—Advertisement—

भोपाल में किसान-मजदूर चौपाल: MP कांग्रेस का भारत-अमेरिका ट्रेड डील विरोध और मंत्रियों की इस्तीफे की मांग पर जोर

Author Picture
Published On: 23 February 2026
MP
— “भोपाल में किसान-मजदूर चौपाल: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस करेगी विधानसभा का घेराव, किसानों के हित और मंत्रियों के इस्तीफे की मांग”

—Advertisement—

भोपाल में किसान-मजदूर चौपाल: MP कांग्रेस का भारत-अमेरिका ट्रेड डील विरोध और मंत्रियों की इस्तीफे की मांग पर जोर

भोपाल: MP में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में और राज्य सरकार के तीन मंत्रियों से इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने सघन आंदोलन की तैयारी कर ली है। जिले कांग्रेस कमेटी अनूपपुर के अध्यक्ष श्याम कुमार गुड्डू चौहान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि 24 फरवरी 2026 को भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा का घेराव किया जाएगा। यह आंदोलन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि यह आंदोलन केवल व्यापार समझौते के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के किसानों के हितों की रक्षा और राज्य में जारी अराजकता तथा प्रशासन की विफलताओं के खिलाफ भी आवाज उठाने का प्रयास है। 21 फरवरी को भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हिंसक कृत्यों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा के गुंडों ने कांग्रेस कार्यालयों में तोड़फोड़ की, इंदौर जिला कांग्रेस कार्यालय में पथराव किया और कांग्रेस जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े पर हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाई। कांग्रेस का कहना है कि यह घटनाक्रम प्रदेश में भाजपा शासन की असली तस्वीर और “जंगलराज” का स्पष्ट प्रमाण है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस का विरोध

MP कांग्रेस का कहना है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क में संभावित कमी से मध्य प्रदेश के किसानों को गंभीर आर्थिक नुकसान होगा। अमेरिका में औसत कृषि जोत लगभग 170 हेक्टेयर है, जबकि भारत में औसत जोत केवल 1 से 1.5 हेक्टेयर के बीच है। इसके अलावा, अमेरिकी किसानों को व्यापक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सब्सिडी प्राप्त होती है, जबकि भारतीय किसान पहले से ही लागत वृद्धि, मौसमीय अस्थिरता और बाजार संकट जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

MP देश का अग्रणी सोयाबीन उत्पादक राज्य है, जहां लगभग 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की खेती होती है। कांग्रेस का तर्क है कि अगर अमेरिकी सोयाबीन तेल या सोया खली का आयात बढ़ता है, तो स्थानीय मंडियों में दाम गिर सकते हैं। इससे किसानों और स्थानीय प्रसंस्करण उद्योग दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

इसी प्रकार, अमेरिका विश्व का सबसे बड़ा मक्का निर्यातक देश है। एथेनॉल उत्पादन के बाद बचे हुए डिस्टिलर ड्राइड ग्रेन (DDGS) जैसे उत्पादों के आयात से पशु आहार बाजार प्रभावित हो सकता है। इससे प्रदेश के मक्का उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। कपास के संदर्भ में भी स्थिति चिंताजनक है। आयात शुल्क में कमी होने पर अमेरिकी कपास के आयात से निमाड़ और मालवा क्षेत्र के कपास किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान होगा। पहले से ही लागत और मूल्य संकट झेल रहे किसानों की आय पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

MP  कांग्रेस का कहना है कि इस प्रकार का व्यापार समझौता स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था, मंडी व्यवस्था और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) प्रणाली पर दबाव डालेगा। इसका नतीजा नकदी संकट, रोजगार में कमी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव के रूप में सामने आएगा।

मंत्रियों से इस्तीफे की मांग

प्रदेश कांग्रेस ने आंदोलन के माध्यम से तीन मंत्रियों की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। इनमें शामिल हैं:

  • कैलाश विजयवर्गीय, भागीरथपुरा इंदौर में दूषित जल प्रकरण में जवाबदेही के लिए।
  • विजय शाह, जिन्होंने विवादित बयान दिए और कर्नल सोफिया से जुड़े मामले में आपत्तिजनक टिप्पणी की।
  • राजेंद्र शुक्ला, जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े गंभीर मामलों में जवाबदेही तय करने के लिए।

24 फरवरी का विधानसभा घेराव

MP कांग्रेस 24 फरवरी को भोपाल में विधानसभा का घेराव कर प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संबंध में विस्तृत श्वेत पत्र जारी करने की मांग करेगी। इसके साथ ही प्रदेश के किसानों के हितों की संवैधानिक और नीतिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों के लिए मूल्य सुरक्षा और आय संरक्षण की ठोस व्यवस्था लागू करने की भी मांग की जाएगी।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्याम कुमार गुड्डू चौहान ने कहा कि यह आंदोलन किसानों और मजदूरों के व्यापक हितों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में भाजपा द्वारा फैलाई गई अराजकता और हिंसा प्रशासन की विफलता का नतीजा है।

प्रदेश कांग्रेस का मानना है कि यदि इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि किसानों और आम जनता के हितों के खिलाफ किसी भी समझौते या नीतिगत निर्णय को बगैर व्यापक विचार और सुरक्षा के लागू नहीं किया जा सकता।

इस प्रकार 24 फरवरी की किसान-मजदूर चौपाल को सिर्फ विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हितों के लिए एक निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

 

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp