों को शहपुरा बस्ती के अंदर के मार्ग से निकालना शुरू किया। भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तैनात किया गया है, ताकि ट्रैफिक सुचारू रूप से नियंत्रित किया जा सके।
पहले भी हुई थी ब्रिज क्षति
यह वही ओवरब्रिज है जिसकी दूसरी लेन का हिस्सा दिसंबर 2025 में क्षतिग्रस्त हुआ था। तब से ट्रैफिक केवल एक लेन से संचालित हो रहा था, जबकि दूसरी लेन पर मरम्मत कार्य चल रहा था। वर्तमान हादसा उसी हिस्से में निर्माण कार्य के दौरान हुआ, जिससे ब्रिज का दूसरा हिस्सा भी धंस गया।
एमपीआरडीसी जबलपुर के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राकेश मोरे ने बताया कि बांगड़ कंपनी ने इस हाईवे और ओवरब्रिज का निर्माण किया था। पिछले कुछ महीने से मेंटेनेंस का काम चल रहा था, लेकिन सुरक्षा में चूक के कारण यह हिस्सा गिर गया।
प्रशासन की कार्रवाई
ब्रिज ढहने के बाद निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया है। वहीं, क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत उसी कंपनी द्वारा करवाई जाएगी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अमले ने ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी है।
निष्कर्ष
Bhopal-जबलपुर हाईवे पर शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज का ढहना एक गंभीर घटना है। हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह प्रशासन और निर्माण कंपनियों के लिए सुरक्षा और निगरानी की गंभीर चेतावनी है। भारी वाहनों की आवाजाही रोकने और हल्के वाहनों को डायवर्ट करने जैसे कदम सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए उठाए गए हैं।
इस घटना ने यह भी दिखा दिया है कि निर्माण और मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
