MP का मौसम आज 23 फरवरी 2026: बंगाल की खाड़ी का ‘लो प्रेशर’ सिस्टम लाया मौसम में बदलाव, कई जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी
MP में 23 फरवरी 2026 को मौसम विभाग ने मौसम के बदले मिज़ाज़ पर गंभीर चेतावनी जारी की है। जिस मौसम का लोग गर्मी और धूप का अनुमान लगा रहे थे, वही अचानक बारिश और तेज हवाओं का सिस्टम सक्रिय हो गया है। इसके पीछे मुख्य कारण दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) और उसके साथ मौजूद ट्रफ लाइन है, जिसने मॉनसून-पूर्व बारिश की संभावनाओं को बढ़ा दिया है।
बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर सिस्टम बढ़ा सकता है मौसम की उलझन
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बनी यह कम दबाव वाली स्थिति वायुमंडल में नमी की मात्रा बढ़ा रही है, जिससे पश्चिम-उत्तर की ओर बढ़ती हुई यह सिस्टम मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में असर दिखा रही है। आम तौर पर इस समय में MP के मौसम को शुष्क और ठंड से गर्मी में बदलने की प्रक्रिया में देखा जाता है, लेकिन इस लो प्रेशर सिस्टम की मौजूदगी से पूर्वी हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई जा रही है
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की दिशा में आगे बढ़ सकता है, जिससे भारत के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों सहित कुछ मध्य भारतीय इलाकों में भी मौसम में अस्थिरता दिखाई दे सकती है।
किस जिले में बारिश-आंधी का अलर्ट है?
आज के मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के पूर्वी आठ जिलों में विशेष तौर पर गरज-चमक के साथ तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें शामिल हैं:
- सीधी
- सिंगरौली
- शहडोल
- उमरिया
- अनूपपुर
- मंडला
- डिंडौरी
- बालाघाट
इन जिलों में सुबह से ही बादल छाए रहने और तूफानी हवाओं के साथ बिजली गिरने की संभावना है। आम जनता से सलाह दी गई है कि वे ऐसे मौसम में बाहर निकलते समय आवश्यक सावधानियां बरतें।
फरवरी में चौथी बार बारिश से फसलों को नई चिंता
इस वर्ष फरवरी माह मध्य प्रदेश में असामान्य मौसम गतिविधियों का गवाह रहा है। इसी महीने की शुरुआत में दो बार ओलावृष्टि और बारिश ने कृषि क्षेत्रों को प्रभावित किया था। 18 से 21 फरवरी के बीच तीसरी बार मौसम बिगड़ा और अब यह चौथी बार ऐसा मौसम बना है, जिससे खड़ी फसलों और किसानों को खतरा नजर आता है। उज्जैन और श्योपुर जैसे इलाकों में पिछले 24 घंटों में भी भारी बारिश के साथ 63 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली, जिससे खेतों में लगी फसलों को नुकसान का डर बढ़ गया है। इससे प्रभावित किसानों में चिंता स्पष्ट रूप से दिख रही है।
MP के अन्य हिस्सों में गर्मी का असर भी दिख रहा है
वहीं कुछ अन्य हिस्सों में मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार तापमान सामान्य से ऊपर रहा है। उदाहरण के लिए राजधानी भोपाल में दिन का तापमान 30°C के आसपास और न्यूनतम तापमान लगभग 15°C दर्ज हुआ, जिससे शुष्क मौसम का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बंगाल की खाड़ी पर बना लो प्रेशर सिस्टम अभी पूरी तरह मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय नहीं है, लेकिन उसके प्रभाव से हवा और बादलों की गतिविधि बढ़ सकती है।
क्या आगे भी मौसम में बदलाव रहेगा?
भारी बारिश या उथल-पुथल बने रहने की संभावना फिलहाल सीमित है, लेकिन लो प्रेशर सिस्टम का असर अन्य राज्यों में भी दिख रहा है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना रखता है, जिससे अगले कुछ दिनों में मौसम विभाग द्वारा आगे भी अलर्ट और चेतावनी जारी हो सकती है।
कुल मिलाकर, 23 फरवरी 2026 को MP के पूर्वी भागों के लिए बारिश तथा गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का मौसम संकेत मिलता है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में गर्मी और शुष्क मौसम जारी रह सकता है। किसानों, आम जनता और यात्रियों को चेतावनी के मद्देनज़र मौसम विभाग के संकेतों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
