MP में चना और मसूर खरीदी के लिए पंजीयन शुरू, 16 मार्च तक करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन
MP के किसानों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार ने रबी सीजन की प्रमुख दलहन फसलों—चना और मसूर—की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसान 20 फरवरी से 16 मार्च तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। इस बार भी सरकार ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की व्यवस्था की है, ताकि अधिक से अधिक किसान आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकें और समर्थन मूल्य का लाभ उठा सकें।
कृषि विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला स्तर पर खरीदी केंद्रों की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। अनुमान है कि अप्रैल माह से वास्तविक खरीदी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
हर साल की तरह इस साल भी MSP पर खरीदी
MP देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों में शामिल है। यहां बड़े पैमाने पर चना और मसूर की खेती होती है। किसानों को बाजार में उचित दाम मिले, इसके लिए राज्य सरकार हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी करती है। इससे किसानों को खुले बाजार में कम कीमत मिलने की स्थिति में सुरक्षा मिलती है।
इस वर्ष भी सरकार ने तय दरों पर खरीदी करने का निर्णय लिया है, ताकि किसानों की आय सुरक्षित रहे और उन्हें अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो।
समर्थन मूल्य तय
राज्य सरकार द्वारा इस सीजन के लिए चना और मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले ही घोषित किया जा चुका है।
- चना का समर्थन मूल्य: 5,875 रुपये प्रति क्विंटल
- मसूर का समर्थन मूल्य: 7,000 रुपये प्रति क्विंटल
इन दरों पर किसानों से उपज खरीदी जाएगी। किसानों को अपनी फसल बेचने से पहले पंजीयन और स्लॉट बुकिंग करना अनिवार्य होगा।
16 मार्च तक पंजीयन का मौका
चना और मसूर के लिए पंजीयन 21 फरवरी से शुरू हो चुका है और 16 मार्च तक जारी रहेगा। जिन किसानों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे अंतिम तिथि से पहले अपना नाम दर्ज करवा लें। पंजीयन के बाद किसानों को स्लॉट बुक करना होगा, जिसके आधार पर उन्हें फसल बेचने की तारीख और समय मिलेगा।
सरकार का प्रयास है कि खरीदी प्रक्रिया व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से पूरी हो, इसलिए बिना पंजीयन किसी भी किसान की उपज नहीं खरीदी जाएगी।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधा
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पंजीयन के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं।
ऑनलाइन पंजीयन के माध्यम:
- ई-उपार्जन पोर्टल
- एमपी ऑनलाइन
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
ऑफलाइन पंजीयन:
- संबंधित सहकारी समिति केंद्रों पर
जो किसान डिजिटल माध्यम से पंजीयन नहीं कर सकते, वे समिति केंद्रों पर जाकर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को भी सुविधा मिलेगी।
जरूरी दस्तावेज
पंजीयन के समय किसानों को कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जिनमें सामान्यतः शामिल हैं:
- आधार कार्ड
- बैंक खाते की जानकारी
- भूमि स्वामित्व या पट्टे से संबंधित दस्तावेज
- फसल की जानकारी
सही जानकारी दर्ज करना जरूरी है, क्योंकि भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जाएगा।
खरीदी केंद्रों पर तैयारियां
कृषि विभाग की ओर से जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि खरीदी केंद्रों पर सभी जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे किए जाएं। तौल कांटे, बारदाना, भंडारण व्यवस्था और भुगतान प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा रहा है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि किसानों को लंबी कतारों और अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
स्लॉट बुकिंग प्रणाली के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा, ताकि तय समय पर ही किसान अपनी उपज लेकर केंद्र पहुंचे और प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
किसानों को क्या रखना चाहिए ध्यान?
- अंतिम तिथि से पहले पंजीयन जरूर कराएं।
- स्लॉट बुकिंग समय पर करें।
- खरीदी केंद्र पर निर्धारित तारीख और समय पर ही पहुंचें।
- सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें।
- उपज को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार साफ-सुथरा रखें।
किसानों के लिए राहत का कदम
चना और मसूर की एमएसपी पर खरीदी किसानों के लिए राहत का बड़ा कदम है। बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के बीच यह व्यवस्था किसानों को न्यूनतम आय की गारंटी देती है। खासकर दलहन उत्पादक क्षेत्रों में इससे किसानों को आर्थिक स्थिरता मिलती है।
सरकार का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी, ताकि किसानों को समय पर भुगतान मिल सके।
निष्कर्ष
MP में चना और मसूर की खरीदी के लिए पंजीयन शुरू हो चुका है और 16 मार्च तक जारी रहेगा। किसान समय रहते रजिस्ट्रेशन कर समर्थन मूल्य का लाभ उठा सकते हैं। अप्रैल से खरीदी शुरू होने की संभावना है। ऐसे में किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे पंजीयन और स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया समय पर पूरी करें, ताकि उन्हें अपनी मेहनत की उपज का उचित मूल्य मिल सके।
